{"_id":"703c08723fb5c613732cc587cc74e1e2","slug":"science-technology-communication-is-the-life-of-the-poor","type":"story","status":"publish","title_hn":"विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संवार सकती है गरीबों का जीवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संवार सकती है गरीबों का जीवन
सोनीपत
Updated Sun, 22 Jun 2014 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञान और प्रौद्योगिकी से ऐसे उत्पाद एवं सेवाएं सृजित की जा सकती हैं जो गरीबों के जीवन में बदलाव ला सकता है। आज के युग में टेक्निकल पढ़ाई बहुत मायने रखती है। पहले के समय में और अब के समय में बहुत अंतर आ गया है। विशेषज्ञता के आधार पर ही विद्यार्थी जीवन को सफल बना सकते हैं।
शनिवार को मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा के महत्व को कुछ इस तरह समझाया।
राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी विद्यार्थी के लिए गर्व का क्षण होता है और इस दिन अपनी शिक्षा पूरी करने उपरांत वह जीवन की चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए नई यात्रा की शुरुआत करता है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक के दौरान देखने को मिला कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से ऐसे उत्पाद एवं सेवाएं सृजित किए जा सकते हैं जो गरीब से गरीब समुदाय पर भी प्रभाव डाल सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा ग्रहण का एक उच्चतम स्थल है तथा विद्यार्थियों में वैश्विक स्तर का ज्ञान सृजित करने में सहयोग करता है। इसलिए हर बच्चे को इस पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वर्तमान दशक को आविष्कार दशक के रूप में घोषित किया गया है। इस दिशा में अनुसंधान एवं विकास पर और अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। क्योंकि प्रतिस्पर्धा के वैश्विक युग में आज चुनौतियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के तकनीकी विश्वविद्यालय को स्नातक, स्नात्कोत्तर शोधकर्ता तथा आविष्कारक तैयार करने की दिशा में अधिक ध्यान देना चाहिए जो राष्ट्र निर्माण, समाज के समग्र विकास तथा गरीब से गरीब व्यक्ति को ध्यान में रखकर योजना बनाएं और आर्थिक विकास के इस युग में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि असफलता से कभी निराश नहीं होना चाहिए क्योंकि यह हमें और अच्छा करने के लिए प्रेरित है तथा प्रयास करने वाले को अंत में सफलता मिलती है। इसलिए चुनौतियों को कभी सीमित न रखें बल्कि अपनी सीमाओं को चुनौती दें। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवसायिक तथा विशेष शिक्षा के महत्व को समझते हुए हाल ही में तीन नए विश्वविद्यालयों को स्वीकृति प्रदान की है। जिनमें डॉ. बीआर अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय कुंडली, भिवानी में पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल के नाम से खेल विश्वविद्यालय तथा जींद में चौ. रणबीर सिंह के नाम से विश्वविद्यालय शामिल है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2014 को सबका समूचा विकास वर्ष घोषित किया है। दीक्षांत समारोह में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर आरपी दहिया ने विवि की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान ही यूनिवर्सिटी की पत्रिका का भी विमोचन किया गया।
दीनबंधु के उच्च आदर्शों से लें प्रेरणा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने यहां से पास आउट हो रहे नए इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों से आह्वान किया कि वे दीनबंधु सर छोटू राम के उच्च आदर्शों को अपने जीवन में सदैव बनाए रखें। वह कभी मानव मूल्यों से विचलित नहीं हुए। उन्होंने दीनबंधु सर छोटूराम द्वारा अक्सर कहे जाने वाला वह शेर भी पढ़ा, खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकबीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है। उन्होंने कहा कि मानव मूल्यों में दक्षता के बिना दीनबंधु छोटू राम के समाज निर्माण के उच्च आदर्शों के लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्यपाल की पत्नी शांति पहाड़िया, मुख्य संसदीय सचिव जयवीर सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डा. राजपाल दहिया, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति हरस्वरूप चहल, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. पंकज मित्तल, तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह, राज्यपाल सचिव नीलम प्रदीप कासनी, रजिस्ट्रार आरके अरोड़ा, एग्जाम कंट्रोलर एमएस धनखड़ ने भी स्टेज पर उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का समापन राज्यपाल कम कुलाधिपति जगन्नाथ पहाड़िया की घोषणा के बाद राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर डीसी, एसपी समेत जिले के तमाम अन्य अधिकारी एवं गण्यमान्य लोग भी मौजूद रहे।
भूपेंद्र हुड्डा
1530 को बांटी डिग्री, 41 को मिले सोने के तगमे
मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलोजी में शनिवार को द्वितीय दीक्षांत समारोह में सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटीं। निर्धारित कार्यक्रम से एक घंटे बाद शुरू हुए इस समारोह में 720 स्नातकों और 799 स्नातकोत्तर पास विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई। 11 पीएचडी धारकों को भी उपाधियां दी गईं। यही नहीं विभिन्न विषयों के 41 विद्यार्थियों को गोल्ड मैडल भी प्रदान किए गए। समारोह 2:30 बजे तक चला। इसमें लगभग सभी विद्यार्थियों को सीएम या फिर राज्यपाल के कर-कमलों द्वारा डिग्री प्रदान की गई।
ऑनलाइन दाखिले के लिए मिले 21 हजार आवेदन : कुलपति
सोनीपत। मुरथल विवि के विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.राजपाल दहिया ने सभी विभूतियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह है। विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह नवम्बर 2011 में हुआ था। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय राज्य का पहला विश्वविद्यालय होगा जिसमें दाखिले की पूरी प्रकिया ऑन लाईन आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षा के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए 20678 तथा स्नातक स्तर के लिए 700 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए है। डॉ. दहिया ने विश्वविद्यालय में दीनबंधु सर छोटू राम के नाम चेयर स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के सहायोग की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से विश्वविद्यालय के विकास में हर सम्भव सहयोग दिया गया है। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बच्चों के लिए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा चलाए जा रहे सवेरा स्कूल का भी विशेष उल्लेख किया।
विज्ञापन
शनिवार को मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को व्यवसायिक शिक्षा के महत्व को कुछ इस तरह समझाया।
विज्ञापन
राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी विद्यार्थी के लिए गर्व का क्षण होता है और इस दिन अपनी शिक्षा पूरी करने उपरांत वह जीवन की चुनौतियों से मुकाबला करने के लिए नई यात्रा की शुरुआत करता है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक के दौरान देखने को मिला कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी से ऐसे उत्पाद एवं सेवाएं सृजित किए जा सकते हैं जो गरीब से गरीब समुदाय पर भी प्रभाव डाल सकती है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा ग्रहण का एक उच्चतम स्थल है तथा विद्यार्थियों में वैश्विक स्तर का ज्ञान सृजित करने में सहयोग करता है। इसलिए हर बच्चे को इस पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वर्तमान दशक को आविष्कार दशक के रूप में घोषित किया गया है। इस दिशा में अनुसंधान एवं विकास पर और अधिक ध्यान दिया जाना चाहिए। क्योंकि प्रतिस्पर्धा के वैश्विक युग में आज चुनौतियां बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के तकनीकी विश्वविद्यालय को स्नातक, स्नात्कोत्तर शोधकर्ता तथा आविष्कारक तैयार करने की दिशा में अधिक ध्यान देना चाहिए जो राष्ट्र निर्माण, समाज के समग्र विकास तथा गरीब से गरीब व्यक्ति को ध्यान में रखकर योजना बनाएं और आर्थिक विकास के इस युग में अपना योगदान दें। उन्होंने कहा कि असफलता से कभी निराश नहीं होना चाहिए क्योंकि यह हमें और अच्छा करने के लिए प्रेरित है तथा प्रयास करने वाले को अंत में सफलता मिलती है। इसलिए चुनौतियों को कभी सीमित न रखें बल्कि अपनी सीमाओं को चुनौती दें। उन्होंने कहा कि सरकार ने व्यवसायिक तथा विशेष शिक्षा के महत्व को समझते हुए हाल ही में तीन नए विश्वविद्यालयों को स्वीकृति प्रदान की है। जिनमें डॉ. बीआर अंबेडकर विधि विश्वविद्यालय कुंडली, भिवानी में पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल के नाम से खेल विश्वविद्यालय तथा जींद में चौ. रणबीर सिंह के नाम से विश्वविद्यालय शामिल है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने वर्ष 2014 को सबका समूचा विकास वर्ष घोषित किया है। दीक्षांत समारोह में यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर आरपी दहिया ने विवि की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान ही यूनिवर्सिटी की पत्रिका का भी विमोचन किया गया।
दीनबंधु के उच्च आदर्शों से लें प्रेरणा: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने यहां से पास आउट हो रहे नए इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों से आह्वान किया कि वे दीनबंधु सर छोटू राम के उच्च आदर्शों को अपने जीवन में सदैव बनाए रखें। वह कभी मानव मूल्यों से विचलित नहीं हुए। उन्होंने दीनबंधु सर छोटूराम द्वारा अक्सर कहे जाने वाला वह शेर भी पढ़ा, खुदी को कर बुलंद इतना कि हर तकबीर से पहले खुदा बंदे से खुद पूछे बता तेरी रजा क्या है। उन्होंने कहा कि मानव मूल्यों में दक्षता के बिना दीनबंधु छोटू राम के समाज निर्माण के उच्च आदर्शों के लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर राज्यपाल की पत्नी शांति पहाड़िया, मुख्य संसदीय सचिव जयवीर सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डा. राजपाल दहिया, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के कुलपति हरस्वरूप चहल, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. पंकज मित्तल, तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव धनपत सिंह, राज्यपाल सचिव नीलम प्रदीप कासनी, रजिस्ट्रार आरके अरोड़ा, एग्जाम कंट्रोलर एमएस धनखड़ ने भी स्टेज पर उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम का समापन राज्यपाल कम कुलाधिपति जगन्नाथ पहाड़िया की घोषणा के बाद राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस अवसर पर डीसी, एसपी समेत जिले के तमाम अन्य अधिकारी एवं गण्यमान्य लोग भी मौजूद रहे।
भूपेंद्र हुड्डा
1530 को बांटी डिग्री, 41 को मिले सोने के तगमे
मुरथल स्थित दीनबंधु छोटूराम यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलोजी में शनिवार को द्वितीय दीक्षांत समारोह में सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा और राज्यपाल जगन्नाथ पहाड़िया ने विद्यार्थियों को डिग्रियां बांटीं। निर्धारित कार्यक्रम से एक घंटे बाद शुरू हुए इस समारोह में 720 स्नातकों और 799 स्नातकोत्तर पास विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गई। 11 पीएचडी धारकों को भी उपाधियां दी गईं। यही नहीं विभिन्न विषयों के 41 विद्यार्थियों को गोल्ड मैडल भी प्रदान किए गए। समारोह 2:30 बजे तक चला। इसमें लगभग सभी विद्यार्थियों को सीएम या फिर राज्यपाल के कर-कमलों द्वारा डिग्री प्रदान की गई।
ऑनलाइन दाखिले के लिए मिले 21 हजार आवेदन : कुलपति
सोनीपत। मुरथल विवि के विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.राजपाल दहिया ने सभी विभूतियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह है। विश्वविद्यालय का पहला दीक्षांत समारोह नवम्बर 2011 में हुआ था। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय राज्य का पहला विश्वविद्यालय होगा जिसमें दाखिले की पूरी प्रकिया ऑन लाईन आरम्भ की है। उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षा के लिए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए 20678 तथा स्नातक स्तर के लिए 700 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए है। डॉ. दहिया ने विश्वविद्यालय में दीनबंधु सर छोटू राम के नाम चेयर स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के सहायोग की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से विश्वविद्यालय के विकास में हर सम्भव सहयोग दिया गया है। उन्होंने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के बच्चों के लिए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा चलाए जा रहे सवेरा स्कूल का भी विशेष उल्लेख किया।