सोनीपत। पंजाब कृषि विवि लुधियाना के 11 सदस्यीय वैज्ञानिक दल डॉ. एमएस गिल अतिरिक्त निदेशक अनुसंधान के नेतृत्व में पद्मश्री कंवल सिंह चौहान के विविधीकरण मॉडल को देखने गांव अटेरना में पहुंचे।
कृषि विज्ञान केंद्र जगदीशपुर के वरिष्ठ संयोजक डॉ. जेके नांदल ने वैज्ञानिक दल का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि सोनीपत जिला कृषि विविधीकरण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। वर्षों पहले यहां धान व गेहूं के फसल चक्र से भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा था, जमीन की उर्वरा शक्ति घट रही थी। इसके चलते कृषि विज्ञान केंद्र के सहयोग से किसानों ने फसल विविधीकरण पर जोर दिया। जिसमें बेबीकॉर्न, स्वीट कॉर्न, सब्जियां, फूलों और मशरूम को खेती में शामिल किया। वैज्ञानिक दल ने एकीकृत फसल प्रणाली प्रसंस्करण इकाइयों, डेरी यूनिट, मशरूम यूनिट, कंपोस्ट यूनिट का अवलोकन किया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. परमिंद्र सिंह ने कंवल सिंह चौहान की उपलब्धियों के बारे में बताया। इस पर डॉ. एमएस गिल ने बताया कि उन्होंने इस विविधीकरण के मॉडल का तकनीकी व आर्थिक पहलू समझा और इसी मॉडल को पंजाब में भी अपनाने की संभावनाएं तलाशेंगे। जिससे किसानों की आमदनी बढ़ सके और फसल विविधीकरण को बढ़ावा दे सके। इस दौरान डॉ. महेश, डॉ. पूनम, डॉ. रतनपाल, डॉ. कुलबीर सिंह डॉ. प्रीति, डॉ. शिवानी, डॉ. जपिंद्र, डॉ. जीएस चावला सहित पांच विद्यार्थी शामिल रहे।