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संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य बोले: पीएम ने बढ़िया कदम उठाया, लेकिन अभी स्वागत वाली बात नहीं, बैठक में टिकैत नहीं पहुंचे

Sun, 21 Nov 2021 09:00 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 21 Nov 2021 09:00 PM IST
सार

एसकेएम की बैठक में शामिल होने पहुंचे किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी बीच में ही बैठक से बाहर आ गए। हालांकि उन्होंने बाहर आकर मीडिया से कहा कि उन्हें किसी अन्य कार्यक्रम में पहुंचना है, उनके सदस्य बैठक में शामिल हैं। उधर, मोर्चा के अहम सदस्य राकेश टिकैत बैठक में नहीं पहुंचे। बैठक में उनके पहुंचने की प्रबल संभावना थी और बैठक से ठीक पहले तक राकेश टिकैत के पहुंचने का दावा भी किया जाता रहा था।

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Rakesh Tikait did not reach the meeting of Samyukt Kisan Morcha
मीडिया को संबोधित करते किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

तीन कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बैठक कर प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र लिखने का निर्णय लिया है। किसानों की अहम बैठक में एमएसपी गारंटी का कानून समेत अन्य मांगों को भी पूरा कराने की बात कही गई। किसानों ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री ने बढ़िया कदम उठाया है लेकिन उसमें अभी स्वागत वाली कोई बात नहीं है। साथ ही 29 नवंबर तक तय सभी कार्यक्रम पहले ही तरह चलाने का निर्णय लिया गया। हालांकि इस बीच 27 नवंबर को फिर मोर्चा की बैठक होगी, जिसमें तब तक के हालातों को देखकर आगे का निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले 26 नवंबर तक सभी मोर्चों पर भीड़ जुटाने के साथ 22 नवंबर को लखनऊ में महापंचायत भी आयोजित की जाएगी। 

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मोर्चा नेताओं ने सरकार को किसानों से बातचीत शुरू करने की बात कही है। रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कुंडली बॉर्डर पर सभी सदस्यों की एक अहम बैठक बुलाई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के एलान के बाद संयुक्त मोर्चा के रुख को स्पष्ट किया गया। बैठक की अध्यक्षता जितेंद्र सिंह विर्क व मोर्चा के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने संयुक्त रूप से की। 
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बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए बलबीर सिंह राजेवाल ने साफ किया कि प्रधानमंत्री मोदी ने भले ही तीन कृषि कानून वापस लेने का एलान किया है लेकिन किसानों के लिए एमएसपी गारंटी कानून भी बड़ी मांग में शामिल है। वह इस मांग को छोड़ नहीं सकते। सरकार ने एमएसपी के मामले में कमेटी गठित करने की बात कही है लेकिन उसमें कुछ स्पष्ट नहीं है। उसकी समय सीमा तक के बारे में भी कुछ नहीं बताया गया है। 
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पीएम को पत्र में उठाएंगे यह मुद्दे
पीएम को जो पत्र लिखा जाएगा उसमें एमएसपी गारंटी कानून बनाने, पराली कानून, बिजली बिल, लखीमपुर खीरी मामले में मंत्री की बर्खास्तगी, डीजल की कीमत कम करने की मांग की जाएगी।

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