{"_id":"58fe47e14f1c1b4766c0c91f","slug":"sonipat-inhansment-huda-1300-notice","type":"story","status":"publish","title_hn":"इनहांसमेंट के 35.41 करोड़ वसूलेगा हुडा, 1300 को भेजा नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इनहांसमेंट के 35.41 करोड़ वसूलेगा हुडा, 1300 को भेजा नोटिस
भुपेंद्र धुरान सोनीपत।
Updated Tue, 25 Apr 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जीटी रोड स्थित सेक्टर-7 व 8 में 10 साल पहले प्लॉट लेने वालों पर इनहांसमेंट की मार पड़ेगी। हुडा इनसे इनहांसमेंट के लगभग 35.41 करोड़ रुपये वसूलेगा। हुडा ने इसके लिए 1300 प्लाट धारकों को नोटिस भेज दिया है। यह इनहांसमेंट की राशि एक माह तक बिना ब्याज के जमा होगी। वहीं, अपनी इनहांसमेंट की राशि के लिए लोग किश्त भी बनवा सकते हैं, जिनकी पांच किश्त बनाए जाएंगी जो हर छह महीने बाद देनी होगी। इसके बावजूद भी यह राशि जमा नहीं कराई तो हुडा उनके प्लॉट भी रिज्यूम कर सकता है।
क्या है इनहांसमेंट राशि
हुडा की ओर से जब सेक्टरों के लिए जमीन अधिग्रहण जाती है तो किसानों को मुआवजा दिया जाता है। जब किसान मुआवजे से संतुष्ट नहीं होते तो मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर न्यायालय चले जाते हैं। उसके बाद कोर्ट की ओर से किसानों को अधिक मुआवजा देने के लिए हुडा को आदेश दिया जाता है। ऐसे में हुडा किसानों को मुआवजा देने के लिए सेक्टरों में प्लॉट लेने वालों से इनहांसमेंट राशि वसूल करता है।
कई सेक्टरों के किसान गए कोर्ट
सेक्टर-7 व 8 के किसानों ने भी मुआवजा अधिक लेने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद अब हुडा को कोर्ट की ओर से किसानों को मुआवजा देने का आदेश मिला था। इसके लिए हुडा की ओर से प्लॉट धारकों को नोटिस दिए गए हैं। सोनीपत में ऐसे कई सेक्टर हैं, जिनमें किसान अधिक मुआवजे के लिए कोर्ट जा चुके हैं।
विज्ञापन
इनहांसमेंट राशि जमा कराने के नियम
अगर प्लॉट धारक नोटिस के एक माह के अंदर इनहांसमेंट राशि जमा कराता है तो उसे कोई ब्याज नहीं देना होगा। इसके अलावा वह एक मुश्त राशि नहीं दे सकते है तो हुडा ने इसके लिए पांच किश्त में पैसे देने की व्यवस्था की है। एक किश्त छह माह में देनी होगी और इस पर हुडा 15 प्रतिशत ब्याज वसूल करेगा।
पांच साल पहले गए थे कोर्ट
सेक्टर 7 व 8 के लिए 10 साल पहले जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके मुआवजे को लेकर किसान पांच साल पहले हाईकोर्ट गए थे। इसमें किसान अलग-अलग कई बार में उसके बाद कोर्ट गए और वहां से मुआवजा बढ़ाकर देने का फैसला दिया गया। अब इसमें इतने दिन बाद इनहांसमेंट के नोटिस दिए गए हैं।
1,364 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर देना होगा इनहांसमेंट
हुडा की ओर से ये नोटिस जनरल कैटेगरी के प्लाट धारकों को दिए गए हैं, जिन्हें हुडा को 1,364 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब से इनहांसमेंट देना होगा। एक कनाल के प्लाट पर यह मार लगभग छह लाख रुपये बनेगी। ऐसे में उन लोगों की परेशानी बढ़ेगी, जिन्होंने मुश्किल से बजट बनाकर प्लॉट खरीदा था। वहां प्लाट लेने वाले सभी को नोटिस भेजकर इनहांसमेंट की रकम वसूल की जाएगी।
प्लॉट बेचकर गए लोगों के वापस आ रहे नोटिस
10 साल पहले काटे गए सेक्टरों में इनहांसमेंट राशि वसूलने के लिए हुडा अब प्लॉट धारकों को नोटिस भेज रहा है। ऐसे में कई प्लॉट धारक किसी दूसरे को प्लॉट बेचकर कहीं ओर चले गए हैं। ऐसे में हुडा की ओर से भेजे गए इनहांसमेंट के नोटिस वापस कार्यालय में आ रहे हैं। अब तक ऐसे 50 से ज्यादा लोगों के नोटिस कार्यालय में वापस आ चुके हैं।
हुडा की ओर से सेक्टर-7 व 8 के 1300 प्लॉट धारकों को नोटिस दिए गए हैं। इनसे 1,364 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर इनहांसमेंट राशि वसूली जाएगी। एक माह तक बिना ब्याज के राशि ली जाएगी। इसके बाद कोई राशि भरने से रहता है तो उससे प्रति छह माह पांच किश्त जमा कराई जाएगी। अगर प्लॉट धारक राशि फिर भी जमा नहीं कराता है तो हुडा उसका प्लॉट रिज्यूम कर सकता है। इसके अलावा जिनके नोटिस वापस आ रहे हैं उनका पता कर्मचारी भेजकर लगाया जाएगा, क्योंकि सभी को यह राशि जमा करानी होगी।
-विकास ढांडा, संपदा अधिकारी हुडा।
विज्ञापन
क्या है इनहांसमेंट राशि
हुडा की ओर से जब सेक्टरों के लिए जमीन अधिग्रहण जाती है तो किसानों को मुआवजा दिया जाता है। जब किसान मुआवजे से संतुष्ट नहीं होते तो मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर न्यायालय चले जाते हैं। उसके बाद कोर्ट की ओर से किसानों को अधिक मुआवजा देने के लिए हुडा को आदेश दिया जाता है। ऐसे में हुडा किसानों को मुआवजा देने के लिए सेक्टरों में प्लॉट लेने वालों से इनहांसमेंट राशि वसूल करता है।
विज्ञापन
कई सेक्टरों के किसान गए कोर्ट
सेक्टर-7 व 8 के किसानों ने भी मुआवजा अधिक लेने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसके बाद अब हुडा को कोर्ट की ओर से किसानों को मुआवजा देने का आदेश मिला था। इसके लिए हुडा की ओर से प्लॉट धारकों को नोटिस दिए गए हैं। सोनीपत में ऐसे कई सेक्टर हैं, जिनमें किसान अधिक मुआवजे के लिए कोर्ट जा चुके हैं।
विज्ञापन
इनहांसमेंट राशि जमा कराने के नियम
अगर प्लॉट धारक नोटिस के एक माह के अंदर इनहांसमेंट राशि जमा कराता है तो उसे कोई ब्याज नहीं देना होगा। इसके अलावा वह एक मुश्त राशि नहीं दे सकते है तो हुडा ने इसके लिए पांच किश्त में पैसे देने की व्यवस्था की है। एक किश्त छह माह में देनी होगी और इस पर हुडा 15 प्रतिशत ब्याज वसूल करेगा।
पांच साल पहले गए थे कोर्ट
सेक्टर 7 व 8 के लिए 10 साल पहले जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके मुआवजे को लेकर किसान पांच साल पहले हाईकोर्ट गए थे। इसमें किसान अलग-अलग कई बार में उसके बाद कोर्ट गए और वहां से मुआवजा बढ़ाकर देने का फैसला दिया गया। अब इसमें इतने दिन बाद इनहांसमेंट के नोटिस दिए गए हैं।
1,364 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर देना होगा इनहांसमेंट
हुडा की ओर से ये नोटिस जनरल कैटेगरी के प्लाट धारकों को दिए गए हैं, जिन्हें हुडा को 1,364 रुपये प्रति स्क्वेयर मीटर के हिसाब से इनहांसमेंट देना होगा। एक कनाल के प्लाट पर यह मार लगभग छह लाख रुपये बनेगी। ऐसे में उन लोगों की परेशानी बढ़ेगी, जिन्होंने मुश्किल से बजट बनाकर प्लॉट खरीदा था। वहां प्लाट लेने वाले सभी को नोटिस भेजकर इनहांसमेंट की रकम वसूल की जाएगी।
प्लॉट बेचकर गए लोगों के वापस आ रहे नोटिस
10 साल पहले काटे गए सेक्टरों में इनहांसमेंट राशि वसूलने के लिए हुडा अब प्लॉट धारकों को नोटिस भेज रहा है। ऐसे में कई प्लॉट धारक किसी दूसरे को प्लॉट बेचकर कहीं ओर चले गए हैं। ऐसे में हुडा की ओर से भेजे गए इनहांसमेंट के नोटिस वापस कार्यालय में आ रहे हैं। अब तक ऐसे 50 से ज्यादा लोगों के नोटिस कार्यालय में वापस आ चुके हैं।
हुडा की ओर से सेक्टर-7 व 8 के 1300 प्लॉट धारकों को नोटिस दिए गए हैं। इनसे 1,364 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर इनहांसमेंट राशि वसूली जाएगी। एक माह तक बिना ब्याज के राशि ली जाएगी। इसके बाद कोई राशि भरने से रहता है तो उससे प्रति छह माह पांच किश्त जमा कराई जाएगी। अगर प्लॉट धारक राशि फिर भी जमा नहीं कराता है तो हुडा उसका प्लॉट रिज्यूम कर सकता है। इसके अलावा जिनके नोटिस वापस आ रहे हैं उनका पता कर्मचारी भेजकर लगाया जाएगा, क्योंकि सभी को यह राशि जमा करानी होगी।
-विकास ढांडा, संपदा अधिकारी हुडा।