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ट्रैक्टर की टक्कर से कार सवार मां-बेटे की मौत
अमर उजाला ब्यूरो गोहाना।
Updated Mon, 19 Dec 2016 12:39 AM IST
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हादसे के बाद घटनास्थल पर पहुंचे परिजन।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी से अंबाला परीक्षा देने जा रहे कार सवार महिला व उसके तीन साल के बेटे की मौत गोहाना-महम मार्ग के पास सड़क हादसे में हो गई, जबकि मृतका के पति समेत परीक्षा देने जा रहीं तीन अन्य महिलाएं भी घायल हो गईं। घायलों का इलाज के लिए बीपीएस मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां ले जाया गया था, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई, जबकि मृतकों का पोस्टमार्टम करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
रविवार तड़के गोहाना-महम मार्ग पर हुए एक दर्दनाक हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई। भिवानी के विद्यानगर निवासी सुलक्षणा पति प्रविंद्र व तीन साल के बेटे नकुल को साथ लेकर अपनी कार में सवार होकर अंबाला में एचएसएससी की परीक्षा देने के लिए जा रहे थे। उनके साथ पड़ोस में रहने सुनीता पत्नी अनिल, रीतू पत्नी संदीप व भारत नगर निवासी ममता पत्नी प्रदीप भी थे। उन तीनों को भी अंबाला में ही परीक्षा देनी थी। जैसे ही वे गांव कथूरा के पास पहुंचे तो वे गन्ने से भरी ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गए। टक्कर इतनी तेज थी कि महिला सुलक्षणा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके बच्चे नकुल को बीपीएस मेडिकल कॉलेज में पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतका सुलक्षणा के पति के बयान पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
सड़क हादसे में दो नहीं तीन जान गईं
गोहाना-महम मार्ग पर हुए सड़क हादसे में दो नहीं तीन जान गई हैं। हादसे में दो जानें मां-बेटा के अलावा वह तीसरी नन्ही जान भी चली गई, जिसने अभी दुनिया में कदम भी नहीं रखा था। मृतक महिला सुलक्षणा करीब पांच माह की गर्भवती थी। मृतका के भाई डॉ. वीरेंद्र ने बताया कि उसकी बहन गर्भवती थी तथा परीक्षा देने के लिए पूरी तैयारी की थी और अपने बल पर जीवन में आगे बढ़ना चाहती थी। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य चाहते थे कि डिलीवरी के बाद नौकरी आदि का प्रयास किया जाए। सुलक्षणा काफी समय से इसके लिए मेहनत कर रही थी। इसीलिए परिवार ने उसकी मेहनत को देखते हुए उसे परीक्षा देने के लिए सहमति प्रदान की थी।
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घायलों को बचाने के लिए सुलक्षणा को छोड़ गए थे
हादसे के बाद जब सुलक्षणा के पति प्रविंद्र ने देखा कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है और उसका बेटा नकुल अभी जिंदा है तथा पीछे बैठी तीनों महिलाएं घायल हुई हैं, तो वह उन्हें लेकर एक अन्य वाहन में तुरंत खानपुर कलां के बीपीएस स्थित मेडिकल कॉलेज ले गया। जहां तीनों का उपचार कराया गया। हालांकि चिकित्सकों ने उसके तीन साल के बेटे नकुल को मृत घोषित कर दिया। फिर भी उसकी प्राथमिकता थी कि उसके साथ आई तीन महिलाओं को समय पर उपचार मिलना चाहिए, ताकि उनकी जान को कोई जोखिम न होने पाए।
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रविवार तड़के गोहाना-महम मार्ग पर हुए एक दर्दनाक हादसे में मां-बेटे की मौत हो गई। भिवानी के विद्यानगर निवासी सुलक्षणा पति प्रविंद्र व तीन साल के बेटे नकुल को साथ लेकर अपनी कार में सवार होकर अंबाला में एचएसएससी की परीक्षा देने के लिए जा रहे थे। उनके साथ पड़ोस में रहने सुनीता पत्नी अनिल, रीतू पत्नी संदीप व भारत नगर निवासी ममता पत्नी प्रदीप भी थे। उन तीनों को भी अंबाला में ही परीक्षा देनी थी। जैसे ही वे गांव कथूरा के पास पहुंचे तो वे गन्ने से भरी ट्रैक्टर-ट्राली से टकरा गए। टक्कर इतनी तेज थी कि महिला सुलक्षणा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके बच्चे नकुल को बीपीएस मेडिकल कॉलेज में पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतका सुलक्षणा के पति के बयान पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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सड़क हादसे में दो नहीं तीन जान गईं
गोहाना-महम मार्ग पर हुए सड़क हादसे में दो नहीं तीन जान गई हैं। हादसे में दो जानें मां-बेटा के अलावा वह तीसरी नन्ही जान भी चली गई, जिसने अभी दुनिया में कदम भी नहीं रखा था। मृतक महिला सुलक्षणा करीब पांच माह की गर्भवती थी। मृतका के भाई डॉ. वीरेंद्र ने बताया कि उसकी बहन गर्भवती थी तथा परीक्षा देने के लिए पूरी तैयारी की थी और अपने बल पर जीवन में आगे बढ़ना चाहती थी। हालांकि परिवार के कुछ सदस्य चाहते थे कि डिलीवरी के बाद नौकरी आदि का प्रयास किया जाए। सुलक्षणा काफी समय से इसके लिए मेहनत कर रही थी। इसीलिए परिवार ने उसकी मेहनत को देखते हुए उसे परीक्षा देने के लिए सहमति प्रदान की थी।
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घायलों को बचाने के लिए सुलक्षणा को छोड़ गए थे
हादसे के बाद जब सुलक्षणा के पति प्रविंद्र ने देखा कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है और उसका बेटा नकुल अभी जिंदा है तथा पीछे बैठी तीनों महिलाएं घायल हुई हैं, तो वह उन्हें लेकर एक अन्य वाहन में तुरंत खानपुर कलां के बीपीएस स्थित मेडिकल कॉलेज ले गया। जहां तीनों का उपचार कराया गया। हालांकि चिकित्सकों ने उसके तीन साल के बेटे नकुल को मृत घोषित कर दिया। फिर भी उसकी प्राथमिकता थी कि उसके साथ आई तीन महिलाओं को समय पर उपचार मिलना चाहिए, ताकि उनकी जान को कोई जोखिम न होने पाए।