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अगस्त 2017 में केजीपी पर दौड़ने लगेंगे वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 14 Jul 2016 12:08 AM IST
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केजीपी का हेलीकॉप्टर से निरीक्षण करने के लिए गाजियाबाद की ओर रवाना होते एनएचआई के चेयरमैन राघवचंद्रा व अन्य अधिकारी।
- फोटो : bureau
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के चेयरमैन राघव चंद्रा ने कहा कि कुंडली से गाजियाबाद तक बनाए जा रहे ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे (केजीपी) के निर्माण का लक्ष्य सुप्रीम कोर्ट ने जून 2018 तक दिया है। हालांकि हम इस एक्सप्रेस-वे को अगस्त 2017 में पूरा कर इसे ट्रैफिक के लिए खोल देंगे। इसी के चलते दिनरात काम किया जा रहा है। चंद्रा बुधवार को कुंडली से पलवल तक सड़क निर्माण का हवाई निरीक्षण करने से पहले मनौली गांव में यमुना पर बन रहे पुल और सड़क का निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
चंद्रा ने कहा कि केजीपी के निर्माण की सभी शासकीय और जमीन अधिग्रहण से संबंधित बाधाएं दूर कर ली गई हैं। पूरा काम छह अलग-अलग फेज में किया जा रहा है। इनमें अलग-अलग कंपनियों के निर्माण के लिए ठेके दिए गए हैं। पूरे प्रोजेक्ट में यमुना नदी पर दो पुलों का निर्माण किया जा रहा है और इसके लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय से मंजूरी लेकर काम तेज कर दिया है। सड़क निर्माण की विशेषताओं के संबंध में बताते हुए उन्होंने कहा कि सड़क के निर्माण के लिए फ्लाई एश का प्रयोग किया जा रहा है और इसके लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने पानीपत, दादरी, झज्जर और बदरपुर थर्मल प्लांट से फ्लाई एश देने के लिए मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि यहां से प्रतिदिन 12 हजार ट्रक दिनरात फ्लाई एश की आपूर्ति करेंगे और इसके लिए केंद्रीय ऊर्जा सचिव पीके पुजारी ने सभी थर्मल प्लांटों को निर्देश दिए हैं।
हर रोज डाल रहे दो हजार ट्रक मिट्टी
एनएचआई चेयरमैन ने बताया कि सड़क पर फिलहाल प्रतिदिन दो हजार ट्रकों से (एक लाख 20 हजार क्यूबिक टन) मिट्टी की भराई की जा रही है और इसे दो गुना रफ्तार से करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण की तेजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक कंपनी ने पिछले महीने 100 करोड़ रुपये का काम कर एक रिकॉर्ड कायम कर दिया। काम के लिए 60 से 70 करोड़ रुपए की भारी मशीनरी का प्रयोग किया जा रहा है।
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देश का पहला एक्सिस हाईवे होगा केजीपी
चंद्रा ने बताया कि केजीपी देश का पहला एक्सिस कंट्रोल हाईवे होगा। विदेशों की तरह इलेक्ट्रानिक सिग्नल और सुरक्षा उपाय इस हाईवे पर किए जाएंगे। यह हाईवे निर्माण की दृष्टि से इतना मजबूत होगा कि इस पर जरूरत पड़ने पर एयरफोर्स के लड़ाकू विमान तक उतारे जा सकते हैं।
हाइवे के दोनों तरफ होगा पौधारोपण
केजीपी के दोनों तरफ मिट्टी डालने के साथ ही बड़ी संख्या में पौधारोपण किया जाएगा। साथ ही भूजल संरक्षण के लिए भी अलग से प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में किसानों को जितने भी रास्तों की जरूरत थी, हमने उन सभी के लिए अनुमति भी प्रदान कर दी है। जीटी रोड के निर्माण कार्य को लेकर पूछे सवाल में उन्होंने कहा कि इसका निर्माण कार्य भी निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर उनके साथ एनएचएआई के परियोजना निदेशक आशीष जैन, सीजीएम बीएस सिंगला भी मौजूद थे।
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चंद्रा ने कहा कि केजीपी के निर्माण की सभी शासकीय और जमीन अधिग्रहण से संबंधित बाधाएं दूर कर ली गई हैं। पूरा काम छह अलग-अलग फेज में किया जा रहा है। इनमें अलग-अलग कंपनियों के निर्माण के लिए ठेके दिए गए हैं। पूरे प्रोजेक्ट में यमुना नदी पर दो पुलों का निर्माण किया जा रहा है और इसके लिए केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय से मंजूरी लेकर काम तेज कर दिया है। सड़क निर्माण की विशेषताओं के संबंध में बताते हुए उन्होंने कहा कि सड़क के निर्माण के लिए फ्लाई एश का प्रयोग किया जा रहा है और इसके लिए केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने पानीपत, दादरी, झज्जर और बदरपुर थर्मल प्लांट से फ्लाई एश देने के लिए मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि यहां से प्रतिदिन 12 हजार ट्रक दिनरात फ्लाई एश की आपूर्ति करेंगे और इसके लिए केंद्रीय ऊर्जा सचिव पीके पुजारी ने सभी थर्मल प्लांटों को निर्देश दिए हैं।
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हर रोज डाल रहे दो हजार ट्रक मिट्टी
एनएचआई चेयरमैन ने बताया कि सड़क पर फिलहाल प्रतिदिन दो हजार ट्रकों से (एक लाख 20 हजार क्यूबिक टन) मिट्टी की भराई की जा रही है और इसे दो गुना रफ्तार से करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण की तेजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एक कंपनी ने पिछले महीने 100 करोड़ रुपये का काम कर एक रिकॉर्ड कायम कर दिया। काम के लिए 60 से 70 करोड़ रुपए की भारी मशीनरी का प्रयोग किया जा रहा है।
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देश का पहला एक्सिस हाईवे होगा केजीपी
चंद्रा ने बताया कि केजीपी देश का पहला एक्सिस कंट्रोल हाईवे होगा। विदेशों की तरह इलेक्ट्रानिक सिग्नल और सुरक्षा उपाय इस हाईवे पर किए जाएंगे। यह हाईवे निर्माण की दृष्टि से इतना मजबूत होगा कि इस पर जरूरत पड़ने पर एयरफोर्स के लड़ाकू विमान तक उतारे जा सकते हैं।
हाइवे के दोनों तरफ होगा पौधारोपण
केजीपी के दोनों तरफ मिट्टी डालने के साथ ही बड़ी संख्या में पौधारोपण किया जाएगा। साथ ही भूजल संरक्षण के लिए भी अलग से प्रबंध किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण में किसानों को जितने भी रास्तों की जरूरत थी, हमने उन सभी के लिए अनुमति भी प्रदान कर दी है। जीटी रोड के निर्माण कार्य को लेकर पूछे सवाल में उन्होंने कहा कि इसका निर्माण कार्य भी निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा। इस अवसर पर उनके साथ एनएचएआई के परियोजना निदेशक आशीष जैन, सीजीएम बीएस सिंगला भी मौजूद थे।