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केंद्र सरकार को 702 शहीद किसानों के नाम भेजे : डॉ. दर्शन पाल

Sat, 04 Dec 2021 11:51 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 04 Dec 2021 11:51 PM IST
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Send the names of 702 martyr farmers to the Central Government: Dr. Darshan Pal
संयुक्त किसान मोर्चा समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि केंद्र सरकार के पास शहीद किसानों का रिकॉर्ड नहीं होने की बात कहने पर एसकेएम ने सरकार को 702 किसानों के नाम भेज दिए हैं। सरकार को जल्द किसानों की मांगों को पूरा करना चाहिए। वहीं वरिष्ठ नेता योगेंद्र यादव ने केंद्र सरकार पर एसकेएम को तोड़ने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
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कुंडली बॉर्डर पर पत्रकारों से बातचीत में डॉ. दर्शन पाल ने कहा कि किसान नेताओं की हरियाणा सरकार से बातचीत हुई है। लेकिन उस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। साथ ही कहा कि एसकेएम ने सरकार को 702 किसानों के नाम भेज दिए हैं। हालांकि अब तक करीब 708 किसान अपनी जान गंवा चुके हैं। सरकार को शहीद किसानों के परिजनों की सुध लेनी चाहिए।
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सरकार शुरुआत से ही कर रही मोर्चा को तोड़ने की कोशिश : योगेंद्र
कुंडली बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में भाग लेने के लिए पहुंचे योगेंद्र यादव ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा एक है। उनके दो अलग-अलग हिस्से नहीं हैं। सरकार एक साल से संयुक्त किसान मोर्चा के दो हिस्से करने की कोशिश करती रही है। लेकिन कामयाबी नहीं मिली। उन्होंने कहा कि कृषि कानून वापस होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त किसान मोर्चा ने एक पत्र लिखा था। 6 प्रमुख मांगे थीं। उन पर अब तक कोई काम नहीं हुआ है।
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एमएसपी गारंटी कानून के बिना नहीं जाएंगे किसान : टिकैत
बैठक में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि एमएसपी गारंटी कानून के बिना किसान जाने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि मुकदमों के हार पहनकर किसान वापस नहीं जाएंगे। किसानों के साथ सरकार को बातचीत करनी होगी। उन्होंने भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा ने अभियान चलाया है कि मुकदमा चलाओ, भर्ती करो और पर्चा दिखाने वाले को पार्टी में शामिल कर लो। उन्होंने कहा कि शहीद किसानों की सूची सभी के पास है। उन्होंने कहा कि केवल हरियाणा में ही किसानों पर 48 हजार से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। हरियाणा के किसानों को छोड़कर वापस नहीं जा सकते। किसानों में किसी तरह की खींचतान नहीं है।

दिनभर चलती रही वापसी की चर्चा, शाम को लगा विराम
कुंडली बॉर्डर पर एसकेएम की बैठक के लिए मोर्चा के नेता सुबह से ही जुट गए थे। दिनभर किसानों के आंदोलन को वापस लिए जाने की चर्चा चलती रही। किसान नेता रणजीत सिंह राजो ने बैठक से पहले ही कहा कि किसान अब घर तो जाना चाहते हैं, लेकिन कब जाना है और कैसे जाना है, यह मोर्चा तय करेगा। शाम को मोर्चा ने डटे रहने का एलान कर दिया। जय किसान आंदोलन की सदस्य रविंद्र पाल कौर ने भी उम्मीद जताई कि काले कानून वापस होने के बाद किसान अपने घर लौट सकेंगे। हालांकि उन्होंने भी मोर्चा की अहम बैठक के बाद ही वापसी का रास्ता निकलने की बात कही थी। एसकेएम की बैठक के बाद आंदोलन को फिलहाल जारी रखने पर ही मुहर लग गई।
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