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700 निगम कर्मियों की हड़ताल, अफसरों को कार्यालय में नहीं बैठने दिया, सफाई व्यवस्था चरमराने के साथ लोग परेशान

Wed, 28 Aug 2019 01:27 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2019 01:27 AM IST
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ज्वाइंट कमिश्रर के ऑफिस पर लगा ताला - फोटो : Sonipat
सोनीपत। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर बुधवार को निगम के 700 से ज्यादा सफाई, फायर और अन्य कर्मियों ने तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। इस दौरान उन्होंने नगर निगम के गेट पर धरना दिया। हड़ताल के चलते निगम कार्यालय में काम प्रभावित रहा और अधिकारियों तक को कार्यालय में नहीं बैठने दिया गया। उनके कार्यालयों की चाबी अपने पास रखकर ताले नहीं खोल, जिससे उनको बाहर ही रहना पड़ा। निगम में अपने कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशान होकर लौटना पड़ा। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
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कर्मचारियों ने मंगलवार सुबह ही नगर निगम के मुख्य गेट पर ही टेंट लगा दिया और वहां धरना देकर हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने किसी भी बाइक और कार को नगर निगम कार्यालय के अंदर नहीं जाने दिया। वहीं निगम में काम कराने के लिए आने वाले लोग सभी ऑफिसों पर ताला लटका देख लौट गए। निगम में हड़ताल होने के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। राज्य कमेटी उपप्रधान संदीप कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार ने चुनावी घोषणा पत्र में उनकी सभी मांगों को पूरा करने की बात कही थी, लेकिन पांच साल पूरे होने के बाद भी प्रदेश सरकार ने अपना एक भी वादा पूरा नहीं किया, जबकि सर्व कर्मचारी संघ धरना प्रदर्शन कर सरकार को उनके द्वारा किए गए वादों को याद दिलाता रहा।
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संदीप ने कहा कि 20 जुलाई को सीएम और संघ के पदाधिकारियों के बीच वार्ता हुई थी, जिसमें संघ ने विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पंजाब के समान वेतन लागू करने, एनपीएस को रद्द कर पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने, एचआरए में बढ़ोतरी कर बकाया एरियर का भुगतान करने, विजिलेंस द्वारा घोटाले का पर्दाफाश होने के बावजूद रोडवेज में लागू की जा रही किलोमीटर स्कीम को रद्द करने, शिक्षा, स्वास्थ्य बिजली समेत अन्य जनस्वास्थ्य विभागों में आउटसोर्सिंग और निजीकरण की नीतियों पर रोक लगाने, ठेकेदारों को बीच से हटाकर ठेका कर्मचारियों को सीधे विभागों में रखने, अनुबंध कर्मचारियों को समान काम समान वेतन और सेवा प्रदान करने की मांग रखी गई थी, लेकिन सरकार ने इन सभी मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया है। जिसके चलते प्रदेश के सभी कर्मचारी तीन दिवसीय हड़ताल पर गए हैं। यदि तीन दिन की हड़ताल में उनकी मांगों को नहीं माना गया तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन कर दी जाएगी। इसके साथ आठ सितंबर को सभी कर्मचारी करनाल में आक्रोश रैली निकालकर रोष प्रकट करेंगे। इस दौरान अजीत, प्रधान बलराज, राजू खत्री, संदीप, सुंदर सैनी, अमित दहिया, रामे शर्मा, आनंद शर्मा, सुनीता आदि मौजूद रहे।
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शहर में जगह-जगह लग गए गंदगी के ढेर
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल सेे सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ती दिखने लगी है। शहर के विभिन्न मार्गों पर गंदगी के ढेर लगे रहे। शहर से प्रतिदिन करीब 80 टन कूड़ा निकलता है, लेकिन हड़ताल के कारण कूड़े का उठान अधिकतर जगह से नहीं हो पाया। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। धरने पर स्थानीय प्रधान अजीत सिंह ने कहा कि नगर निगम में प्रतिवर्ष सफाई व्यवस्था के लिए ठेका राशि बढ़ा दी जाती है, लेकिन कर्मचारियों की संख्या प्रति वर्ष कम होती जा रही है। इस तरह सफाईकर्मियों का उत्पीड़न किया जा रहा है और उनको किसी तरह की सुविधा नहीं मिल रही है। इसके अलावा भी कोई मांग पूरी नहीं हो रही है।
कर्मचारियों ने नहीं दी चाबी तो अफसर भी बाहर खड़े रहे
नगर निगम अधिकारियों के कार्यालयों की चाबी भी कर्मचारियों के पास रहती है। कर्मचारियों ने किसी भी अधिकारी को कार्यालय को चाबी नहीं दी और उनका कार्यालय खुद भी नहीं खोला। जिससे सभी अधिकारियों के कार्यालय पर दिनभर ताला लटका रहा। नगर निगम के फायर ब्रिगेड, सफाई कर्मचारी, क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर, पटवारी समेत अन्य रहे। वहीं निगम में काम कराने के लिए आने वाले लोग भी ऑफिसों पर ताले लटके देख गर्मी में परेशान होकर वापस लौटते रहे। हालांकि इस दौरान हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने निगम के अंदर किसी भी बाइक और कार को नहीं जाने दिया, जिसके चलते निगम गेट के सामने वाहनों की भीड़ लगी रही।

कई दुकानदारों ने खुद की सफाई
शहर में साफ-सफाई नहीं होने की वजह से कई दुकानदारों ने अपनी दुकान के आसपास खुद झाड़ू लगाकर सफाई की। वहीं दुकानदारों ने कहा कि अगर तीन दिन तक लगातार सफाई नहीं हुई तो स्थिति काफी बदतर हो जाएगी।

नगर निगम के गेट पर हड़ताल पर बैठे सर्व कर्मचारी संघ के सदस्य।

नगर निगम के गेट पर हड़ताल पर बैठे सर्व कर्मचारी संघ के सदस्य।- फोटो : Sonipat

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