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Sonipat News: प्रकृति की पूजा का प्रतीक लोहड़ी पर्व कल
Thu, 11 Jan 2024 10:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 11 Jan 2024 10:32 PM IST
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पंडित विशाल शर्मा। स्रोत : स्वयं
सोनीपत। उत्तर भारत विशेषकर पंजाब और हरियाणा में मनाया जाने वाला लोहड़ी का पर्व जिले भर में शनिवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। लोहड़ी पर्व को लेकर हर वर्ग में उल्लास है। युवा ढोल की थाप पर थिरकने को आतुर हैं। मान्यता है कि लोहड़ी का पर्व शीत ऋतु की समाप्ति और बसंत के आगमन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। लोहड़ी का त्योहार एक तरफ दुल्ला भट्टी की लोक कथा से जुड़ा है तो इसका संबंध माता सती की पौराणिक कथा से भी है।
दिल्ली रोड स्थित सिद्ध पीठ श्री चिंता हरण बालाजी हनुमान मंदिर के पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि हिंदू पंचाग के अनुसार लोहड़ी पर्व मनाने का शुभ मुहूर्त शाम 6:00 से 7:30 के तक रहेगा। उन्होंने बताया कि सिख व पंजाबी समुदाय में यह पर्व श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि जिन परिवारों में पुत्र की शादी या घरों में पैदा हुए बच्चों की पहली लोहड़ी होती है, उनमें पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता हैं। इन परिवारों में तो एक सप्ताह पहले से ही इस पर्व को मनाने की तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं।
प्रकृति की पूजा के रूप में मनाया जाता है पर्व
लोहड़ी का पर्व प्रकृति की पूजा के रूप में मनाया जाता हैं। इस दिन आग जला कर प्रकृति की पूजा की जाती हैं। आग को तिल, गज्जक, मूंगफली, गुड़ व गन्ना समर्पित कर नाचते गाते हुए पर्व मनाया जाता हैं। पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए ढोल बाजे पहले ही बुक कर लिए जाते हैं। इस दिन सिख एवं पंजाबी समाज के लोग मिठाइयां, मूंगफली व रेवड़ियां बांटकर एक दूसरे को पर्व की बधाई देते हैं।
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पंचांग के अनुसार लोहड़ी मनाने के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 05:27 बजे से सुबह 06:21 बजे तक।
विजय मुहूर्त : दोपहर 02.15 बजे से 02.57 बजे तक।
गोधूलि बेला : शाम 06:00 बजे से 07:30 तक।
निशित मुहूर्त : रात 12:03 बजे से रात 12:57 बजे तक
पूजा की विधि
लोहड़ी पर्व पर घर के बाहर खुली जगह पर लकड़ियां एकत्रित कर आग जलाई जाती हैं। सभी सदस्य अग्नि की परिक्रमा कर उसमें तिल, गज्जक, पॉपकॉर्न, मूंगफली अर्पित करते हैं। इस दौरान सभी परिक्रमा लगाते हुए सुख-समृद्धि का आशीष मांगते हैं।
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दिल्ली रोड स्थित सिद्ध पीठ श्री चिंता हरण बालाजी हनुमान मंदिर के पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि हिंदू पंचाग के अनुसार लोहड़ी पर्व मनाने का शुभ मुहूर्त शाम 6:00 से 7:30 के तक रहेगा। उन्होंने बताया कि सिख व पंजाबी समुदाय में यह पर्व श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि जिन परिवारों में पुत्र की शादी या घरों में पैदा हुए बच्चों की पहली लोहड़ी होती है, उनमें पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जाता हैं। इन परिवारों में तो एक सप्ताह पहले से ही इस पर्व को मनाने की तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं।
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प्रकृति की पूजा के रूप में मनाया जाता है पर्व
लोहड़ी का पर्व प्रकृति की पूजा के रूप में मनाया जाता हैं। इस दिन आग जला कर प्रकृति की पूजा की जाती हैं। आग को तिल, गज्जक, मूंगफली, गुड़ व गन्ना समर्पित कर नाचते गाते हुए पर्व मनाया जाता हैं। पर्व को धूमधाम से मनाने के लिए ढोल बाजे पहले ही बुक कर लिए जाते हैं। इस दिन सिख एवं पंजाबी समाज के लोग मिठाइयां, मूंगफली व रेवड़ियां बांटकर एक दूसरे को पर्व की बधाई देते हैं।
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पंचांग के अनुसार लोहड़ी मनाने के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त : सुबह 05:27 बजे से सुबह 06:21 बजे तक।
विजय मुहूर्त : दोपहर 02.15 बजे से 02.57 बजे तक।
गोधूलि बेला : शाम 06:00 बजे से 07:30 तक।
निशित मुहूर्त : रात 12:03 बजे से रात 12:57 बजे तक
पूजा की विधि
लोहड़ी पर्व पर घर के बाहर खुली जगह पर लकड़ियां एकत्रित कर आग जलाई जाती हैं। सभी सदस्य अग्नि की परिक्रमा कर उसमें तिल, गज्जक, पॉपकॉर्न, मूंगफली अर्पित करते हैं। इस दौरान सभी परिक्रमा लगाते हुए सुख-समृद्धि का आशीष मांगते हैं।