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कुर्सी से पहले तीनों महिला दावेदारों को भगवा की कसौटी पर परखेगी भाजपा
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Tue, 02 Feb 2016 12:03 AM IST
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जिला परिषद की चौधर का ताज आरती बरौणा, मीना नरवाल या सुमन बुटाना के सिर चढ़ेगा। यह फैसला लेने के लिए भाजपा अपने समर्थक पार्षदों के मन की बात जानेगी। इसके लिए पार्टी जल्द समर्थित पार्षदों की मीटिंग बुलाएगी। पार्टी के जिला अध्यक्ष डाक्टर धर्मवीर नांदल का कहना है कि अंतिम फैसला लेने के लिए पार्षदों की सहमति भी जरूरी है।
एक दिन पहले सीएम से मुलाकात के बाद भाजपा ने तीनों दावेदारों का राजनीतिक बैक ग्राउंड खंगालना शुरू कर दिया है। इसके लिए न केवल अपने नेताओं की जिम्मेदारी लगाई गई है, बल्कि सरकारी तंत्र की भी मदद ली जा रही है। सूत्रों ने बताया कि एक महिला दावेदार जहां पार्टी से आधिकारिक तौर जुड़ी हैं, लेकिन उनकी राह में सबसे बड़ी रुकावट सरकार की नई शर्तें हैं। भाजपा जिले के अंदर पढ़ी-लिखी जिप सरकार का संदेश देन चाहती है। जबकि दो महिला दावेदार पार्टी के लिए नई हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि किस दावेदार के उसकी संबंधित पार्टी में क्या संबंध रहे। परिवार किस नेता से जुड़ा रहा। उसे भाजपा से जोड़ने में कितना फायदा होगा।
भविष्य के समीकरणों पर भी विचार
जिप की चौधर तय करते समय भाजपा भविष्य के समीकरणों पर भी विचार कर रही है। क्योंकि अब तक भाजपा को शहरों की पार्टी माना जाता रहा है। विधानसभा चुनाव में चाहे भाजपा अपने दम पर जीत गई हो, लेकिन चुनाव से पहले भाजपा के पास भगवा बैकग्राउंड के सभी दावेदार नहीं मिले थे। यही कारण है कि अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर भी पार्टी एक महिला दावेदार को जिप की कुर्सी पर बैठाकर भविष्य के लिए नेता तैयार करने पर विचार कर रही है।
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बेटी की शादी के बाद लगाएगी इनेलो दांवपेंच
वहीं इनेलो जिला अध्यक्ष पद्म सिंह दहिया की बेटी की दो फरवरी को शादी है। हालांकि शादी समारोह पारिवारिक और निजी है, फिर भी राजनीतिक पंडितों और सरकारी तंत्र की नजर इस बात पर है कि शादी में नए चुने गए जिला पार्षद कितनी संख्या में शिरकत करते हैं। इसके बाद ही पार्टी अपने दाव-पेंच शुरू करेगी। क्योंकि पार्टी आठ पार्षदों को अपना मानकर चल रही है, जबकि पिछली बार 5 पार्षदों के दम पर इनेलो ने अपना प्रधान बना लिया था।
सांसद और कैबिनेट मंत्री की सहमति रहेगी अहम
जिप की चौधर तय करते समय कैबिनेट मंत्री कविता जैन, उनके पति एवं प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन और सांसद रमेश कौशिक की सहमति बेहद अहम रहेगी। क्योंकि जिले में दो ही नेता हैं जो सबसे ज्यादा सक्रिय हैं और उनका सीधा सरकार में प्रभाव है। ऐसे में दोनों नेता अपने-अपने तरीके से जिला पार्षदों का मन टटोल रहे हैं।
भाजपा का चेयरमैन बनना तय है, क्योंकि तीनों महिला दावेदार एक दिन पहले सीएम से मिल चुकी हैं। अंतिम फैसला लेने से पहले पार्षदों के मन की बात जानना जरूरी है, क्योंकि उन्हें ही जिला परिषद के प्रधान का चयन करना है। भाजपा समर्थित 19 तक पहुंच चुकी है। 15 फरवरी से पहले प्रधान का चयन हो जाएगा।
-डाक्टर धर्मवीर नांदल, जिला अध्यक्ष भाजपा
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एक दिन पहले सीएम से मुलाकात के बाद भाजपा ने तीनों दावेदारों का राजनीतिक बैक ग्राउंड खंगालना शुरू कर दिया है। इसके लिए न केवल अपने नेताओं की जिम्मेदारी लगाई गई है, बल्कि सरकारी तंत्र की भी मदद ली जा रही है। सूत्रों ने बताया कि एक महिला दावेदार जहां पार्टी से आधिकारिक तौर जुड़ी हैं, लेकिन उनकी राह में सबसे बड़ी रुकावट सरकार की नई शर्तें हैं। भाजपा जिले के अंदर पढ़ी-लिखी जिप सरकार का संदेश देन चाहती है। जबकि दो महिला दावेदार पार्टी के लिए नई हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि किस दावेदार के उसकी संबंधित पार्टी में क्या संबंध रहे। परिवार किस नेता से जुड़ा रहा। उसे भाजपा से जोड़ने में कितना फायदा होगा।
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भविष्य के समीकरणों पर भी विचार
जिप की चौधर तय करते समय भाजपा भविष्य के समीकरणों पर भी विचार कर रही है। क्योंकि अब तक भाजपा को शहरों की पार्टी माना जाता रहा है। विधानसभा चुनाव में चाहे भाजपा अपने दम पर जीत गई हो, लेकिन चुनाव से पहले भाजपा के पास भगवा बैकग्राउंड के सभी दावेदार नहीं मिले थे। यही कारण है कि अगले विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर भी पार्टी एक महिला दावेदार को जिप की कुर्सी पर बैठाकर भविष्य के लिए नेता तैयार करने पर विचार कर रही है।
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बेटी की शादी के बाद लगाएगी इनेलो दांवपेंच
वहीं इनेलो जिला अध्यक्ष पद्म सिंह दहिया की बेटी की दो फरवरी को शादी है। हालांकि शादी समारोह पारिवारिक और निजी है, फिर भी राजनीतिक पंडितों और सरकारी तंत्र की नजर इस बात पर है कि शादी में नए चुने गए जिला पार्षद कितनी संख्या में शिरकत करते हैं। इसके बाद ही पार्टी अपने दाव-पेंच शुरू करेगी। क्योंकि पार्टी आठ पार्षदों को अपना मानकर चल रही है, जबकि पिछली बार 5 पार्षदों के दम पर इनेलो ने अपना प्रधान बना लिया था।
सांसद और कैबिनेट मंत्री की सहमति रहेगी अहम
जिप की चौधर तय करते समय कैबिनेट मंत्री कविता जैन, उनके पति एवं प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन और सांसद रमेश कौशिक की सहमति बेहद अहम रहेगी। क्योंकि जिले में दो ही नेता हैं जो सबसे ज्यादा सक्रिय हैं और उनका सीधा सरकार में प्रभाव है। ऐसे में दोनों नेता अपने-अपने तरीके से जिला पार्षदों का मन टटोल रहे हैं।
भाजपा का चेयरमैन बनना तय है, क्योंकि तीनों महिला दावेदार एक दिन पहले सीएम से मिल चुकी हैं। अंतिम फैसला लेने से पहले पार्षदों के मन की बात जानना जरूरी है, क्योंकि उन्हें ही जिला परिषद के प्रधान का चयन करना है। भाजपा समर्थित 19 तक पहुंच चुकी है। 15 फरवरी से पहले प्रधान का चयन हो जाएगा।
-डाक्टर धर्मवीर नांदल, जिला अध्यक्ष भाजपा