बिजली संकट: 51 घंटे के ब्लैकआउट से मचा हाहाकार, गहराया पेयजल संकट, यहां इनवर्टर-बैटरी हो चुके हैं ठप
हरियाणा के सोनीपत में राई सब स्टेशन से जुड़े आधा दर्जन गांवों के साथ औद्योगिक क्षेत्र भी अंधेरे में डूबा रहा। रविवार शाम से बिजली गुल होने के कारण इनवर्टर-बैटरी ठप हो चुके हैं।
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दो दिन पहले आई आंधी में गुल हुई बिजली मंगलवार रात तक भी सुचारु नहीं हो पाई। सोनीपत में राई और कुंडली क्षेत्र में 51 घंटे के ब्लैकआउट से हाहाकार मचा हुआ है। अंधेरे के बीच लोग गलियों व सड़कों पर घूमते हुए बिजली आपूर्ति सुचारु होने का इंतजार कर रहे हैं। दो दिन से क्षेत्र में पेयजल संकट गहराया हुआ है। लोग बार-बार बिजली निगम कार्यालयों में फोन कर बिजली आपूर्ति शुरू होने के बारे में पूछ रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि आंधी में बिजली के तारों पर पेड़ गिरने से सैकड़ों खंभे टूट गए हैं, वहीं कई ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। जिसे दुरुस्त करने के लिए बिजली कर्मचारी दिन रात जुटे हुए हैं। देर रात तक क्षेत्र की बिजली आपूर्ति सुचारु होने की उम्मीद है।
रविवार को 90 से 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली आंधी ने जिले में जमकर कहर ढहाया था। जिले में डेढ़ हजार से अधिक पेड़ व 608 खंभे टूट गए थे। वहीं विभिन्न स्थानों पर 68 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए थे। आंधी की सबसे अधिक मार राई व कुंडली क्षेत्र में पड़ी थी। यही कारण है कि यहां 51 घंटे बाद भी बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है।
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि आंधी से इस क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। आंधी में पेड़, बिजली के खंभे टूट गए और लोगों के घरों की छत पर लगे सोलर पैनल तक उखड़ गए थे। हालांकि बिजली निगम के अधिकारी दो दिन से क्षेत्र में व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। वहीं बिजली आपूर्ति बाधित होने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आधा दर्जन गांवों के साथ औद्योगिक क्षेत्र भी अंधेरे में डूबा रहा
आंधी में बिजली के खंभे टूटने व ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से राई सब स्टेशन से जुड़े आधा दर्जन गांवों के साथ ही औद्योगिक क्षेत्र 51 घंटे से अंधेरे में डूबा हुआ है। सोमवार को कुछ फैक्टरी संचालकों ने जनरेटर चलाकर फैक्टरियों में काम करवाया था। मंगलवार को अधिकतर फैक्टरी बिजली न आने के कारण बंद ही रही। राई औद्योगिक एसोसिएशन के प्रधान राकेश देवगन ने बताया कि पूरा दिन जनरेटर पर फैक्टरी चलाना संभव नहीं है। दो दिन से बिजली आपूर्ति बाधित रहने से फैक्टरी संचालकों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। मंगलवार को भी फैक्टरी में कर्मचारी तो पहुंचे, लेकिन बिजली आपूर्ति शुरू न होने से खाली बैठकर वापस चले गए।
बाक्स इनवर्टर हुए ठप, बाधित रहे रोजमर्रा के काम
राई क्षेत्र के लोगों ने बताया कि रविवार को आई आंधी के बाद से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित है। घरों में लगे इनवर्टर सोमवार को ही जवाब दे गए थे। जिन लोगों ने घरों में सोलर पैनल लगाया हुआ है, आंधी में उनके सोलर पैनल तक उखड़ गए। बिजली न आने से क्षेत्र के लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं रोजमर्रा के काम भी बाधित हैं। भीषण गर्मी में पशुओं के लिए भी पानी व चारे का मुश्किल से जुगाड़ करना पड़ रहा है। गर्मी के कारण पूरी रात जागकर काटनी पड़ी। गर्मी से परेशान बच्चे किलकारियां मारते रहे। बिजली निगम के कर्मचारी व्यवस्था दुरुस्त करने में लगे हुए हैं, रात 9 बजे तक बिजली नहीं आई थी। लगता है कि आज की रात भी जागकर ही काटनी होगी।
आंधी में बिजली के खंभे टूटने व ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त होने से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। जिसे दुरुस्त करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। खंभे लगाने व तारें जोड़ने का अधिकतर काम पूरा कर लिया गया है। क्षेत्र में बिजली आपूर्ति जल्द ही सुचारु कर दी जाएगी। -दिवेश दहिया, एसडीओ, सब स्टेशन, राई।