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एनएचएम हड़ताल की भेंट चढ़ी एक और जिंदगी
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sat, 29 Oct 2016 12:50 AM IST
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एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए।
- फोटो : sonipat
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एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल का चौथे दिन एक युवक की जिंदगी पर भारी पड़ गया। शुक्रवार को समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण सड़क हादसे में घायल लक्ष्य ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। गांव कमासपुर के पास नेशनल हाईवे पर सड़क पार कर रहे दीपालपुर निवासी लक्ष्य और विकास को तेज गति से आ रही बाइक ने टक्कर मार दी। हड़ताल के कारण दोनों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी।
जब उन्हें निजी वाहन में सामान्य अस्पताल ले जाया गया तो डाक्टरों ने लक्ष्य को मृत घोषित कर दिया। वहीं, विकास को गंभीर हालत में रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है। यहां भी निजी एंबुलेंस संचालकों ने अस्पताल प्रशासन के आदेशों का पालन नहीं किया और विकास को रोहतक ले जाने के नाम पर उसके परिजनों से 1500 रुपये वसूल लिए। बता दें कि सड़क हादसे में घायलों को निशुल्क एंबुलेंस मुहैया करवाने के सरकारी आदेश हैं।
आम आदमी पार्टी ने दिया समर्थन
हड़ताल के चौथे दिन एनएचएम एंप्लाइज एसोसिएशन के छह पदाधिकारियों को बर्खास्त करने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर रहे। वहीं, हड़ताल पर बैठे आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने भी कर्मचारियों के धरने को समर्थन दिया और सरकार का पुतला फूंका।
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एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेश छिक्कारा ने कहा कि कर्मचारियों को बर्खास्त कर सरकार उन्हें अपनी मांगों से पीछे नहीं हटा सकती है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नागरिक अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत लगभग 560 स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर हैं। इस कारण पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास पहले ही स्टाफ की कमी है। ऐसे में एक साथ इतने कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
आपातकालीन सेवाएं प्रभावित
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रेफर करने में मुश्किल हो रही है। निजी एंबुलेंस चालकों की सेवाएं लेने के बावजूद व्यवस्था संभल नहीं रही है। वहीं, विभाग के निर्देशों के बाद भी एंबुलेंस चालकों द्वारा मरीजों से किराया वसूलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
एसोसिएशन के छह पदाधिकारियों को बर्खास्त करने के बाद अन्य कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। लेकिन कर्मचारियों ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है। मुख्यालय से भी ड्यूटी ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई भी की जाएगी।
जेएस पूनिया, सिविल सर्जन, सोनीपत
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जब उन्हें निजी वाहन में सामान्य अस्पताल ले जाया गया तो डाक्टरों ने लक्ष्य को मृत घोषित कर दिया। वहीं, विकास को गंभीर हालत में रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है। यहां भी निजी एंबुलेंस संचालकों ने अस्पताल प्रशासन के आदेशों का पालन नहीं किया और विकास को रोहतक ले जाने के नाम पर उसके परिजनों से 1500 रुपये वसूल लिए। बता दें कि सड़क हादसे में घायलों को निशुल्क एंबुलेंस मुहैया करवाने के सरकारी आदेश हैं।
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आम आदमी पार्टी ने दिया समर्थन
हड़ताल के चौथे दिन एनएचएम एंप्लाइज एसोसिएशन के छह पदाधिकारियों को बर्खास्त करने के बाद भी स्वास्थ्य कर्मचारी हड़ताल पर रहे। वहीं, हड़ताल पर बैठे आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने भी कर्मचारियों के धरने को समर्थन दिया और सरकार का पुतला फूंका।
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एसोसिएशन के जिला प्रधान राजेश छिक्कारा ने कहा कि कर्मचारियों को बर्खास्त कर सरकार उन्हें अपनी मांगों से पीछे नहीं हटा सकती है। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत नागरिक अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत लगभग 560 स्वास्थ्य कर्मी हड़ताल पर हैं। इस कारण पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास पहले ही स्टाफ की कमी है। ऐसे में एक साथ इतने कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
आपातकालीन सेवाएं प्रभावित
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। गंभीर मरीजों को इलाज के लिए रेफर करने में मुश्किल हो रही है। निजी एंबुलेंस चालकों की सेवाएं लेने के बावजूद व्यवस्था संभल नहीं रही है। वहीं, विभाग के निर्देशों के बाद भी एंबुलेंस चालकों द्वारा मरीजों से किराया वसूलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
एसोसिएशन के छह पदाधिकारियों को बर्खास्त करने के बाद अन्य कर्मचारियों को ड्यूटी ज्वाइन करनी थी। लेकिन कर्मचारियों ने ड्यूटी ज्वाइन नहीं की है। मुख्यालय से भी ड्यूटी ज्वाइन करने वाले कर्मचारियों की सूची मांगी गई है। अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई भी की जाएगी।
जेएस पूनिया, सिविल सर्जन, सोनीपत