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हत्या कर नहर में फेंका था शव, अब काटेंगे उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Mon, 06 Mar 2017 11:49 PM IST
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अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील कुमार गर्ग ही अदालत ने हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए दोषी ठहराए गए दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 15-15 हजार रुपये जुर्माना भी किया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में डेढ़-डेढ़ साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी। दोषियों ने युवक का अपहरण करने के बाद उसकी हत्या कर शव को रोहट के पास नहर में फेंक दिया था।
नवंबर 2013 में लापता हुआ था राजेश
गांव कुमासपुर निवासी सुनीता ने 21 नवंबर, 2013 को थाना मुरथल में शिकायत दी थी कि उसका बेटा राजेश 17 नवंबर, 2013 से लापता है। उन्होंने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। महिला ने बताया कि 17 नवंबर की रात को गांव कुराड़ निवासी मंजीत अपने दो साथियों के साथ उसके घर आया था और उसके बेटे के बारे में जानकारी मांगी थी। उस समय उसका बेटा राजेश घर पर नहीं था। मंजीत ने उसके सामने किसी को फोन किया था और चला गया था। एक दिन बाद उनके गांव का संदीप उसके पास आया था और उसे बताया कि राजेश को मंजीत व दो अन्य युवक कार में अपने साथ ले गए थे। वह उसे भी साथ ले गए थे। रोहट के पास मंजीत ने राजेश से झगड़ा शुरू कर दिया था, जिस पर संदीप डरकर वहां से भाग गया था। महिला ने मंजीत व अन्य पर उसके बेटे के अपहरण का आरोप लगाया था, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।
8 बदमाश लूटने का षड्यंत्र रचते हुए थे गिरफ्तार
इसी बीच 19 जनवरी, 2014 को सीआइए स्टाफ ने मुरथल फ्लाइओवर के पास से आठ बदमाशों को राहगीरों को लूटने का षड्यंत्र रचते काबू किया था। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल मंजीत निवासी कुराड़ व संजीत उर्फ संजू निवासी पिनाना ने पूछताछ में गांव खेवड़ा निवासी एक युवक की हत्या करना स्वीकार किया था। जब उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उन्होंने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया था कि उन्होंने गांव कुमासपुर निवासी राजेश का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने डंडों से पीटकर हत्या के बाद शव को नहर में फेंका था। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को बरामद कर लिया था, जिसकी सीट पर खून के निशान मिले थे। दोनों की निशानदेही पर ही पुलिस ने एक फरवरी, 2014 को रोहट के पास से राजेश के कपड़े बरामद किए थे। राजेश का शव दिल्ली की काटजू थाना पुलिस ने दिल्ली में नहर से बरामद कर लिया था। पुलिस ने मामले में 11 फरवरी, 2014 को एक अन्य आरोपी धर्मेंद्र को भी काबू किया था। मामले की सुनवाई के बाद शनिवार को अदालत ने मंजीत और संजीत को दोषी करार दिया था।
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सोमवार को एएसजे डा.सुशील गर्ग ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन्हें हत्या के मामले में 10-10 हजार व शव खुर्द-बुर्द करने के मामले में पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना तथा तीन साल कैद की सजा सुनाई। दोनों सजा साथ चलेंगी।
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नवंबर 2013 में लापता हुआ था राजेश
गांव कुमासपुर निवासी सुनीता ने 21 नवंबर, 2013 को थाना मुरथल में शिकायत दी थी कि उसका बेटा राजेश 17 नवंबर, 2013 से लापता है। उन्होंने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। महिला ने बताया कि 17 नवंबर की रात को गांव कुराड़ निवासी मंजीत अपने दो साथियों के साथ उसके घर आया था और उसके बेटे के बारे में जानकारी मांगी थी। उस समय उसका बेटा राजेश घर पर नहीं था। मंजीत ने उसके सामने किसी को फोन किया था और चला गया था। एक दिन बाद उनके गांव का संदीप उसके पास आया था और उसे बताया कि राजेश को मंजीत व दो अन्य युवक कार में अपने साथ ले गए थे। वह उसे भी साथ ले गए थे। रोहट के पास मंजीत ने राजेश से झगड़ा शुरू कर दिया था, जिस पर संदीप डरकर वहां से भाग गया था। महिला ने मंजीत व अन्य पर उसके बेटे के अपहरण का आरोप लगाया था, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।
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8 बदमाश लूटने का षड्यंत्र रचते हुए थे गिरफ्तार
इसी बीच 19 जनवरी, 2014 को सीआइए स्टाफ ने मुरथल फ्लाइओवर के पास से आठ बदमाशों को राहगीरों को लूटने का षड्यंत्र रचते काबू किया था। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल मंजीत निवासी कुराड़ व संजीत उर्फ संजू निवासी पिनाना ने पूछताछ में गांव खेवड़ा निवासी एक युवक की हत्या करना स्वीकार किया था। जब उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उन्होंने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया था कि उन्होंने गांव कुमासपुर निवासी राजेश का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी थी। आरोपियों ने बताया था कि उन्होंने डंडों से पीटकर हत्या के बाद शव को नहर में फेंका था। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को बरामद कर लिया था, जिसकी सीट पर खून के निशान मिले थे। दोनों की निशानदेही पर ही पुलिस ने एक फरवरी, 2014 को रोहट के पास से राजेश के कपड़े बरामद किए थे। राजेश का शव दिल्ली की काटजू थाना पुलिस ने दिल्ली में नहर से बरामद कर लिया था। पुलिस ने मामले में 11 फरवरी, 2014 को एक अन्य आरोपी धर्मेंद्र को भी काबू किया था। मामले की सुनवाई के बाद शनिवार को अदालत ने मंजीत और संजीत को दोषी करार दिया था।
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सोमवार को एएसजे डा.सुशील गर्ग ने दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उन्हें हत्या के मामले में 10-10 हजार व शव खुर्द-बुर्द करने के मामले में पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना तथा तीन साल कैद की सजा सुनाई। दोनों सजा साथ चलेंगी।