प्रदूषण की मार: धूप खिलने के बाद भी नुकसानदायक स्तर पर बना है प्रदूषण का स्तर
दिल्ली एनसीआर व हरियाणा पंजाब के कई जिलों में लोग प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। स्वस्थ लोगों को भी प्रदूषित हवा में सांस लेने में तकलीफ हो रही है। सोनीपत में बुधवार को धूप निकली लेकिन प्रदूषण के स्तर में कोई गिरावट नहीं आई।
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हरियाणा के सोनीपत जिले में धूप खिलने के बावजूद वायु प्रदूषण से निजात नहीं मिल पा रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ ही पीएम-10 और पीएम-2.5 का स्तर मानक से काफी अधिक बना हुआ है। सुबह-शाम स्मॉग छाया रहा। जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
धूप खिलने के बाद भी प्रदूषण कम नहीं हो पा रहा। सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव पीएम-2.5 का हो रहा है। इससे लोगों को सांस फूलने, चक्कर आने और घबराहट होने की शिकायत हो रही है। नागरिक अस्पताल में सांस के रोगियों की संख्या बढ़ रही है। रोजाना करीब 130 से 140 सांस के मरीज पहुंच रहे है।
पहले यहा आंकड़ा 60 से 70 तक था। चिकित्सक लोगों को प्रदूषण से बचकर रहने, मास्क लगाने, पानी ज्यादा पीने, सुबह-शाम गुनगुना पानी पीने और हरी सब्जियां खाने को प्रेरित कर रहे हैं। लोगों को अपने घरों के आंगन में व छत पर पानी का छिडक़ाव करने और अपने आसपास के पौधों की पत्तियों पर पानी छिडकने की सलाह दी जा रही है। साथ ही उन्हें कहा जा रहा है कि कारों में शीशे बंद करके व दोपहिया वाहनों पर हेलमेट का प्रयोग करके प्रदूषण का असर कम किया जा सकता है।
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जिले में यह रही स्थिति
- वायु गुणवत्ता सूचकांक 283
- पीएम-10 387
- पीएम-2.5 375
- कार्बन मोनोआक्साइड 54
प्रदूषण से अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। प्रदूषण का स्तर ज्यादा रहने से कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं। इनसे बचाव के लिए मास्क का प्रयोग जरूर करें। बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं व बच्चों को बेवजह घरों से नहीं निकलने दें। -डॉ. प्रेमदीप सिंह, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र