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Sonipat News: अब नहीं सताएगी बिजली कटौती, पांच गांवों में बनेंगे 33 केवी बिजलीघर
Wed, 29 Apr 2026 05:21 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 29 Apr 2026 05:21 PM IST
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सोनीपत। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली संकट से जूझ रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। बिजली निगम ने पांच गांवों में 33 केवी के नए बिजलीघर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए मुख्यालय स्तर पर टेंडर आवंटित कर दिए हैं और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
गांव जगदीशपुर, दीपालपुर, गामड़ी, बिधल और पबसरा में बनने वाले इन बिजलीघरों से आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी। अभी इन गांवों में मामूली फॉल्ट आने पर भी आपूर्ति बाधित हो जाती है जिससे उपभोक्ताओं को लंबे कट का सामना करना पड़ता है।
नए सब-स्टेशन बनने से इस समस्या में काफी हद तक सुधार आएगा। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
मुआवजे विवाद सुलझने के बाद मिली रफ्तार
जगदीशपुर में बिजलीघर निर्माण के लिए पहले जमीन चिह्नित कर मुआवजा भी जारी किया गया था लेकिन कलेक्टर रेट बढ़ने के बाद किसानों ने पुरानी दरों पर जमीन देने से इंकार कर दिया था। अब मुख्यालय की ओर से नई दरों पर मुआवजा मंजूर होने के बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और परियोजना को फिर से गति मिल गई है।
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ओवरलोड की समस्या से मिलेगी निजात
गर्मी में बिजलीघरों पर ओवरलोड बढ़ने से बार-बार फॉल्ट और कटौती की समस्या सामने आती है। जिले में वर्तमान में करीब 80 सब-स्टेशन संचालित हैं और रोजाना 1.42 करोड़ यूनिट से अधिक बिजली की खपत हो रही है। बढ़ती आबादी और मांग के चलते नए बिजलीघरों की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
- बिजली कटौती में कमी
- फॉल्ट की स्थिति में त्वरित समाधान
- वोल्टेज में सुधार
- गर्मी में बेहतर सप्लाई
- पांच नए 33 केवी बिजलीघरों की स्थापना से जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
12.5 एमवीए क्षमता के होंगे ट्रांसफार्मर
बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता अश्विनी कौशिक के अनुसार प्रत्येक बिजलीघर पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इनमें 12.5 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इससे न केवल बिजली आपूर्ति सुचारु होगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में वोल्टेज की समस्या भी कम होगी।
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गांव जगदीशपुर, दीपालपुर, गामड़ी, बिधल और पबसरा में बनने वाले इन बिजलीघरों से आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी। अभी इन गांवों में मामूली फॉल्ट आने पर भी आपूर्ति बाधित हो जाती है जिससे उपभोक्ताओं को लंबे कट का सामना करना पड़ता है।
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नए सब-स्टेशन बनने से इस समस्या में काफी हद तक सुधार आएगा। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध रूप से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
मुआवजे विवाद सुलझने के बाद मिली रफ्तार
जगदीशपुर में बिजलीघर निर्माण के लिए पहले जमीन चिह्नित कर मुआवजा भी जारी किया गया था लेकिन कलेक्टर रेट बढ़ने के बाद किसानों ने पुरानी दरों पर जमीन देने से इंकार कर दिया था। अब मुख्यालय की ओर से नई दरों पर मुआवजा मंजूर होने के बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और परियोजना को फिर से गति मिल गई है।
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ओवरलोड की समस्या से मिलेगी निजात
गर्मी में बिजलीघरों पर ओवरलोड बढ़ने से बार-बार फॉल्ट और कटौती की समस्या सामने आती है। जिले में वर्तमान में करीब 80 सब-स्टेशन संचालित हैं और रोजाना 1.42 करोड़ यूनिट से अधिक बिजली की खपत हो रही है। बढ़ती आबादी और मांग के चलते नए बिजलीघरों की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
- बिजली कटौती में कमी
- फॉल्ट की स्थिति में त्वरित समाधान
- वोल्टेज में सुधार
- गर्मी में बेहतर सप्लाई
- पांच नए 33 केवी बिजलीघरों की स्थापना से जिले के ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था मजबूत होगी और उपभोक्ताओं को लंबे समय से चली आ रही समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है।
12.5 एमवीए क्षमता के होंगे ट्रांसफार्मर
बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता अश्विनी कौशिक के अनुसार प्रत्येक बिजलीघर पर करीब 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इनमें 12.5 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इससे न केवल बिजली आपूर्ति सुचारु होगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में वोल्टेज की समस्या भी कम होगी।