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Sonipat News: पढ़ाई का हुआ नुकसान, भरपाई के लिए करनी होगी अतिरिक्त पढ़ाई ...
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गोहाना। सरकार ने बॉन्ड पॉलिसी में एमबीबीएस के विद्यार्थियो की मांग के अनुसार संशोधन कर दिया है। जिसके बाद भगत फूल सिंह (बीपीएस) महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्राओं ने हड़ताल को खत्म करने की घोषणा कर दी है। अब छात्राएं सोमवार को अपनी कक्षाओं में जाकर फिर से पढ़ाई शुरू करेगी। छात्राओं ने मांग पूरी होने पर खुुशी जताई और कहा कि हड़ताल के दौरान पढ़ाई का जितना नुकसान हुआ है इसकी भरपाई के लिए अब उन्हें अतिरिक्त पढ़ाई करनी होगी।
बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्राएं बॉन्ड पॉलिसी को वापस लेने की मांग को लेकर 4 नवंबर से कक्षाओं का बहिष्कार कर हड़ताल पर बैठी थीं। इस दौरान छात्राओं ने परीक्षाओं का भी बहिष्कार कर दिया था। छात्राओं ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को खून से पत्र लिखा, जिसके बाद सरकार ने एमबीबीएस के विद्यार्थियों की मांग के अनुसार बॉन्ड पॉलिसी में संशोधन कर दिया। एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने बॉन्ड पॉलिसी के संसोधन को मानते हुए हड़ताल खत्म कर दी है।
बॉन्ड पॉलिसी में यह किया बदलाव
पहले बॉन्ड पॉलिसी 7 साल के लिए थी, अब 5 साल के लिए कर दी गई है। नौकरी पाने के लिए 1 साल का समय दिया जाएगा। एमबीबीएस का पाठ्यक्रम करने के बाद कोई ईएमआई की किस्त नहीं देनी होगी। बॉन्ड पॉलिसी की किस्त भुगतान का समय एमबीबीएस के कोर्स के 1 साल के बाद कर दिया गया है। अगर एमबीबीएस का विद्यार्थी हरियाणा से बाहर 2 साल के लिए पीजी करता है तो बॉन्ड की पॉलिसी के अनुसार 5 साल के बाद ही किस्त अदा करनी होगी। वहीं अगर विद्यार्थी 5 साल के लिए सरकारी संस्था में नौकरी करता है तो बॉन्ड की शर्त खत्म हो जाएगी।
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बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्राएं बॉन्ड पॉलिसी को वापस लेने की मांग को लेकर 4 नवंबर से कक्षाओं का बहिष्कार कर हड़ताल पर बैठी थीं। इस दौरान छात्राओं ने परीक्षाओं का भी बहिष्कार कर दिया था। छात्राओं ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को खून से पत्र लिखा, जिसके बाद सरकार ने एमबीबीएस के विद्यार्थियों की मांग के अनुसार बॉन्ड पॉलिसी में संशोधन कर दिया। एमबीबीएस के विद्यार्थियों ने बॉन्ड पॉलिसी के संसोधन को मानते हुए हड़ताल खत्म कर दी है।
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बॉन्ड पॉलिसी में यह किया बदलाव
पहले बॉन्ड पॉलिसी 7 साल के लिए थी, अब 5 साल के लिए कर दी गई है। नौकरी पाने के लिए 1 साल का समय दिया जाएगा। एमबीबीएस का पाठ्यक्रम करने के बाद कोई ईएमआई की किस्त नहीं देनी होगी। बॉन्ड पॉलिसी की किस्त भुगतान का समय एमबीबीएस के कोर्स के 1 साल के बाद कर दिया गया है। अगर एमबीबीएस का विद्यार्थी हरियाणा से बाहर 2 साल के लिए पीजी करता है तो बॉन्ड की पॉलिसी के अनुसार 5 साल के बाद ही किस्त अदा करनी होगी। वहीं अगर विद्यार्थी 5 साल के लिए सरकारी संस्था में नौकरी करता है तो बॉन्ड की शर्त खत्म हो जाएगी।
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