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एक कमरे में 24 परीक्षार्थी, दो शिक्षक करेंगे निगरानी
अमर उजाला ब्यूरो सोनीपत।
Updated Thu, 09 Feb 2017 11:26 PM IST
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हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की परीक्षा को नकल रहित कराने के लिए शिक्षा विभाग सख्त रवैया अपनाने जा रहा है। अब परीक्षा में नकलचियों पर नकेल के लिए विभाग द्वारा सख्त प्रारूप तैयार किया गया है। इसके तहत अब एक कमरे में महज 24 विद्यार्थी ही परीक्षा दे सकेंगे और उनकी निगरानी के लिए दो शिक्षक कमरे में मौजूद रहेंगे।
शिक्षा बोर्ड की ओर से वर्ष में दो बार सेमेस्टर प्रणाली के तहत 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षा ली जाती थी। इस बार बोर्ड ने शिक्षा विभाग ने सेमेस्टर प्रणाली को बंद कर दिया है। इस बार सीधे वार्षिक परीक्षा होगी। इस बार सात मार्च से बोर्ड की दसवीं व 12वीं की रेगुलर परीक्षाएं आरंभ हो रही हैं। इतना ही नहीं पहली बार रेगुलर बच्चों के साथ हरियाणा ओपन स्कूल की भी परीक्षाएं होंगी। बोर्ड की परीक्षाओं में बहुत से विद्यार्थी नकल पर निर्भर रहते हैं। परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल होने के बाद भी प्रशासन नकल रोकने में नाकामयाब रहता है। इसका खामियाजा मेधावी छात्रों को भुगतना पड़ता है, लेकिन इस बार बोर्ड की परीक्षाओं में विद्यार्थियों व बाहरी युवकों की मनमानी नहीं चलेगी। नकलचियों से इस बार शिक्षा विभाग सख्ती से पेश आएगा। इसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। अबकी बार परीक्षा में एक ही कमरे में 24 विद्यार्थियों पर दो शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिनका पूरा ध्यान नकल रहित परीक्षा कराने पर होगा।
अभी तक एक कमरे में बैठते थे 32 विद्यार्थी
परीक्षा के दौरान पहले एक कमरे में 32 विद्यार्थी बैठ कर परीक्षा देते थे। विभाग की ओर से इन बच्चों पर एक अध्यापक की ड्यूटी लगाई जाती थी, लेकिन अब इसमें सख्ती बरती जा रही है।
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386 विद्यालयों के 48 हजार 834 विद्यार्थी देंगे परीक्षा
जिले में 386 सरकारी व गैरसरकारी 10वीं व 12वीं तक के स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों से बोर्ड परीक्षा के लिए 48 हजार 834 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। सात मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड की परीक्षा में 10वीं कक्षा के 26 हजार 595 विद्यार्थी और 12वीं कक्षा के 22 हजार 239 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इसके अलावा हजारों विद्यार्थी हरियाणा ओपन स्कूल की परीक्षा देंगे। इन परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है।
पहली बार बीईओ फ्लांइग भी कसेगी नकेल
बोर्ड की परीक्षा में नकल रोकने के लिए विभाग की ओर से स्वयं शिक्षा बोर्ड, डीसी, एडीसी, एसडीएम, डीईओ की फ्लाइंग टीम शामिल होते हैं। परीक्षाओं में बोर्ड से लेकर डीईओ तक छापेमारी के बाद भी परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था का बोलबाला रहता है। ऐसे में बाहरी युवक परीक्षा में नकल को बढ़ावा देते हैं। अबकी बार विभाग ने परीक्षाओं में बीईओ की फ्लाइंग टीम बनाने का फैसला लिया है, जिससे बीईओ अपने खंड के स्कूलों में नकल के प्रति सख्ती से पेश आ सकें।
नकल रोकने में विभाग सख्त
सात मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड की परीक्षाओं में नकलचियों से बोर्ड ने सख्ती से निपटने का फैसला लिया है। इसके लिए अब परीक्षा केंद्र में एक ही कमरे में 32 विद्यार्थियों की संख्या घटाकर 24 कर दी गई है। इन विद्यार्थियों पर दो शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं बीईओ फ्लाइंग को भी शामिल किया जाएगा, ताकि नकल पर पूरी तरह से नकेल कसा जाए। अबकी बार परीक्षाओं में नकल रोकने को विभाग पूरी तरह से सख्त है।
-रामफल धनखड़, डिप्टी डीईओ।
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शिक्षा बोर्ड की ओर से वर्ष में दो बार सेमेस्टर प्रणाली के तहत 10वीं व 12वीं कक्षा की परीक्षा ली जाती थी। इस बार बोर्ड ने शिक्षा विभाग ने सेमेस्टर प्रणाली को बंद कर दिया है। इस बार सीधे वार्षिक परीक्षा होगी। इस बार सात मार्च से बोर्ड की दसवीं व 12वीं की रेगुलर परीक्षाएं आरंभ हो रही हैं। इतना ही नहीं पहली बार रेगुलर बच्चों के साथ हरियाणा ओपन स्कूल की भी परीक्षाएं होंगी। बोर्ड की परीक्षाओं में बहुत से विद्यार्थी नकल पर निर्भर रहते हैं। परीक्षा केंद्र पर पुलिस बल होने के बाद भी प्रशासन नकल रोकने में नाकामयाब रहता है। इसका खामियाजा मेधावी छात्रों को भुगतना पड़ता है, लेकिन इस बार बोर्ड की परीक्षाओं में विद्यार्थियों व बाहरी युवकों की मनमानी नहीं चलेगी। नकलचियों से इस बार शिक्षा विभाग सख्ती से पेश आएगा। इसके लिए विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। अबकी बार परीक्षा में एक ही कमरे में 24 विद्यार्थियों पर दो शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिनका पूरा ध्यान नकल रहित परीक्षा कराने पर होगा।
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अभी तक एक कमरे में बैठते थे 32 विद्यार्थी
परीक्षा के दौरान पहले एक कमरे में 32 विद्यार्थी बैठ कर परीक्षा देते थे। विभाग की ओर से इन बच्चों पर एक अध्यापक की ड्यूटी लगाई जाती थी, लेकिन अब इसमें सख्ती बरती जा रही है।
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386 विद्यालयों के 48 हजार 834 विद्यार्थी देंगे परीक्षा
जिले में 386 सरकारी व गैरसरकारी 10वीं व 12वीं तक के स्कूल संचालित हैं। इन स्कूलों से बोर्ड परीक्षा के लिए 48 हजार 834 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है। सात मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड की परीक्षा में 10वीं कक्षा के 26 हजार 595 विद्यार्थी और 12वीं कक्षा के 22 हजार 239 विद्यार्थी परीक्षा देंगे। इसके अलावा हजारों विद्यार्थी हरियाणा ओपन स्कूल की परीक्षा देंगे। इन परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है।
पहली बार बीईओ फ्लांइग भी कसेगी नकेल
बोर्ड की परीक्षा में नकल रोकने के लिए विभाग की ओर से स्वयं शिक्षा बोर्ड, डीसी, एडीसी, एसडीएम, डीईओ की फ्लाइंग टीम शामिल होते हैं। परीक्षाओं में बोर्ड से लेकर डीईओ तक छापेमारी के बाद भी परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था का बोलबाला रहता है। ऐसे में बाहरी युवक परीक्षा में नकल को बढ़ावा देते हैं। अबकी बार विभाग ने परीक्षाओं में बीईओ की फ्लाइंग टीम बनाने का फैसला लिया है, जिससे बीईओ अपने खंड के स्कूलों में नकल के प्रति सख्ती से पेश आ सकें।
नकल रोकने में विभाग सख्त
सात मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड की परीक्षाओं में नकलचियों से बोर्ड ने सख्ती से निपटने का फैसला लिया है। इसके लिए अब परीक्षा केंद्र में एक ही कमरे में 32 विद्यार्थियों की संख्या घटाकर 24 कर दी गई है। इन विद्यार्थियों पर दो शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। वहीं बीईओ फ्लाइंग को भी शामिल किया जाएगा, ताकि नकल पर पूरी तरह से नकेल कसा जाए। अबकी बार परीक्षाओं में नकल रोकने को विभाग पूरी तरह से सख्त है।
-रामफल धनखड़, डिप्टी डीईओ।