{"_id":"5f08b8bd8ebc3e74a76e1ee4","slug":"pesticide-quality-poor-case-filed-sonipat-news-rtk5634550165","type":"story","status":"publish","title_hn":"टिड्डी भगाने को छिड़काव के लिए कीटनाशक के नाम पर धोखा, गुणवत्ता मिली खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टिड्डी भगाने को छिड़काव के लिए कीटनाशक के नाम पर धोखा, गुणवत्ता मिली खराब
विज्ञापन
खरखौदा के उपमंडल कार्यालय में पहुंचा क्लोरोपायरीफॉस का स्टॉक।
- फोटो : Sonipat
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
खरखौदा/सोनीपत। खरखौदा समेत जिले में आसपास के क्षेत्र में टिड्डी दल हमला करता तो सरकारी दवाई छिड़काव के बावजूद वह कहर बरपा सकता था। जिस कीटनाशक के सहारे प्रशासन ने टिड्डी दल को भगाने की तैयारी की थी, वह लैब में हुई जांच में खराब गुणवत्ता का निकला। जिसका पता लगने पर सोनीपत के गुण नियंत्रण निरीक्षक ने खरखौदा पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम, पंचकूला, निर्माता कंपनी व स्टाकिस्ट हरियाणा सहित अन्य सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी। जिस पर खरखौदा पुलिस ने सभी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रदेश में टिड्डी दल के हमले को मद्देनजर पानीपत व सोनीपत में क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी कीटनाशक की आपूर्ति हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम, पंचकूला द्वारा कीटनाशक कंपनी से की गई थी। लेकिन जब कृषि उपनिदेशक, पलवल ने 29 जून को कीटनाशक का नमूना लेकर केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला, फरीदाबाद में जांच के लिए भिजवाया तो उसकी रिपोर्ट में सामने आया कि कीटनाशक में क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी की बजाए सिर्फ 9.45 ईसी ही है। जिसके बाद वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से अन्य जिलों में भी इस कीटनाशक के स्टॉक की सैंपलिंग के आदेश दिए गए थे। जिस पर खरखौदा के उपमंडल कार्यालय में रखे कीटनाशक के स्टॉक से भी नमूने लेकर जांच के लिए करनाल स्थित लैब में भिजवाया गया।
खरखौदा से भेजे गए कीटनाशक की रिपोर्ट ने चौंकाया
खरखौदा उपमंडल कार्यालय में रखे 750 लीटर कीटनाशक की सैंपल रिपोर्ट ने और भी चौका दिया। जिसमें
क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी का सक्रिय घटक 20ईसी की जगह शून्य ही पाया गया। जिससे साफ था कि कीटनाशक की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की थी।
डिजायन से लेकर रंग में भी मिला अंतर
कंपनी द्वारा भेजे गए क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी कीटनाशक को लेकर जांच यहीं पर नहीं थमी। जब पानीपत व सोनीपत में भेजे गए एक ही कंपनी के कीटनाशकों के कंटेनर, बैच आदि की जांच की गई तो उनमें भी अंतर मिला। दोनों जगहों के कंटेनरों की जांच करने पर पाया गया कि ना केवल उनके डिजाइन में अंतर है बल्कि रंग में भी अंतर है। सोनीपत वाले नमूने में कीटनाशक निर्माण तिथि मई 2020 व कीटनाशक समाप्ति की तिथि अप्रैल 2022 है, वहीं पानीपत जिले से प्राप्त नमूने की कीटनाशक निर्माण तिथि मई 20 व कीटनाशक समाप्ति की तिथि अप्रैल 22 अंकित थी।
विज्ञापन
जांच के बाद दर्ज कराया मुकदमा
नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में निर्माण व आपूर्तिकर्ता पर सांठ-गांठ करके धोखधड़ी करने के आरोप लगे हैं। जिस पर हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम, पंचकूला, निर्माता कंपनी व स्टाकिस्ट हरियाणा सहित संबंधित सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें भादसं की धारा 275, 276, 417, 418, 420 च 426 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
खरखौदा व आसपास के क्षेत्र में हो सकता था नुकसान
प्रशासन ने टिड्डी आफत के दौरान टिड्डी दल से निपटने के लिए क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी कीटनाशक मंगवाया था। जिसकी क्वालिटी निम्न स्तर की मिलने से साफ है कि अगर ऐसे में खरखौदा या सोनीपत के अन्य क्षेत्र में टिट्डी दल आता तो उसे रोक पाना मुश्किल होता। ऐसे में किसानों को काफी नुकसान हो सकता था। गनीमत रही की टिड्डी दल सोनीपत की बजाय गुरुग्राम की तरफ चला गया था।
---
उच्च अधिकारियो के निर्देश पर कीटनाशक के सैंपल भेजकर जांच करवाई गई थी। जिसमें उसकी गुणवत्ता काफी निम्न स्तर की पाई गई है। ऐसे में संबंधित के खिलाफ खरखौदा थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई करेगी
-राकेश कुमार, गुण नियंत्रण निरीक्षक, सोनीपत
विज्ञापन
प्रदेश में टिड्डी दल के हमले को मद्देनजर पानीपत व सोनीपत में क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी कीटनाशक की आपूर्ति हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम, पंचकूला द्वारा कीटनाशक कंपनी से की गई थी। लेकिन जब कृषि उपनिदेशक, पलवल ने 29 जून को कीटनाशक का नमूना लेकर केंद्रीय कीटनाशक प्रयोगशाला, फरीदाबाद में जांच के लिए भिजवाया तो उसकी रिपोर्ट में सामने आया कि कीटनाशक में क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी की बजाए सिर्फ 9.45 ईसी ही है। जिसके बाद वीडियो कांफ्रेस के माध्यम से अन्य जिलों में भी इस कीटनाशक के स्टॉक की सैंपलिंग के आदेश दिए गए थे। जिस पर खरखौदा के उपमंडल कार्यालय में रखे कीटनाशक के स्टॉक से भी नमूने लेकर जांच के लिए करनाल स्थित लैब में भिजवाया गया।
विज्ञापन
खरखौदा से भेजे गए कीटनाशक की रिपोर्ट ने चौंकाया
खरखौदा उपमंडल कार्यालय में रखे 750 लीटर कीटनाशक की सैंपल रिपोर्ट ने और भी चौका दिया। जिसमें
क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी का सक्रिय घटक 20ईसी की जगह शून्य ही पाया गया। जिससे साफ था कि कीटनाशक की गुणवत्ता अत्यंत निम्न स्तर की थी।
डिजायन से लेकर रंग में भी मिला अंतर
कंपनी द्वारा भेजे गए क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी कीटनाशक को लेकर जांच यहीं पर नहीं थमी। जब पानीपत व सोनीपत में भेजे गए एक ही कंपनी के कीटनाशकों के कंटेनर, बैच आदि की जांच की गई तो उनमें भी अंतर मिला। दोनों जगहों के कंटेनरों की जांच करने पर पाया गया कि ना केवल उनके डिजाइन में अंतर है बल्कि रंग में भी अंतर है। सोनीपत वाले नमूने में कीटनाशक निर्माण तिथि मई 2020 व कीटनाशक समाप्ति की तिथि अप्रैल 2022 है, वहीं पानीपत जिले से प्राप्त नमूने की कीटनाशक निर्माण तिथि मई 20 व कीटनाशक समाप्ति की तिथि अप्रैल 22 अंकित थी।
विज्ञापन
जांच के बाद दर्ज कराया मुकदमा
नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में निर्माण व आपूर्तिकर्ता पर सांठ-गांठ करके धोखधड़ी करने के आरोप लगे हैं। जिस पर हरियाणा भूमि सुधार एवं विकास निगम, पंचकूला, निर्माता कंपनी व स्टाकिस्ट हरियाणा सहित संबंधित सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें भादसं की धारा 275, 276, 417, 418, 420 च 426 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
खरखौदा व आसपास के क्षेत्र में हो सकता था नुकसान
प्रशासन ने टिड्डी आफत के दौरान टिड्डी दल से निपटने के लिए क्लोरोपायरीफॉस 20 ईसी कीटनाशक मंगवाया था। जिसकी क्वालिटी निम्न स्तर की मिलने से साफ है कि अगर ऐसे में खरखौदा या सोनीपत के अन्य क्षेत्र में टिट्डी दल आता तो उसे रोक पाना मुश्किल होता। ऐसे में किसानों को काफी नुकसान हो सकता था। गनीमत रही की टिड्डी दल सोनीपत की बजाय गुरुग्राम की तरफ चला गया था।
---
उच्च अधिकारियो के निर्देश पर कीटनाशक के सैंपल भेजकर जांच करवाई गई थी। जिसमें उसकी गुणवत्ता काफी निम्न स्तर की पाई गई है। ऐसे में संबंधित के खिलाफ खरखौदा थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई करेगी
-राकेश कुमार, गुण नियंत्रण निरीक्षक, सोनीपत