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Sonipat News: हॉस्टल में अब मोबाइल से बुक होगा कपड़े धोने का स्लॉट
Sun, 10 May 2026 06:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 10 May 2026 06:33 PM IST
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गोहाना के गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय के हॉस्टल में लगी
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। भगत फूल सिंह राजकीय महिला आयुर्विज्ञान महाविद्यालय खानपुर कलां के हॉस्टल में छात्राओं की सुविधा के लिए स्मार्ट वॉशिंग मशीन लगाई गई है। इस नई व्यवस्था से अब छात्राओं को कपड़े धोने के लिए लाइन में लगने या समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हॉस्टल में स्थापित इस स्मार्ट मशीन को मोबाइल एप के जरिए ऑपरेट किया जा सकता है। छात्राएं अपने कमरे में बैठकर ही मोबाइल एप के जरिए मशीन के लिए अपना स्लॉट बुक कर सकती हैं। तय समय पर मशीन में कपड़े डालकर उसे चालू करने के बाद छात्राएं वापस अपने कमरे में जा सकती हैं।
यह मशीन एक बार में लगभग 8 किलोग्राम कपड़े धोने की क्षमता रखती है। खास बात यह है कि कपड़े धुलने के साथ-साथ सूखकर तैयार भी हो जाते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर छात्राओं के मोबाइल पर अलर्ट आ जाता है जिसके बाद वे जाकर अपने सूखे हुए कपड़े आसानी से ले सकती हैं।
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इस सुविधा से छात्राओं का समय बचेगा और उन्हें आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा। ये मशीनें सभी होस्टल में स्थापित की गई हैं। -डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, निर्देशक, भगत फूल सिंह राजकीय महिला आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, खानपुर कलां।
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गोहाना। भगत फूल सिंह राजकीय महिला आयुर्विज्ञान महाविद्यालय खानपुर कलां के हॉस्टल में छात्राओं की सुविधा के लिए स्मार्ट वॉशिंग मशीन लगाई गई है। इस नई व्यवस्था से अब छात्राओं को कपड़े धोने के लिए लाइन में लगने या समय बर्बाद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
हॉस्टल में स्थापित इस स्मार्ट मशीन को मोबाइल एप के जरिए ऑपरेट किया जा सकता है। छात्राएं अपने कमरे में बैठकर ही मोबाइल एप के जरिए मशीन के लिए अपना स्लॉट बुक कर सकती हैं। तय समय पर मशीन में कपड़े डालकर उसे चालू करने के बाद छात्राएं वापस अपने कमरे में जा सकती हैं।
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यह मशीन एक बार में लगभग 8 किलोग्राम कपड़े धोने की क्षमता रखती है। खास बात यह है कि कपड़े धुलने के साथ-साथ सूखकर तैयार भी हो जाते हैं। प्रक्रिया पूरी होने पर छात्राओं के मोबाइल पर अलर्ट आ जाता है जिसके बाद वे जाकर अपने सूखे हुए कपड़े आसानी से ले सकती हैं।
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इस सुविधा से छात्राओं का समय बचेगा और उन्हें आधुनिक तकनीक का लाभ मिलेगा। ये मशीनें सभी होस्टल में स्थापित की गई हैं। -डॉ. जगदीश चंद्र दुरेजा, निर्देशक, भगत फूल सिंह राजकीय महिला आयुर्विज्ञान महाविद्यालय, खानपुर कलां।