{"_id":"68ed35469156fd6d5b06f0a5","slug":"satellite-fire-inspection-error-detected-for-the-third-time-sonipat-news-c-197-1-snp1001-143737-2025-10-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: तीसरी बार सैटेलाइट से आग लगाने की मिली लोकेशन गलत निकली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: तीसरी बार सैटेलाइट से आग लगाने की मिली लोकेशन गलत निकली
Mon, 13 Oct 2025 10:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 13 Oct 2025 10:52 PM IST
विज्ञापन
सोनीपत। फसल अवशेषों में आग लगाने की घटना पर नजर रख रही सैटेलाइट से लगातार तीसरी बार मिली लोकेशन पर आग लगने की पुष्टि नहीं हुई है। वर्तमान में गांव पूठी के पास लोकेशन मिली थी। कृषि विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो खेत में आग लगाने का निशान नहीं मिला।
कृषि विभाग के अनुसार मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान यह तीसरी ऐसी लोकेशन है जहां सैटेलाइट अलर्ट के बाद भी आग लगाने की घटना नहीं हुई है। इससे पहले मिली दो लोकेशन फैक्टरी क्षेत्र से जुड़ी थी।
खरीफ सीजन में धान की कटाई का कार्य जोरों पर है। ऐसे में खेत खाली करने के लिए किसान कई बार फसल अवशेषों को जला देते हैं । इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। इसे रोकने के लिए कृषि विभाग ने ग्राम स्तर पर विशेष निगरानी टीमें गठित की हैं। साथ ही सैटेलाइट तकनीक के जरिए भी खेतों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि विभाग जमीनी स्तर पर पूरी सक्रियता से काम कर रहा है। अब तक प्राप्त तीनों लोकेशन पर फसल अवशेषों में आग लगाने की पुष्टि नहीं हुई है जो इस बात का संकेत है कि किसान अब पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करें और खेतों में आग न लगाएं।
विज्ञापन
कृषि विभाग के अनुसार मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान यह तीसरी ऐसी लोकेशन है जहां सैटेलाइट अलर्ट के बाद भी आग लगाने की घटना नहीं हुई है। इससे पहले मिली दो लोकेशन फैक्टरी क्षेत्र से जुड़ी थी।
विज्ञापन
खरीफ सीजन में धान की कटाई का कार्य जोरों पर है। ऐसे में खेत खाली करने के लिए किसान कई बार फसल अवशेषों को जला देते हैं । इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है। इसे रोकने के लिए कृषि विभाग ने ग्राम स्तर पर विशेष निगरानी टीमें गठित की हैं। साथ ही सैटेलाइट तकनीक के जरिए भी खेतों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
कृषि उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि विभाग जमीनी स्तर पर पूरी सक्रियता से काम कर रहा है। अब तक प्राप्त तीनों लोकेशन पर फसल अवशेषों में आग लगाने की पुष्टि नहीं हुई है जो इस बात का संकेत है कि किसान अब पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। उन्होंने किसानों से अपील की कि वह फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करें और खेतों में आग न लगाएं।