{"_id":"584c52c24f1c1be35944bdb5","slug":"the-theft-pakdhao-take-a-greater-reward-sonipat-bijli-nigam","type":"story","status":"publish","title_hn":"जितनी बड़ी चोरी पकड़ाओ, उतना बड़ा इनाम ले जाओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जितनी बड़ी चोरी पकड़ाओ, उतना बड़ा इनाम ले जाओ
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sun, 11 Dec 2016 12:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव हो या शहर, उद्योग हो या कृषि क्षेत्र, हर जगह बिजली चोरी को रोकने के लिए बिजली निगम की ओर से कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार की ओर से पहले ही शुरू की जा चुकी योजनाएं धड़ाम से गिर चुकी हैं। पिछले माह बिजली चोरी को रोकने के लिए चालू की गई स्वैच्छिक घोषणा योजना भी सिरे नहीं चढ़ पाई। अब निगम की ओर से बिजली चोरी रोकने के लिए नया प्लान जारी किया गया है। जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम। कोई भी व्यक्ति बिजली चोरी की जितनी बड़ी सूचना बिजली कार्यालय में देगा, उसको उतना बड़ा इनाम देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
स्वैच्छिक घोषणा योजना में केवल 27 लोग आए आगे
बिजली चोरी को रोकने के लिए 21 नवंबर को सरकार की ओर से मीटर में गड़बड़ी करने वालों के लिए स्वैच्छिक घोषणा योजना को शुरू की गई। यह योजना 31 दिसंबर तक जारी रहेगी। सरकार का मकसद चोरी को रोकना है, पिछले 20 दिनों के अंदर इस योजना का लाभ जिलेवासी नहीं ले पाए। स्वैच्छिक घोषणा योजना के अंतर्गत बिजली निगम की ओर से यह आदेश जारी हुए थे कि यदि उपभोक्ताओं के बिजली मीटर में गड़बड़ी की गई है तो तुरंत बिजली निगम के अधिकारियों को सूचना दें, लेकिन इस योजना के अंतर्गत जिलेभर से महज 27 लोग ही सामने आए।
बिजली निगम को 243 करोड़ का घाटा
21 नवंबर से ही शुरू हुई ब्याज माफी योजना में अब तक 1203 उपभोक्ता ही बिजली बिल को भरने के लिए आगे आ चुके हैं, लेकिन आज भी बिजली बिल न भरने से बिजली निगम 243 करोड़ का घाटा भुगत रहा है, जिसमें से अब तक महज 9 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है। आज भी लोग सरकार की ओर से शुरू की गई बिजली संबंधी योजनाओं को अनदेखा कर कुंडी लगाकर और मीटर में गड़बड़ी कर बिजली चोरियां कर रहे हैं।
विज्ञापन
म्हारा गांव जगमग गांव योजना : 26 में से 11 गांवों कर पाया पूरे
सरकार बनने के बाद शुरू की गई म्हारा गांव जगमग गांवों योजना के अंतर्गत बिजली निगम के अधिकारी 26 गांवों में से 11 गांवों में घरों से मीटर को बाहर निकाल पाए है। डेढ़ साल पहले ही इस योजना को शुरू किया गया था। निगम की ओर से इस योजना के अंतर्गत दो फेज में 26 गांवों को शामिल किया गया था। ग्रामीणों की ओर से इस योजना का विरोध किया जाने लगा तो बिजली निगम 11 गांवों में ही इस योजना को पूरा करवा सका। अब छह गांवों में 18 घंटे व 15 गांवों में 11 घंटे बिजली सप्लाई की जा रही है।
नहीं चली कोई योजना तो लाए रिवार्ड स्कीम
पहले से जारी स्कीमों में सफलता हाथ न लग पाने से अब सरकार की ओर से करीब 10 दिन पूर्व ही रिवार्ड स्कीम लाई गई है। बड़े से बड़े बिजली चोरों को पकड़वाने के लिए बड़ा से बड़ा इनाम बिजली निगम की ओर से देने का निर्णय लिया है। चाहे इसमें कोई भी सरपंच हो या आम आदमी या फिर बिजली कर्मी। बिजली अधिकारियों का कहना कि कोई भी व्यक्ति स्वैच्छिक घोषणा योजना के अंतर्गत लोगों को समझाकर बिजली कार्यालय पर बुलाएं या फिर ब्याज माफी योजना को पूर्ण सफल बनवाएं। उसको भी सम्मानित किया जाएगा।
10 हजार तक एससी, इससे ऊपर की इनामी राशि मिलेगी चंडीगढ़ से
योजना के तहत बिजली चोरी पकड़वाने के लिए 10 हजार की इनामी राशि जिला स्तर पर एससी देंगे, जबकि इससे ऊपर की इनामी राशि चंडीगढ़ ऑफिस से जारी होगी। खास बात यह है कि बिजली निगम केस की गहराई से जांच करेगा। सूचना का निगम का कितना फायदा हुआ, उसकी रिपोर्ट एससी तैयार करेंगे। तब इनामी राशि मिलेगी। कोई कानूनी तौर पर निगम को इनाम देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इस योजना के तहत 10 हजार से पांच लाख रुपये तक इनामी राशि ली जा सकती है।
रिवार्ड स्कीम के अंतर्गत बिजली चोरी करने वाले या चोरी को कराने वाले गैंग को पकड़वाकर इसकी सूचना बिजली निगम को दिया जाएगा तो उसको उसी चोरी के हिसाब से सम्मानित किया जाएगा। इस योजना को पहले भी वर्ष 2012 में भी शुरू किया गया था।
एसएन शर्मा, एसई, बिजली निगम
विज्ञापन
स्वैच्छिक घोषणा योजना में केवल 27 लोग आए आगे
बिजली चोरी को रोकने के लिए 21 नवंबर को सरकार की ओर से मीटर में गड़बड़ी करने वालों के लिए स्वैच्छिक घोषणा योजना को शुरू की गई। यह योजना 31 दिसंबर तक जारी रहेगी। सरकार का मकसद चोरी को रोकना है, पिछले 20 दिनों के अंदर इस योजना का लाभ जिलेवासी नहीं ले पाए। स्वैच्छिक घोषणा योजना के अंतर्गत बिजली निगम की ओर से यह आदेश जारी हुए थे कि यदि उपभोक्ताओं के बिजली मीटर में गड़बड़ी की गई है तो तुरंत बिजली निगम के अधिकारियों को सूचना दें, लेकिन इस योजना के अंतर्गत जिलेभर से महज 27 लोग ही सामने आए।
विज्ञापन
बिजली निगम को 243 करोड़ का घाटा
21 नवंबर से ही शुरू हुई ब्याज माफी योजना में अब तक 1203 उपभोक्ता ही बिजली बिल को भरने के लिए आगे आ चुके हैं, लेकिन आज भी बिजली बिल न भरने से बिजली निगम 243 करोड़ का घाटा भुगत रहा है, जिसमें से अब तक महज 9 करोड़ रुपये की ही वसूली हो पाई है। आज भी लोग सरकार की ओर से शुरू की गई बिजली संबंधी योजनाओं को अनदेखा कर कुंडी लगाकर और मीटर में गड़बड़ी कर बिजली चोरियां कर रहे हैं।
विज्ञापन
म्हारा गांव जगमग गांव योजना : 26 में से 11 गांवों कर पाया पूरे
सरकार बनने के बाद शुरू की गई म्हारा गांव जगमग गांवों योजना के अंतर्गत बिजली निगम के अधिकारी 26 गांवों में से 11 गांवों में घरों से मीटर को बाहर निकाल पाए है। डेढ़ साल पहले ही इस योजना को शुरू किया गया था। निगम की ओर से इस योजना के अंतर्गत दो फेज में 26 गांवों को शामिल किया गया था। ग्रामीणों की ओर से इस योजना का विरोध किया जाने लगा तो बिजली निगम 11 गांवों में ही इस योजना को पूरा करवा सका। अब छह गांवों में 18 घंटे व 15 गांवों में 11 घंटे बिजली सप्लाई की जा रही है।
नहीं चली कोई योजना तो लाए रिवार्ड स्कीम
पहले से जारी स्कीमों में सफलता हाथ न लग पाने से अब सरकार की ओर से करीब 10 दिन पूर्व ही रिवार्ड स्कीम लाई गई है। बड़े से बड़े बिजली चोरों को पकड़वाने के लिए बड़ा से बड़ा इनाम बिजली निगम की ओर से देने का निर्णय लिया है। चाहे इसमें कोई भी सरपंच हो या आम आदमी या फिर बिजली कर्मी। बिजली अधिकारियों का कहना कि कोई भी व्यक्ति स्वैच्छिक घोषणा योजना के अंतर्गत लोगों को समझाकर बिजली कार्यालय पर बुलाएं या फिर ब्याज माफी योजना को पूर्ण सफल बनवाएं। उसको भी सम्मानित किया जाएगा।
10 हजार तक एससी, इससे ऊपर की इनामी राशि मिलेगी चंडीगढ़ से
योजना के तहत बिजली चोरी पकड़वाने के लिए 10 हजार की इनामी राशि जिला स्तर पर एससी देंगे, जबकि इससे ऊपर की इनामी राशि चंडीगढ़ ऑफिस से जारी होगी। खास बात यह है कि बिजली निगम केस की गहराई से जांच करेगा। सूचना का निगम का कितना फायदा हुआ, उसकी रिपोर्ट एससी तैयार करेंगे। तब इनामी राशि मिलेगी। कोई कानूनी तौर पर निगम को इनाम देने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। इस योजना के तहत 10 हजार से पांच लाख रुपये तक इनामी राशि ली जा सकती है।
रिवार्ड स्कीम के अंतर्गत बिजली चोरी करने वाले या चोरी को कराने वाले गैंग को पकड़वाकर इसकी सूचना बिजली निगम को दिया जाएगा तो उसको उसी चोरी के हिसाब से सम्मानित किया जाएगा। इस योजना को पहले भी वर्ष 2012 में भी शुरू किया गया था।
एसएन शर्मा, एसई, बिजली निगम