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Sonipat News: चार वर्ष पहले शुरू की स्ट्रॉबेरी की खेती, अब कमा रहे लाखों रुपये
Sun, 25 Feb 2024 10:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 25 Feb 2024 10:34 PM IST
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गन्नौर के गांव खेड़ी गुज्जर में पैकिंग के लिए स्ट्रॉबेरी तोड़ते किसान दिनेश व अन्य। संवाद
कपिल शर्मा
गन्नौर। परंपरागत खेती से हटकर फल व अन्य तरह की खेती कर कई किसानों ने सफलता पाई है। ऐसे ही किसानों में गांव खेड़ी गुज्जर निवासी दिनेश कुमार शामिल हैं जो स्ट्रॉबेरी की खेती कर हर वर्ष 10-12 लाख रुपये कमा रहे हैं बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दिया है।
किसान दिनेश ने बताया कि उसके पिता भी परंपरागत खेती करते हैं। उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी और वर्ष 2021 में गांव बजाना निवासी किसान प्रवीण से मिले। प्रवीण काफी समय से स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं। उनसे स्ट्रॉबेरी के खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस बारे में जब घर वालों से बात की और इसे शुरू करने की इच्छा जताई तो सभी ने इंकार कर दिया था। उन्होंने कुछ अलग करने की ठान रखी थी और वह इस खेती को किसी भी हालत में शुरू करने का मन बना चुके थे।
बताया कि उन्होंने 2022 में आधा एकड़ से स्ट्रॉबेरी की खेती की शुरुआत की। इसमें उन्हें शुरू में खर्च निकाल कर 7 महीने की खेती में करीब ढाई लाख रुपये की बचत हुई। अच्छी कमाई होने से उनके हौसले और बुलंद हो गए। इसके बाद परिजनों का भी सहारा मिल गया। उन्होंने अपनी खेती को आगे बढ़ाया और 2 एकड़ में फसल की शुरुआत की। दो एकड़ की फसल में उनका करीब 20 लाख रुपये खर्च आया। इसमें खर्च निकालकर करीब 10 से 12 लाख रुपये की बचत हुई। वर्तमान में वह चार एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती कर हर वर्ष लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं।
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सितंबर से अप्रैल तक चलता है सीजन
किसान दिनेश ने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती का सीजन सितंबर में शुरू होकर अप्रैल तक चलता है। उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी के बीज वह पुणे से मंगवाते हैं। बीज आने के बाद खेत की अच्छी तरह सफाई कर लाइनें बनाकर उसमें बीज लगा दिया जाता है। उस पर पॉलीथिन ढंकी जाती है, ताकि फसल खराब न हो। कुछ दिनों बाद फसल आनी शुरु हो जाती है जिसे वह बाजार में बेच देते हैं।
40 लोगों को मिला है रोजगार
किसान दिनेश ने बताया कि उनके पास करीब 40 लोग काम करते हैं। उन्होंने शुरुआत में तीन लोगों को रोजगार दिया था। अब खेती के साथ करीब 40 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। अब उनसे प्रेरित होकर दूसरे किसान भी इस खेती के प्रति जागरूक हो रहे हैं और स्ट्रॉबेरी की खेती करने के लिए जानकारी हासिल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक एकड़ में करीब 4 से 5 लाख रुपये का खर्च आता है और करीब 10 से 12 लाख रुपये की बचत होती है। उनकी स्ट्रॉबेरी की मांग आजादपुर मंडी के अलावा गुवाहाटी व नागपुर में भी है।
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गन्नौर। परंपरागत खेती से हटकर फल व अन्य तरह की खेती कर कई किसानों ने सफलता पाई है। ऐसे ही किसानों में गांव खेड़ी गुज्जर निवासी दिनेश कुमार शामिल हैं जो स्ट्रॉबेरी की खेती कर हर वर्ष 10-12 लाख रुपये कमा रहे हैं बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दिया है।
किसान दिनेश ने बताया कि उसके पिता भी परंपरागत खेती करते हैं। उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी और वर्ष 2021 में गांव बजाना निवासी किसान प्रवीण से मिले। प्रवीण काफी समय से स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं। उनसे स्ट्रॉबेरी के खेती के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस बारे में जब घर वालों से बात की और इसे शुरू करने की इच्छा जताई तो सभी ने इंकार कर दिया था। उन्होंने कुछ अलग करने की ठान रखी थी और वह इस खेती को किसी भी हालत में शुरू करने का मन बना चुके थे।
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बताया कि उन्होंने 2022 में आधा एकड़ से स्ट्रॉबेरी की खेती की शुरुआत की। इसमें उन्हें शुरू में खर्च निकाल कर 7 महीने की खेती में करीब ढाई लाख रुपये की बचत हुई। अच्छी कमाई होने से उनके हौसले और बुलंद हो गए। इसके बाद परिजनों का भी सहारा मिल गया। उन्होंने अपनी खेती को आगे बढ़ाया और 2 एकड़ में फसल की शुरुआत की। दो एकड़ की फसल में उनका करीब 20 लाख रुपये खर्च आया। इसमें खर्च निकालकर करीब 10 से 12 लाख रुपये की बचत हुई। वर्तमान में वह चार एकड़ में स्ट्रॉबेरी की खेती कर हर वर्ष लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं।
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सितंबर से अप्रैल तक चलता है सीजन
किसान दिनेश ने बताया कि स्ट्रॉबेरी की खेती का सीजन सितंबर में शुरू होकर अप्रैल तक चलता है। उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी के बीज वह पुणे से मंगवाते हैं। बीज आने के बाद खेत की अच्छी तरह सफाई कर लाइनें बनाकर उसमें बीज लगा दिया जाता है। उस पर पॉलीथिन ढंकी जाती है, ताकि फसल खराब न हो। कुछ दिनों बाद फसल आनी शुरु हो जाती है जिसे वह बाजार में बेच देते हैं।
40 लोगों को मिला है रोजगार
किसान दिनेश ने बताया कि उनके पास करीब 40 लोग काम करते हैं। उन्होंने शुरुआत में तीन लोगों को रोजगार दिया था। अब खेती के साथ करीब 40 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। अब उनसे प्रेरित होकर दूसरे किसान भी इस खेती के प्रति जागरूक हो रहे हैं और स्ट्रॉबेरी की खेती करने के लिए जानकारी हासिल कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक एकड़ में करीब 4 से 5 लाख रुपये का खर्च आता है और करीब 10 से 12 लाख रुपये की बचत होती है। उनकी स्ट्रॉबेरी की मांग आजादपुर मंडी के अलावा गुवाहाटी व नागपुर में भी है।