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सोनीपत: दूध गर्म नहीं करने पर की थी शिष्य की हत्या, कोर्ट ने बाबा को सुनाई उम्रकैद की सजा
Thu, 19 Aug 2021 08:40 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 19 Aug 2021 08:40 PM IST
सार
13 नवंबर, 2017 की रात को शनि गिरि महाराज की हत्या कर दी गई थी और सुबह उसके शव को डेरे के भवन के निकट ही दफना दिया था। पुलिस ने राजेंद्र के बयान पर बाबा कर्म गिरि के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने गांव रिढ़ाना के डेरा बाबा सबरंगी में शिष्य की हत्या करने के मामले में आरोपी बाबा कर्म गिरि को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को उम्रकैद और पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया है। बाबा ने दूध गर्म नहीं करने पर शिष्य की डंडा मारकर हत्या कर दी थी।
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गांव दुभेटा निवासी राजेंद्र ने 16 नवंबर, 2017 को पुलिस को बताया था कि उसका भाई सत्यवान करीब तीन साल पहले बाबा बना था। उसने अपना नाम शनि गिरि महाराज रखा था। वह करीब तीन साल से गांव रिढ़ाना स्थित डेरा बाबा सबरंगी में रह रहा था। वहां उसके गुरु कर्म गिरि महाराज थे।
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13 नवंबर, 2017 की रात को शनि गिरि महाराज की हत्या कर दी गई थी और सुबह उसके शव को डेरे के भवन के निकट ही दफना दिया था। पुलिस ने राजेंद्र के बयान पर बाबा कर्म गिरि के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया था। 17 नवंबर 2017 को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट तत्कालीन नायब तहसीलदार हवा सिंह पूनिया की मौजूदगी में शनि गिरि महाराज के शव को निकाला गया था।
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पूछताछ में पता चला कि 13 नवंबर 2017 को गुरु व शिष्य में दूध गर्म न करने पर कहासुनी हुई थी। इस पर गुरु ने शिष्य पर डंडे से हमला कर दिया था और उसकी हत्या कर शव को डेरे के भवन के निकट ही दफना दिया था। मामले में पुलिस ने गांव के दो युवकों को भी गिरफ्तार किया था।
उन पर गड्ढा खोदने व शव को खुर्द-बुर्द करने के लिए दफनाने का आरोप था। गुरुवार को एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने बाबा कर्म गिरि को दोषी करार दिया है। कर्म गिरि को उम्रकैद व पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। मामले में आरोपी दो अन्य ग्रामीणों को बरी कर दिया गया।