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सर्जन तीन साल से तैनात, फिर भी ऑपरेशन को मरीज हो रहे रेफर
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Tue, 07 Feb 2017 12:29 AM IST
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सिविल अस्पताल परिसर
- फोटो : bureau
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सरकार भले ही लोगों को मुफ्त इलाज के लाख दावे करे, लेकिन अस्पतालों में जब सुविधाएं ही नहीं होंगी तो मुफ्त में इलाज कैसे होगा। हालात यह है कि अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात कर दिए गए हैं, लेकिन वह सुविधाओं के अभाव में अपना पूरा काम नहीं कर पा रहे हैं। ऐसा ही यहां के नागरिक अस्पताल में चल रहा है, जहां ईएनटी (कान, नाक व गला) सर्जन तीन साल से तैनात हैं, लेकिन कान का ऑपरेशन करने को मशीन नहीं है। इस कारण ही मरीजों को यहां से रेफर कर दिया जाता है और उनको परेशानी उठानी पड़ती है।
नागरिक अस्पताल में करीब तीन वर्ष पहले ईएनटी विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई। जहां अपना इलाज कराने के लिए रोजाना ईएनटी के करीब 100-150 मरीज आते हैं। यहां पर विशेषज्ञ की ओर से नाक व गले के ऑपरेशन के लिए मरीजों को सुविधा दी जा रही है, लेकिन कान के पर्दे के ऑपरेशन के लिए मशीन न होने से मरीजों को पीजीआई खानपुर या रोहतक रेफर कर दिया जाता है। इस तरह से सिस्टम पिछले कई सालों से चला आ रहा है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों की समस्याओं को दूर करने के लिए मुख्यालय की ओर से कोई विशेष कदम नहीं उठाया जा रहा।
हर माह दर्जनों मरीज रेफर
कान के ऑपरेशन के लिए माइक्रोस्कॉप मशीन का प्रयोग किया जाता है। नागरिक अस्पताल में इस मशीन की उपलब्धता न होने से हर माह दर्जनों मरीजों को ऑपरेशन के लिए रेफर कर दिया जाता है। कान के मरीजों को अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीज परेशानी को देखते हुए भी ऑपरेशन तक नहीं करा पाते।
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मशीन के लिए लगातार भेज रहे है प्रपोजल
सिविल अस्पताल में माइक्रोस्कॉप मशीन के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से बार-बार स्वास्थ्य विभाग को प्रपोजल भेजा रहा है। माइक्रोस्कॉप की कीमत करीब 10-12 लाख है। छह बार भेजे गए प्रपोजल पर मुख्यालय की ओर से अस्पताल प्रशासन को कोई जवाब तक नहीं मिल रहा है। मशीनों की उपलब्धता न होने से मरीजों को खानपुर या रोहतक रेफर किया जा रहा है।
डॉ. प्रदीप लाकड़ा, ईएनटी विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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नागरिक अस्पताल में करीब तीन वर्ष पहले ईएनटी विशेषज्ञ की नियुक्ति की गई। जहां अपना इलाज कराने के लिए रोजाना ईएनटी के करीब 100-150 मरीज आते हैं। यहां पर विशेषज्ञ की ओर से नाक व गले के ऑपरेशन के लिए मरीजों को सुविधा दी जा रही है, लेकिन कान के पर्दे के ऑपरेशन के लिए मशीन न होने से मरीजों को पीजीआई खानपुर या रोहतक रेफर कर दिया जाता है। इस तरह से सिस्टम पिछले कई सालों से चला आ रहा है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों की समस्याओं को दूर करने के लिए मुख्यालय की ओर से कोई विशेष कदम नहीं उठाया जा रहा।
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हर माह दर्जनों मरीज रेफर
कान के ऑपरेशन के लिए माइक्रोस्कॉप मशीन का प्रयोग किया जाता है। नागरिक अस्पताल में इस मशीन की उपलब्धता न होने से हर माह दर्जनों मरीजों को ऑपरेशन के लिए रेफर कर दिया जाता है। कान के मरीजों को अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा न होने से परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीज परेशानी को देखते हुए भी ऑपरेशन तक नहीं करा पाते।
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मशीन के लिए लगातार भेज रहे है प्रपोजल
सिविल अस्पताल में माइक्रोस्कॉप मशीन के लिए अस्पताल प्रशासन की ओर से बार-बार स्वास्थ्य विभाग को प्रपोजल भेजा रहा है। माइक्रोस्कॉप की कीमत करीब 10-12 लाख है। छह बार भेजे गए प्रपोजल पर मुख्यालय की ओर से अस्पताल प्रशासन को कोई जवाब तक नहीं मिल रहा है। मशीनों की उपलब्धता न होने से मरीजों को खानपुर या रोहतक रेफर किया जा रहा है।
डॉ. प्रदीप लाकड़ा, ईएनटी विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल