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राहत : डीएपी का रैक लगा, 72 हजार बैग पहुंचे
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सोनीपत रेलवे स्टेशन पर लगे डीएपी के रैक की जांच करते उप निदेशक डॉ. अनिल सहरावत। संवाद
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। गेहूं की बिजाई का सीजन शुरू होने के साथ ही जिले में डीएपी का रैक पहुंचने से किसानों को काफी राहत मिली है। दो कंपनियों के डीएपी के 72 हजार बैग रविवार को सोनीपत लाए गए। जल्द ही डीएपी का एक और रैक जिले में पहुंचेगा। रैक पहुंचने पर कृषि उपनिदेशक डॉ. अनिल सहरावत ने स्वयं उसका निरीक्षण किया। वहीं कृषि विभाग के अतिरिक्त निदेशक भी सोनीपत पहुंचे और खाद भंडारों पर जाकर निरीक्षण किया।
धान की कटाई में देरी होने व बारिश के कारण इस बार जिले में गेहूं की बिजाई देरी से हो रही है। इसके चलते अभी तक ज्यादातर किसानों को डीएपी की जरूरत नहीं पड़ी थी। अब गेहूं की बिजाई जोर पकड़ने लगेगी। जिससे डीएपी की मांग बढने लगेगी। इससे पहले ही रविवार को सोनीपत में 36 सौ मीट्रिक टन डीएपी सोनीपत पहुंच गया। जिसमें 72 हजार बैग आए हैं। कृषि उप निदेशक डॉ. अनिल सहरावत स्वयं मौके पर पहुंचे। सोनीपत में पहुंचे रैक में से पहले जिले को 52 हजार बैग देने की बात कही जा रही थी। जिस पर उप निदेशक ने आपत्ति जताई और चंडीगढ़ मुख्यालय में बातचीत कर सोनीपत के लिए आए सभी 72 हजार बैग यहां उतरवा लिए। उन्होंने कहा कि सोनीपत में अब बिजाई तेजी से होगी। जिसके चलते अभी यहां के रैक में कटौती से किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि जल्द ही डीएपी का एक रैक और पहुंचने की उम्मीद है। अब जिले में खाद की कोई कमी नहीं है।
अतिरिक्त निदेशक ने किया खाद दुकानों का निरीक्षण
सरकार की तरफ से जिले के प्रभारी बनाए गए अतिरिक्त निदेशक, पंचकूला डॉ.सुरेंद्र दहिया ने सोनीपत पहुंचकर उर्वरक की रैक और उसके भंडारण का निरीक्षण किया। साथ ही दुकानों पर जाकर भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने कालाबाजारी न होने देने के विशेष निर्देश दिए हैं। उनके साथ उप निदेशक डॉ. अनिल सहरावत व क्यूसीआई राकेश हुड्डा भी मौजूद रहे।
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वर्जन-
जिले में अक्तूबर-नवंबर में 14500 मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत थी। अब तक नौ हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध हो गया है। इससे डीएपी की किल्लत नहीं रहेगी। यूरिया की जरूरत बिजाई के बाद बाद होगी, उसकी आपूर्ति भी मिलने लगी है। जरूरत के अनुसार ही उर्वरक की खरीद करें। किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. अनिल सहरावत, उपनिदेशक कृषि।
डीएपी पहुंचने से किसानों को राहत
गोहाना। उपमंडल क्षेत्र में रविवार को यूरिया का रैक लगा। मालगाड़ी में यूरिया के करीब 58 हजार बैग आए। यूरिया के यह बैग मुख्यालय के आदेश पर सोनीपत व आसपास के जिलों के किसानों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। गोहाना में कई दिनों से डीएपी की कमी बनी हुई थी। किसान डीएपी के लिए दुकानों और सहकारी समितियों के चक्कर लगा रहे थे। ऐसे में रविवार को सोनीपत में डीएपी के दो रैक लगे। वहां से कुछ खाद गोहाना भी आएगा, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। वहीं रविवार को गोहाना में भी यूरिया का रैक लगा। मालगाड़ी में 58 हजार बैग आए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसडीओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि गोहाना में यूरिया का रैक लगा है। मुख्यालय द्वारा सोनीपत व आसपास के जिलों में यूरिया का वितरण होगा। संवाद
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धान की कटाई में देरी होने व बारिश के कारण इस बार जिले में गेहूं की बिजाई देरी से हो रही है। इसके चलते अभी तक ज्यादातर किसानों को डीएपी की जरूरत नहीं पड़ी थी। अब गेहूं की बिजाई जोर पकड़ने लगेगी। जिससे डीएपी की मांग बढने लगेगी। इससे पहले ही रविवार को सोनीपत में 36 सौ मीट्रिक टन डीएपी सोनीपत पहुंच गया। जिसमें 72 हजार बैग आए हैं। कृषि उप निदेशक डॉ. अनिल सहरावत स्वयं मौके पर पहुंचे। सोनीपत में पहुंचे रैक में से पहले जिले को 52 हजार बैग देने की बात कही जा रही थी। जिस पर उप निदेशक ने आपत्ति जताई और चंडीगढ़ मुख्यालय में बातचीत कर सोनीपत के लिए आए सभी 72 हजार बैग यहां उतरवा लिए। उन्होंने कहा कि सोनीपत में अब बिजाई तेजी से होगी। जिसके चलते अभी यहां के रैक में कटौती से किसानों की परेशानी बढ़ जाएगी। वहीं कृषि विभाग के अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुहाड़ ने बताया कि जल्द ही डीएपी का एक रैक और पहुंचने की उम्मीद है। अब जिले में खाद की कोई कमी नहीं है।
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अतिरिक्त निदेशक ने किया खाद दुकानों का निरीक्षण
सरकार की तरफ से जिले के प्रभारी बनाए गए अतिरिक्त निदेशक, पंचकूला डॉ.सुरेंद्र दहिया ने सोनीपत पहुंचकर उर्वरक की रैक और उसके भंडारण का निरीक्षण किया। साथ ही दुकानों पर जाकर भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने कालाबाजारी न होने देने के विशेष निर्देश दिए हैं। उनके साथ उप निदेशक डॉ. अनिल सहरावत व क्यूसीआई राकेश हुड्डा भी मौजूद रहे।
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वर्जन-
जिले में अक्तूबर-नवंबर में 14500 मीट्रिक टन डीएपी की जरूरत थी। अब तक नौ हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध हो गया है। इससे डीएपी की किल्लत नहीं रहेगी। यूरिया की जरूरत बिजाई के बाद बाद होगी, उसकी आपूर्ति भी मिलने लगी है। जरूरत के अनुसार ही उर्वरक की खरीद करें। किसानों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
- डॉ. अनिल सहरावत, उपनिदेशक कृषि।
डीएपी पहुंचने से किसानों को राहत
गोहाना। उपमंडल क्षेत्र में रविवार को यूरिया का रैक लगा। मालगाड़ी में यूरिया के करीब 58 हजार बैग आए। यूरिया के यह बैग मुख्यालय के आदेश पर सोनीपत व आसपास के जिलों के किसानों को उपलब्ध करवाए जाएंगे। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। गोहाना में कई दिनों से डीएपी की कमी बनी हुई थी। किसान डीएपी के लिए दुकानों और सहकारी समितियों के चक्कर लगा रहे थे। ऐसे में रविवार को सोनीपत में डीएपी के दो रैक लगे। वहां से कुछ खाद गोहाना भी आएगा, जिससे किसानों को राहत मिलेगी। वहीं रविवार को गोहाना में भी यूरिया का रैक लगा। मालगाड़ी में 58 हजार बैग आए हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एसडीओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि गोहाना में यूरिया का रैक लगा है। मुख्यालय द्वारा सोनीपत व आसपास के जिलों में यूरिया का वितरण होगा। संवाद