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अब कारागार से मैकेनिक बनकर निकल सकेंगे कैदी
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Sat, 04 Mar 2017 11:58 PM IST
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सोनीपत जिला कारागार।
- फोटो : bureau
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जिला कारागार में निकलने वाले कैदी बेहतर जीवन यापन कर सकेंगे। कारागार में कैदियों को स्वरोजगार प्रदान करने की दिशा में बहुत महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसके तहत अब कैदियों को एयर कंडीशनर, फ्रिज और बाइक का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वह कारागार से बाहर जाकर नए जीवन की शुरुआत कर सकें। इसके लिए कारागार में औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र से इंस्ट्रक्टर आकर कैदियों को इसका प्रशिक्षण देंगे।
कैदियों व बंदियों को जेल से बाहर जाने के बाद स्वरोजगार के प्रति जागरूक करने के लिए कारागार में कई तरह के शैैक्षणिक व वोकेशनल कोर्स चलाए जा रहे हैं। इस कड़ी में अब कारागार में छह माह के कोर्स के तहत एसी, फ्रिज व बाइक मेंटेनेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। कारागार प्रशासन का मानना है कि इससे बंदियों और कैदियों के जीवन को बेहतर बनाया जा सकेगा। अक्सर कई कैदी जीवन में किसी गलती के चलते कारागार में पहुंच जाते हैं। ऐसे में उन्हें अपराध की दलदल से बचाने व नकारात्मक माहौल के प्रभाव से दूर करने के लिए उन्हें शिक्षा व वोकेशनल कोर्स से जोड़ा जा रहा है। कैदी कारागार से बाहर जाने के बाद बेहतर जीवन जी सकें इसके लिए शैक्षणिक व अन्य कोर्स कराए जा रहे हैं। यह कोर्स करने के बाद कैदी कारागार से बाहर जाकर इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अच्छी कमाई कर सकेंगे।
तीनों कोर्स की है डिमांड
आज हर घर में फ्रिज, एसी और बाइक मौजूद है। ऐसे में इनका मेंटेनेंस का काम बढ़ता ही जा रहा है, जिसके चलते इनके मैकेनिक की डिमांड भी बढ़ रही है। इनके मेंटेनेंस का काम भी ज्यादा भारी नहीं है और इससे आय भी बहुत अधिक हो जाती है। ऐेसे में इस कोर्स के प्रति बंदियों और कैदियों ने काफी रुझान दिखाया है। पहले चरण में 60 बंदियों को यह कोर्स कराया जा रहा है।
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सीडीटीपी स्कीम के तहत शुरू किया कोर्स
जिला कारागार में सीडीटीपी (सामुदायिक विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम) के तहत यह छह माह का कोर्स कराया जा रहा है। इसमें कैदी को पूरी तरह से तैयार किया जाएगा। साथ ही इस कोर्स का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा, जिससे कैदी कारागार से बाहर जाकर स्वरोजगार के साथ ही निजी क्षेत्र में बेहतर रोजगार पा सकें।
जेल में कैदियों और बंदियों के लिए एसी, फ्रिज व बाइक मेंटेेनेंस का कोर्स शुरू किया जा रहा है, जिससे कैदी बाहर जाने के बाद स्वरोजगार के रूप में इसे अपनाकर अपना जीवन सफल कर सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए इंस्ट्रक्टर यहां आएंगे। इससे कैदियों को अपराध की दलदल से दूर रखने में मदद मिल सकेगी।
-जयकिशन छिल्लर, जेल अधीक्षक, सोनीपत।
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कैदियों व बंदियों को जेल से बाहर जाने के बाद स्वरोजगार के प्रति जागरूक करने के लिए कारागार में कई तरह के शैैक्षणिक व वोकेशनल कोर्स चलाए जा रहे हैं। इस कड़ी में अब कारागार में छह माह के कोर्स के तहत एसी, फ्रिज व बाइक मेंटेनेंस की ट्रेनिंग दी जाएगी। कारागार प्रशासन का मानना है कि इससे बंदियों और कैदियों के जीवन को बेहतर बनाया जा सकेगा। अक्सर कई कैदी जीवन में किसी गलती के चलते कारागार में पहुंच जाते हैं। ऐसे में उन्हें अपराध की दलदल से बचाने व नकारात्मक माहौल के प्रभाव से दूर करने के लिए उन्हें शिक्षा व वोकेशनल कोर्स से जोड़ा जा रहा है। कैदी कारागार से बाहर जाने के बाद बेहतर जीवन जी सकें इसके लिए शैक्षणिक व अन्य कोर्स कराए जा रहे हैं। यह कोर्स करने के बाद कैदी कारागार से बाहर जाकर इसे स्वरोजगार के रूप में अपनाकर अच्छी कमाई कर सकेंगे।
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तीनों कोर्स की है डिमांड
आज हर घर में फ्रिज, एसी और बाइक मौजूद है। ऐसे में इनका मेंटेनेंस का काम बढ़ता ही जा रहा है, जिसके चलते इनके मैकेनिक की डिमांड भी बढ़ रही है। इनके मेंटेनेंस का काम भी ज्यादा भारी नहीं है और इससे आय भी बहुत अधिक हो जाती है। ऐेसे में इस कोर्स के प्रति बंदियों और कैदियों ने काफी रुझान दिखाया है। पहले चरण में 60 बंदियों को यह कोर्स कराया जा रहा है।
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सीडीटीपी स्कीम के तहत शुरू किया कोर्स
जिला कारागार में सीडीटीपी (सामुदायिक विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम) के तहत यह छह माह का कोर्स कराया जा रहा है। इसमें कैदी को पूरी तरह से तैयार किया जाएगा। साथ ही इस कोर्स का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा, जिससे कैदी कारागार से बाहर जाकर स्वरोजगार के साथ ही निजी क्षेत्र में बेहतर रोजगार पा सकें।
जेल में कैदियों और बंदियों के लिए एसी, फ्रिज व बाइक मेंटेेनेंस का कोर्स शुरू किया जा रहा है, जिससे कैदी बाहर जाने के बाद स्वरोजगार के रूप में इसे अपनाकर अपना जीवन सफल कर सकें। प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए इंस्ट्रक्टर यहां आएंगे। इससे कैदियों को अपराध की दलदल से दूर रखने में मदद मिल सकेगी।
-जयकिशन छिल्लर, जेल अधीक्षक, सोनीपत।