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Sonipat News: श्वसन रोग विशेषज्ञ ही नहीं, हर माह आ रहे 250 दमा के मरीज
Tue, 02 May 2023 12:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 02 May 2023 12:35 AM IST
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सोनीपत। नागरिक अस्पताल में हर माह 250 से ज्यादा अस्थमा (दमा) के मरीज इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं। इनमें कुछ नए तो बाकी पुराने मरीज होते हैं। विडंबना यह है कि जिला नागरिक अस्पताल में श्वास रोग विशेषज्ञ नहीं है। फिजिशियनों के सहारे उनका उपचार किया जा रहा है।
अस्थमा, सांस की गंभीर बीमारियों में से एक है। इसके कारण कुछ स्थितियों में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। दमा में मरीज के फेफड़ों पर आक्रमण कर श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। जिन लोगों को सांस की दिक्कत होती है उन्हें अपने आहार और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
अस्थमा के लक्षण
सांस लेने में कठिनाई होती है , क्योंकि श्वास नलियों में सूजन आने के कारण श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है।
खांसी, घबराहट तथा सीने में जकड़न और भारीपन होना
फेफड़ों में लंबे समय तक कफ जमी रहना, नाड़ी गति का बढ़ जाना
सांस लेते समय सीटी की आवाज आना आदि।
इन बातों का रखें ध्यान
अस्थमा के मरीज तले हुए पदार्थ न खाएं।
अधिक मीठा, ठंडा पानी, दही का सेवन न करें।
प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा वाली चीजों का सेवन कम करें।
कोल्ड ड्रिंक पीने से परहेज करें।
बीमारी छुपाने पर जानलेवा हो सकता है अस्थमा
चिकित्सक का कहना है कि अस्थमा के दौरान सांस लेना मुश्किल हो सकता है। जब हम सांस छोड़ते हैं तो खांसी, सीटी की आवाज (घरघराहट) होती है। अस्थमा एक क्रोनिक समस्या है, जिसके लिए आपको निरंतर देखभाल की आवश्यकता होती है। काफी लोग इस बीमारी को छुपाते हैं, जोकि जानलेवा हो सकती है। अपने चिकित्सक से समय-समय पर परामर्श लेते रहें और अपने लक्षणों का सही समय पर उपचार लेते रहे।
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एनसीडी कार्यक्रम में अस्थमा को जोड़ा
गैर संचारी रोग (एनसीडी) की नोडल अधिकारी डॉक्टर गीता दहिया ने कहा कि गंभीर रोगों से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कदम उठाया है। मरीजों से अपील है कि यदि किसी में अस्थमा के लक्षण है तो वह अब एनसीडी से निशुल्क इलाज करवा सकता है। एनसीडी प्रोग्राम में अस्थमा को भी जोड़ा गया है।
हर दिन 1 हेल्थ सेंटर पर 35 मरीज चेक करने का लक्ष्य
जिले के अंदर हार्ट, बीपी, शुगर, अस्थमा, कैंसर, स्ट्रॉक की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग हर महीने 54 कैंप लगाएगा। इसके साथ इसमें सामाजिक संगठन का भी सहयोग लिया जाएगा, जो दवा वितरित करने का काम करेंगे। इसके साथ हेल्थ सेंटर पर इन रोगों को लेकर हर दिन टेस्टिंग होगी। इसके लिए हेल्थ सेंटर को 35-35 मरीजों का टारगेट दिया गया है।
ब्लॉक वाइज जांच का टारगेट तय
ब्लॉक लक्ष्य
जुआं 87248
गोहाना 50664
खरखौदा 39381
मुंडलाना 42232
गन्नौर 89968
बढ़खालसा 101451
फिरोजपुर बांगर 20636
अर्बन सोनीपत 110920
अस्थमा का इलाज संभव है। अगर किसी को सांस छोड़ने में परेशानी होती है तो अस्थमा हो सकता है। ऐसे में लोगों को समय पर चिकित्सकों से परामर्श लेकर अस्थमा का इलाज करवना चाहिए। -डॉ. शैलेंद्र राणा, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल।
अस्थमा को एनसीडी कार्यक्रम में शामिल किया गया है। अब अस्थमा पीड़ित को रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। अस्थमा के मरीजों को मुफ्त इलाज के साथ उनको दवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। विश्व अस्थमा दिवस पर जुआं सीएचसी पर भी स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा। -डॉ. गीता दहिया, उप सिविल सर्जन
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अस्थमा, सांस की गंभीर बीमारियों में से एक है। इसके कारण कुछ स्थितियों में सांस लेना मुश्किल हो जाता है। दमा में मरीज के फेफड़ों पर आक्रमण कर श्वसन प्रणाली को प्रभावित करती है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर स्थिति काफी गंभीर हो सकती है। जिन लोगों को सांस की दिक्कत होती है उन्हें अपने आहार और जीवनशैली पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है।
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अस्थमा के लक्षण
सांस लेने में कठिनाई होती है , क्योंकि श्वास नलियों में सूजन आने के कारण श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है।
खांसी, घबराहट तथा सीने में जकड़न और भारीपन होना
फेफड़ों में लंबे समय तक कफ जमी रहना, नाड़ी गति का बढ़ जाना
सांस लेते समय सीटी की आवाज आना आदि।
इन बातों का रखें ध्यान
अस्थमा के मरीज तले हुए पदार्थ न खाएं।
अधिक मीठा, ठंडा पानी, दही का सेवन न करें।
प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा वाली चीजों का सेवन कम करें।
कोल्ड ड्रिंक पीने से परहेज करें।
बीमारी छुपाने पर जानलेवा हो सकता है अस्थमा
चिकित्सक का कहना है कि अस्थमा के दौरान सांस लेना मुश्किल हो सकता है। जब हम सांस छोड़ते हैं तो खांसी, सीटी की आवाज (घरघराहट) होती है। अस्थमा एक क्रोनिक समस्या है, जिसके लिए आपको निरंतर देखभाल की आवश्यकता होती है। काफी लोग इस बीमारी को छुपाते हैं, जोकि जानलेवा हो सकती है। अपने चिकित्सक से समय-समय पर परामर्श लेते रहें और अपने लक्षणों का सही समय पर उपचार लेते रहे।
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एनसीडी कार्यक्रम में अस्थमा को जोड़ा
गैर संचारी रोग (एनसीडी) की नोडल अधिकारी डॉक्टर गीता दहिया ने कहा कि गंभीर रोगों से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कदम उठाया है। मरीजों से अपील है कि यदि किसी में अस्थमा के लक्षण है तो वह अब एनसीडी से निशुल्क इलाज करवा सकता है। एनसीडी प्रोग्राम में अस्थमा को भी जोड़ा गया है।
हर दिन 1 हेल्थ सेंटर पर 35 मरीज चेक करने का लक्ष्य
जिले के अंदर हार्ट, बीपी, शुगर, अस्थमा, कैंसर, स्ट्रॉक की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग हर महीने 54 कैंप लगाएगा। इसके साथ इसमें सामाजिक संगठन का भी सहयोग लिया जाएगा, जो दवा वितरित करने का काम करेंगे। इसके साथ हेल्थ सेंटर पर इन रोगों को लेकर हर दिन टेस्टिंग होगी। इसके लिए हेल्थ सेंटर को 35-35 मरीजों का टारगेट दिया गया है।
ब्लॉक वाइज जांच का टारगेट तय
ब्लॉक लक्ष्य
जुआं 87248
गोहाना 50664
खरखौदा 39381
मुंडलाना 42232
गन्नौर 89968
बढ़खालसा 101451
फिरोजपुर बांगर 20636
अर्बन सोनीपत 110920
अस्थमा का इलाज संभव है। अगर किसी को सांस छोड़ने में परेशानी होती है तो अस्थमा हो सकता है। ऐसे में लोगों को समय पर चिकित्सकों से परामर्श लेकर अस्थमा का इलाज करवना चाहिए। -डॉ. शैलेंद्र राणा, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल।
अस्थमा को एनसीडी कार्यक्रम में शामिल किया गया है। अब अस्थमा पीड़ित को रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। अस्थमा के मरीजों को मुफ्त इलाज के साथ उनको दवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। विश्व अस्थमा दिवस पर जुआं सीएचसी पर भी स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया जाएगा। -डॉ. गीता दहिया, उप सिविल सर्जन