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मिसाल : अब सीमा पर पहरा देगी मलिकपुर की बेटी
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सोनीपत के गांव मलिकपुर निवासी रितु सैनी पंजाब के होशियारपुर बीएसएफ प्रशिक्षण केंद्र में पासिंग
सोनीपत। बेटियां अब हर क्षेत्र में सफलता का मुकाम हासिल कर रही हैं। ग्रामीण अंचल की बेटियां भी अपनी मेहनत के बूते आगे बढ़कर नाम कमा रही हैं और उनके माता-पिता भी उन्हें पूरा प्रोत्साहन दे रहे हैं। गांव मलिकपुर के नवरत्न सैनी ने भी बेटी को देश सेवा में लगाने का सपना संजोया था, जिसे उनकी लाडली ने पूरा कर दिखाया है। बेटी रितु सैनी ने सीमा सुरक्षा बल में नियुक्ति पाई है। अब वह देश की सीमा पर पहरा देंगी।
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कांस्टेबल नियुक्त होने वाली रितु सैनी गांव की पहली बेटी हैं। पिता नवरत्न सैनी से प्रेरणा पाकर उन्होंने देश सेवा को चुना। पिता की प्रेरणा पाकर रितु सैनी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कांस्टेबल बन गई। पंजाब के होशियारपुर बीएसएफ प्रशिक्षण केंद्र में एक साल तक प्रशिक्षण लिया और 19 अक्तूबर को पासिंग आउट के बाद उन्हें अब पश्चिम बंगाल के मध्यम ग्राम में नियुक्ति मिली है। रितु सैनी 2 नवंबर को मध्यम ग्राम में बीएसएफ बटालियन में ड्यूटी ज्वाइन करेगी।
किसानी कर पिता ने बनाया काबिल
रितु ने कहा कि पिता नवरत्न ने किसानी कर उन्हें हर तरह का प्रोत्साहन दिया। पिता उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए खूब पसीना बहाते थे, जिससे वह पढ़ लिखकर परिवार व गांव का नाम रोशन कर सकीं। मां कृष्णा ने भी उनकी हर कदम पर सहायता की।
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तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं रितु
मां कृष्णा ने बताया कि रितु के दो बड़े भाई मोहित व रोहित हैं। वह तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं और अपनी प्रतिभा और लगन से बीएसएफ में अपना चयन सुनिश्चित कर लिया। बेटी के बीएसएफ में चयनित होने पर वह बहुत खुश हैं। पिता नवरत्न सैनी ने बताया कि बेटी रितु सैनी ने कला संकाय में स्नातकोत्तर तक शिक्षा पूरी की है। वर्तमान में एलएलबी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है।
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सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कांस्टेबल नियुक्त होने वाली रितु सैनी गांव की पहली बेटी हैं। पिता नवरत्न सैनी से प्रेरणा पाकर उन्होंने देश सेवा को चुना। पिता की प्रेरणा पाकर रितु सैनी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में कांस्टेबल बन गई। पंजाब के होशियारपुर बीएसएफ प्रशिक्षण केंद्र में एक साल तक प्रशिक्षण लिया और 19 अक्तूबर को पासिंग आउट के बाद उन्हें अब पश्चिम बंगाल के मध्यम ग्राम में नियुक्ति मिली है। रितु सैनी 2 नवंबर को मध्यम ग्राम में बीएसएफ बटालियन में ड्यूटी ज्वाइन करेगी।
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किसानी कर पिता ने बनाया काबिल
रितु ने कहा कि पिता नवरत्न ने किसानी कर उन्हें हर तरह का प्रोत्साहन दिया। पिता उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए खूब पसीना बहाते थे, जिससे वह पढ़ लिखकर परिवार व गांव का नाम रोशन कर सकीं। मां कृष्णा ने भी उनकी हर कदम पर सहायता की।
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तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं रितु
मां कृष्णा ने बताया कि रितु के दो बड़े भाई मोहित व रोहित हैं। वह तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं और अपनी प्रतिभा और लगन से बीएसएफ में अपना चयन सुनिश्चित कर लिया। बेटी के बीएसएफ में चयनित होने पर वह बहुत खुश हैं। पिता नवरत्न सैनी ने बताया कि बेटी रितु सैनी ने कला संकाय में स्नातकोत्तर तक शिक्षा पूरी की है। वर्तमान में एलएलबी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही है।