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किसानों के जाने के तुरंत बाद नहीं खुल सकेगा नेशनल हाईवे-44
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कुंडली बॉर्डर पर किसानों द्वारा बनाई गई लग्जरी झोपड़ी। संवाद
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर एक साल से आंदोलनरत किसान 11 दिसंबर को वापसी करेंगे, उसके बावजूद नेशनल हाईवे-44 तुरंत नहीं खुल सकेगा। दिल्ली आवागमन के लिए लोगों को कुछ दिन इंतजार करना पड़ेगा। जीटी रोड पर रुके मरम्मत कार्य व किसान आंदोलन के कारण दोनों तरफ का रास्त पूरी तरह से अवरुद्ध है। शुरुआत में दोनों तरफ के सर्विस रोड से ही आवागमन किया जा सकेगा। इसमें से भी एक तरफ का सर्विस रोड पूरी तरह से खस्ताहाल है। सड़क पर बने गड्ढों को भरने में भी कुछ दिन का समय लग जाएगा। दूसरी तरफ दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में बढ़ रहे प्रदूषण के कारण एनजीटी द्वारा निर्माण कार्यों पर लगाई रोक से मरम्मत कार्य तुरंत शुरू नहीं हो सकेंगे।
किसान आंदोलन वापसी की घोषणा के साथ ही किसान अपने सामान व वाहनों के साथ वापसी की तैयारी में जुटे हैं। 11 दिसंबर की सुबह किसानों का प्रस्थान शुरू हो जाएगा। इसके बाद भी करीब दो दिनों तक किसानों का जाना जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि एक साथ निकलने से जाम की स्थिति बन सकती है। यही कारण है कि हाईवे पर जाम से बचने के लिए किसानों को अलग-अलग जत्थों में रवाना किया जाएगा। सभी किसानों की रवानगी के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) दोनों तरफ के सर्विस रोड को आम वाहनों के चलने लायक बनाने के लिए मरम्मत शुरू करेगा। हालांकि बढ़ते प्रदूषण के कारण एनजीटी द्वारा निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है। इसलिए शुरुआत में केवल गड्ढे को भरने का काम किया जाएगा। इस काम में भी कई दिनों का समय लग जाएगा। यही कारण है कि किसानों की वापसी के बाद भी दिल्ली आवागमन शुरू होने में करीब दो सप्ताह का समय लग जाएगा।
8 से 10 किलोमीटर तक खस्ताहल हो चुका है जीटी रोड
नवंबर 2020 में जब किसान आंदोलन शुरू हुआ, तब जीटी रोड पर चौड़ीकरण का कार्य चल रहा था। इस कारण मुख्य लेन बंद थी और वाहनों का आवागमन सर्विस लेन से हो रहा था। किसान आंदोलन शुरू होने के बाद किसानों ने जीटी रोड के दोनों तरफ सर्विस रोड पर डेरा जमा लिया था। समय के साथ किसान आंदोलन बढ़ता चला गया। किसानों ने केजीपी-केएमपी से लेकर कुंडली बॉर्डर तक मार्ग को अवरुद्ध किए रखा। इस दौरान सर्विस रोड पर गड्ढे खोद दिए गए। अब इसकी मरम्मत में समय लग सकता है।
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फिर शुरू होंगे टोल बैरियर
एनएचएआई ने किसानों की वापसी के साथ ही टोल बैरियर शुरू करने की तैयारी कर ली है। किसानों की वापसी के साथ ही जीटी रोड, एक्सप्रेस वे व अन्य हाईवे पर सभी टोल प्लाजा शुरू कर दिए जाएंगे। संभावना जताई जा रही है कि 12 दिसंबर के बाद से टोल शुरू हो सकते हैं। सोनीपत के भिगान टोल की बात करें तो यहां पर भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
वर्जन
किसानों की वापसी के साथ ही एनएचएआई ने जीटी रोड चालू करने की तैयारी शुरू कर दी है। एक तरफ का सर्विस रोड पूरी तरह से खस्ताहाल है। शुरुआत में ड्राई मरम्मत से गड्ढों को भरा जाएगा। इसमें कुछ दिन का समय लग जाएगा। जीटी रोड के दोनों तरफ सर्विस लेन की करीब 10 किलोमीटर तक मरम्मत होनी है। एनजीटी का प्रतिबंध हटने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। जीटी रोड पर दिल्ली तक वाहनों का आवागमन करीब 15 दिसंबर के बाद ही शुरू हो पाएगा।
- आनंद दहिया, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई
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किसान आंदोलन वापसी की घोषणा के साथ ही किसान अपने सामान व वाहनों के साथ वापसी की तैयारी में जुटे हैं। 11 दिसंबर की सुबह किसानों का प्रस्थान शुरू हो जाएगा। इसके बाद भी करीब दो दिनों तक किसानों का जाना जारी रहेगा। किसानों का कहना है कि एक साथ निकलने से जाम की स्थिति बन सकती है। यही कारण है कि हाईवे पर जाम से बचने के लिए किसानों को अलग-अलग जत्थों में रवाना किया जाएगा। सभी किसानों की रवानगी के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) दोनों तरफ के सर्विस रोड को आम वाहनों के चलने लायक बनाने के लिए मरम्मत शुरू करेगा। हालांकि बढ़ते प्रदूषण के कारण एनजीटी द्वारा निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई है। इसलिए शुरुआत में केवल गड्ढे को भरने का काम किया जाएगा। इस काम में भी कई दिनों का समय लग जाएगा। यही कारण है कि किसानों की वापसी के बाद भी दिल्ली आवागमन शुरू होने में करीब दो सप्ताह का समय लग जाएगा।
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8 से 10 किलोमीटर तक खस्ताहल हो चुका है जीटी रोड
नवंबर 2020 में जब किसान आंदोलन शुरू हुआ, तब जीटी रोड पर चौड़ीकरण का कार्य चल रहा था। इस कारण मुख्य लेन बंद थी और वाहनों का आवागमन सर्विस लेन से हो रहा था। किसान आंदोलन शुरू होने के बाद किसानों ने जीटी रोड के दोनों तरफ सर्विस रोड पर डेरा जमा लिया था। समय के साथ किसान आंदोलन बढ़ता चला गया। किसानों ने केजीपी-केएमपी से लेकर कुंडली बॉर्डर तक मार्ग को अवरुद्ध किए रखा। इस दौरान सर्विस रोड पर गड्ढे खोद दिए गए। अब इसकी मरम्मत में समय लग सकता है।
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फिर शुरू होंगे टोल बैरियर
एनएचएआई ने किसानों की वापसी के साथ ही टोल बैरियर शुरू करने की तैयारी कर ली है। किसानों की वापसी के साथ ही जीटी रोड, एक्सप्रेस वे व अन्य हाईवे पर सभी टोल प्लाजा शुरू कर दिए जाएंगे। संभावना जताई जा रही है कि 12 दिसंबर के बाद से टोल शुरू हो सकते हैं। सोनीपत के भिगान टोल की बात करें तो यहां पर भी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
वर्जन
किसानों की वापसी के साथ ही एनएचएआई ने जीटी रोड चालू करने की तैयारी शुरू कर दी है। एक तरफ का सर्विस रोड पूरी तरह से खस्ताहाल है। शुरुआत में ड्राई मरम्मत से गड्ढों को भरा जाएगा। इसमें कुछ दिन का समय लग जाएगा। जीटी रोड के दोनों तरफ सर्विस लेन की करीब 10 किलोमीटर तक मरम्मत होनी है। एनजीटी का प्रतिबंध हटने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। जीटी रोड पर दिल्ली तक वाहनों का आवागमन करीब 15 दिसंबर के बाद ही शुरू हो पाएगा।
- आनंद दहिया, परियोजना अधिकारी, एनएचएआई