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स्मॉग मेें टकराए कई वाहन, गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक
ब्यूरो/ अमर उजाला, सोनीपत
Updated Mon, 07 Nov 2016 12:38 AM IST
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कोहरे के चलते हादसे के बाद नहर के ऊपर अटका हुआ ट्रक
- फोटो : sonipat
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स्मॉग के बीच रविवार को करीब आधा दर्जन वाहन आपस में टकरा गए। नेशनल हाईवे पर कई गाड़ियों के टकराने से गाड़ियों की रफ्तार पर ब्रेक लग गए, वहीं एक ट्रक बेकाबू होकर सड़क किनारे फंस गया। दूसरी ओर, स्मॉग ने ट्रेनों की रफ्तार को कम कर दिया। जिसके कारण आने जाने वालों को भारी परेशनियों का सामना करना पड़ा। वहीं आप पार्टी ने स्कूली बच्चों की छुट्टियां करने की प्रशासन से मांग की है।
नेशनल हाईवे पर मुरथल फ्लाईओवर के ऊपर स्मॉग मेें एक कार व कैंटर आपस में टकरा गए। गांव हसनपुर के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली व एक कार की टक्कर हो गई। इससे हाईवे पर जाम के हालात रहे। वहीं, सोनीपत-रोहतक रोड पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर रोहट स्थित पश्चिमी यमुना नहर पर फंस गया। इससे आने-जाने वालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गनीमत ये रही कि किसी भी हादसे मेें किसी की भी जान नहीं गई।
कोहरे के असर ट्रेनों पर, यात्री परेशान
रविवार को दिनभर छाए स्मॉग से रेलयात्रियों को भारी परेशानी हुई। ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा। रविवार को आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चली। बठिंडा-इंटरसिटी एक्सप्रेस चार घंटे, 12460 सुपर एक्सप्रेस दो घंटे 20 मिनट, 12459 सुपर एक्सप्रेस एक घंटा 40 मिनट, 15708 बरौनी एक्सप्रेस एक घंटा 10 मिनट व 12926 पश्चिम एक्सप्रेस एक घंटा देरी से सोनीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंची। पैसेंजर ट्रेनें भी प्रभावित रहीं।
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आम आदमी पार्टी ने की स्कूलों को बंद करने की मांग
आम आदमी पार्टी सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के अध्यक्ष विमल किशोर ने मांग करने हुए कहा कि एनसीआर में स्मॉग व प्रदूषण के कारण स्कूली बच्चों में सांस की बीमारी फैलने का खतरा हो गया है। इसलिए प्रशासन को तुरंत प्रभाव से स्कूलों की छुट्टियां करनी चाहिए।
दिन में होता है रात के अंधेरे का अहसास
गोहाना। क्षेत्र में कोहरे के साथ धूल की बरसात से लोगों को जीना दूभर कर दिया है। दिन में भी रात जैसी स्थिति बनी हुई है। वाहनों पर ब्रेक लग गए हैं तथा लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वहीं, स्मॉग के कारण बच्चे व बुजुर्ग रोगों की चपेट में आ रहे हैं। सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन की शिकायत लेकर रोगी काफी संख्या में चिकित्सकों के पास आ रहे हैं। वहीं, रविवार को रोहतक रोड पर गांव रूखी के पास घने कोहरे के कारण दो वाहनों की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई।
स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। स्कूली बच्चों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। आबादी वाले क्षेत्र में अपेक्षाकृत प्रकोप कम है। जबकि बाहरी क्षेत्र में 10 मीटर से भी कम दूरी तक दिखाई देता है।
स्मॉग से होने वाली समस्याएं, रखें ध्यान
वातावरण में ज्यादा देर तक स्मॉग रहने से कई प्रकार की समस्याएं होने लगती हैं। इनमें सांस फूलने लगना, खांसी और जुकाम, सीने में दर्द होना व आंखों में जलन होना शामिल है। गोहाना के सामान्य अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कर्मवीर ने बताया कि दमा के रोगियों के लिए तो स्मॉग खतरनाक है ही, बच्चे और बूढ़ों को भी तेजी से अपना शिकार बनाता है। स्मॉग हो तो घर से कम से कम बाहर निकलने की कोशिश करें। जब भी घर से बाहर निकलें मुंह पर रुमाल या कपड़ा बांध कर रखें या मास्क का इस्तेमाल करें। आजकल बाजार में घर की हवा को शुद्ध रखने के लिए एयर प्यूरिफायर भी उपलब्ध हैं। सांस लेने में तकलीफ हो तो डॉक्टर की सलाह लें। चिकित्सकों की मानें तो ऐसे पॉल्यूशन भरे माहौल में मॉर्निंग वॉक लोगों के स्वास्थ्य को फायदा पहुंचाने वाली नहीं है। बल्कि स्मॉग के कारण फेफड़ों और हार्ट पर असर पड़ता है।
ये कहते हैं विशेषज्ञ
बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति रायकवाड़ ने बताया कि पॉल्यूशन से जुकाम होना, आंखों में दर्द, सिर में दर्द, थकान महसूस करना, आंखों में जलन जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। यह किडनी व हार्ट पर भी असर करता है। इसमें अंदरूनी रूप में लिवर में दिक्कत होना, गैस बनना, हार्ट बीट बढ़ना जैसी परेशानी सामने रही हैं। इसलिए बच्चों का खास ध्यान रखा जाना जरूरी है।
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नेशनल हाईवे पर मुरथल फ्लाईओवर के ऊपर स्मॉग मेें एक कार व कैंटर आपस में टकरा गए। गांव हसनपुर के पास एक ट्रैक्टर-ट्रॉली व एक कार की टक्कर हो गई। इससे हाईवे पर जाम के हालात रहे। वहीं, सोनीपत-रोहतक रोड पर एक ट्रक अनियंत्रित होकर रोहट स्थित पश्चिमी यमुना नहर पर फंस गया। इससे आने-जाने वालों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। गनीमत ये रही कि किसी भी हादसे मेें किसी की भी जान नहीं गई।
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कोहरे के असर ट्रेनों पर, यात्री परेशान
रविवार को दिनभर छाए स्मॉग से रेलयात्रियों को भारी परेशानी हुई। ट्रेनों की रफ्तार पर भी असर पड़ा। रविवार को आधा दर्जन से ज्यादा ट्रेनें निर्धारित समय से देरी से चली। बठिंडा-इंटरसिटी एक्सप्रेस चार घंटे, 12460 सुपर एक्सप्रेस दो घंटे 20 मिनट, 12459 सुपर एक्सप्रेस एक घंटा 40 मिनट, 15708 बरौनी एक्सप्रेस एक घंटा 10 मिनट व 12926 पश्चिम एक्सप्रेस एक घंटा देरी से सोनीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंची। पैसेंजर ट्रेनें भी प्रभावित रहीं।
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आम आदमी पार्टी ने की स्कूलों को बंद करने की मांग
आम आदमी पार्टी सोनीपत लोकसभा क्षेत्र के अध्यक्ष विमल किशोर ने मांग करने हुए कहा कि एनसीआर में स्मॉग व प्रदूषण के कारण स्कूली बच्चों में सांस की बीमारी फैलने का खतरा हो गया है। इसलिए प्रशासन को तुरंत प्रभाव से स्कूलों की छुट्टियां करनी चाहिए।
दिन में होता है रात के अंधेरे का अहसास
गोहाना। क्षेत्र में कोहरे के साथ धूल की बरसात से लोगों को जीना दूभर कर दिया है। दिन में भी रात जैसी स्थिति बनी हुई है। वाहनों पर ब्रेक लग गए हैं तथा लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं। वहीं, स्मॉग के कारण बच्चे व बुजुर्ग रोगों की चपेट में आ रहे हैं। सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन की शिकायत लेकर रोगी काफी संख्या में चिकित्सकों के पास आ रहे हैं। वहीं, रविवार को रोहतक रोड पर गांव रूखी के पास घने कोहरे के कारण दो वाहनों की टक्कर में तीन लोगों की मौत हो गई।
स्मॉग के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। स्कूली बच्चों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी काफी परेशानी हो रही है। आबादी वाले क्षेत्र में अपेक्षाकृत प्रकोप कम है। जबकि बाहरी क्षेत्र में 10 मीटर से भी कम दूरी तक दिखाई देता है।
स्मॉग से होने वाली समस्याएं, रखें ध्यान
वातावरण में ज्यादा देर तक स्मॉग रहने से कई प्रकार की समस्याएं होने लगती हैं। इनमें सांस फूलने लगना, खांसी और जुकाम, सीने में दर्द होना व आंखों में जलन होना शामिल है। गोहाना के सामान्य अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कर्मवीर ने बताया कि दमा के रोगियों के लिए तो स्मॉग खतरनाक है ही, बच्चे और बूढ़ों को भी तेजी से अपना शिकार बनाता है। स्मॉग हो तो घर से कम से कम बाहर निकलने की कोशिश करें। जब भी घर से बाहर निकलें मुंह पर रुमाल या कपड़ा बांध कर रखें या मास्क का इस्तेमाल करें। आजकल बाजार में घर की हवा को शुद्ध रखने के लिए एयर प्यूरिफायर भी उपलब्ध हैं। सांस लेने में तकलीफ हो तो डॉक्टर की सलाह लें। चिकित्सकों की मानें तो ऐसे पॉल्यूशन भरे माहौल में मॉर्निंग वॉक लोगों के स्वास्थ्य को फायदा पहुंचाने वाली नहीं है। बल्कि स्मॉग के कारण फेफड़ों और हार्ट पर असर पड़ता है।
ये कहते हैं विशेषज्ञ
बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रीति रायकवाड़ ने बताया कि पॉल्यूशन से जुकाम होना, आंखों में दर्द, सिर में दर्द, थकान महसूस करना, आंखों में जलन जैसे लक्षण देखने को मिल रहे हैं। यह किडनी व हार्ट पर भी असर करता है। इसमें अंदरूनी रूप में लिवर में दिक्कत होना, गैस बनना, हार्ट बीट बढ़ना जैसी परेशानी सामने रही हैं। इसलिए बच्चों का खास ध्यान रखा जाना जरूरी है।