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Sonipat News: हल्की बारिश से फसलों को फायदा, ज्यादा पानी और हवा से नुकसान का खतरा
Sat, 21 Mar 2026 02:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 21 Mar 2026 02:13 AM IST
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बारिश के दौरान जीटी रोड से गुजरते वाहन। संवाद
सोनीपत/गोहाना। जिले में वीरवार रात आठ बजे शुरू हुई बूंदाबांदी शुक्रवार दोपहर तक जारी रही। इस दौरान गोहाना में आठ एमएम और खानपुर में 12 एमएम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि कृषि विभाग के एसडीओ राजेंद्र प्रसाद मेहरा के अनुसार अब तक की बारिश से गेहूं की फसल को फायदा ही हुआ है। चिंता भी जताई है कि अब यदि तेज बारिश या हवा चली तो गेहूं की फसल खेतों में बिछ सकती है।
शुक्रवार को सुबह बूंदाबांदी के बीच लोगों की आंख खुली और सुबह आठ बजे के करीब कुछ देर के लिए अच्छी बारिश हो गई। इसके बाद दोपहर तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस दौरान लोगों को एक बार फिर से ठंड का अहसास हुआ। दोपहर बाद धूप निकल आई इसके बाद मौसम सुहावना हो गया। फिलहाल जिले में फसलों को नुकसान नहीं हुआ है। किसानों की चिंता जरूर बढ़ गई है।
बारिश के कारण फूल झड़ जाएंगे, जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच किसानों के लिए राहत और सतर्कता दोनों जरूरी हैं। हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, हिसार की सूचना के अनुसार 19 से 22 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने की चेतावनी दी गई है इसके चलते बीच-बीच में हल्की बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। कृषि विभाग के अनुसार कुछ दिन पहले तापमान अचानक बढ़ने के कारण फसल के दूधिया अवस्था में ही जल्दी पकने के आसार बन रहे थे इससे उत्पादन पर असर पड़ सकता था। अब मौसम में बदलाव और तापमान में आई गिरावट से फसल को राहत मिली है और दाना भरने की प्रक्रिया को फायदा हुआ है।
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मौसम का यह बदलाव पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। अगर बारिश के साथ तेज हवा चलती है तो गेहूं की फसल गिरने का खतरा बना रहता है। फसल गिरने से कटाई में दिक्कत आती है और पैदावार पर सीधा असर पड़ता है। किसानों से अपील है कि मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और उसी के अनुसार खेती के काम करें। अनावश्यक सिंचाई से बचें और अगर ज्यादा बारिश हो जाए तो खेतों में पानी की निकासी का सही इंतजाम करें ताकि फसल को नुकसान न हो।
- राजेन्द्र प्रसाद मेहरा, एसडीओ, कृषि विभाग
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शुक्रवार को सुबह बूंदाबांदी के बीच लोगों की आंख खुली और सुबह आठ बजे के करीब कुछ देर के लिए अच्छी बारिश हो गई। इसके बाद दोपहर तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। इस दौरान लोगों को एक बार फिर से ठंड का अहसास हुआ। दोपहर बाद धूप निकल आई इसके बाद मौसम सुहावना हो गया। फिलहाल जिले में फसलों को नुकसान नहीं हुआ है। किसानों की चिंता जरूर बढ़ गई है।
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बारिश के कारण फूल झड़ जाएंगे, जिसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा
मौसम में लगातार हो रहे बदलाव के बीच किसानों के लिए राहत और सतर्कता दोनों जरूरी हैं। हरियाणा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, हिसार की सूचना के अनुसार 19 से 22 मार्च तक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने की चेतावनी दी गई है इसके चलते बीच-बीच में हल्की बारिश और मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। कृषि विभाग के अनुसार कुछ दिन पहले तापमान अचानक बढ़ने के कारण फसल के दूधिया अवस्था में ही जल्दी पकने के आसार बन रहे थे इससे उत्पादन पर असर पड़ सकता था। अब मौसम में बदलाव और तापमान में आई गिरावट से फसल को राहत मिली है और दाना भरने की प्रक्रिया को फायदा हुआ है।
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मौसम का यह बदलाव पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। अगर बारिश के साथ तेज हवा चलती है तो गेहूं की फसल गिरने का खतरा बना रहता है। फसल गिरने से कटाई में दिक्कत आती है और पैदावार पर सीधा असर पड़ता है। किसानों से अपील है कि मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और उसी के अनुसार खेती के काम करें। अनावश्यक सिंचाई से बचें और अगर ज्यादा बारिश हो जाए तो खेतों में पानी की निकासी का सही इंतजाम करें ताकि फसल को नुकसान न हो।
- राजेन्द्र प्रसाद मेहरा, एसडीओ, कृषि विभाग

बारिश के दौरान जीटी रोड से गुजरते वाहन। संवाद