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Sonipat News: साले के हत्यारे जीजा और उसके साथी को उम्रकैद

Thu, 22 May 2025 01:09 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 22 May 2025 01:09 AM IST
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Life imprisonment to brother-in-law and his companion who murdered brother-in-lawLife imprisonment to brother-in-law and his companion who murdered brother-in-law
सोनीपत। गांव सिलाना में हुई युवक की हत्या के मामले में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाष चंद्र सरोए ने उससे जीजा और जीजा के साथी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने एक दोषी पर 1.10 लाख और दूसरे पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों की जुर्माना राशि से डेढ़ लाख रुपये मृतक के परिजन को देने के आदेश दिए हैं।
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गांव सिलाना निवासी संतोष ने 29 अप्रैल, 2018 को खरखौदा की फरमाणा चौकी पुलिस को बताया था कि वह 28 अप्रैल, 2018 की देर शाम अपने बेटे रविकांत उर्फ सोनू (32) के साथ खेत में गई थीं। जब दोनों लौट रहे थे तो उनका बेटा रविकांत उनसे आगे चल रहा था। इसी दौरान उनकी बेटी हिना का पति झज्जर के गांव गवालीसन निवासी नरेंद्र अपने साथी के साथ बाइक पर आया और बेटे से बातचीत करने के बाद गोलियां मार दीं। रविकांत की आंख, गर्दन और सीने में तीन गोलियां लगीं। इससे वह वहीं पर गिर गया। गोली मारने के बाद दामाद और उसका साथी भाग गए। वह राहगीरों की मदद से बेटे रविकांत को पीजीआई, रोहतक लेकर गई, जहां पर उसकी मौत हो गई थी।
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संतोष ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने करीब छह वर्ष पहले अपनी छोटी बेटी हिना की शादी नरेंद्र के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद से ही नरेंद्र बेटी को पीटने शुरू कर दिया था। इसी के चलते हिना मायके में आकर रहने लगी थी। कुछ समय पहले ही उन्होंने तलाक के लिए कोर्ट में केस दायर किया था। जिसकी पैरवी उनका बेटा रविकांत कर रहा था। इसी को लेकर दामाद रंजिश रखने लगा था। बाद में उनके बेटे की हत्या कर दी। पुलिस ने नरेंद्र व एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
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मामले में तत्कालीन फरमाणा चौकी प्रभारी रणबीर सिंह की टीम ने कार्रवाई करते 14 मई, 2018 को नरेंद्र के साथी दिल्ली के गांव झाडोदा कलां निवासी यशवीर उर्फ मोनू को गिरफ्तार कर लिया था। फिर 18 मई, 2018 को नरेंद्र को भी गिरफ्तार कर लिया था।
अब मामले की सुनवाई करने के बाद एएसजे सुभाष चंद्र सरोए ने दोनों आरोपियों नरेंद्र व यशवीर को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। नरेंद्र पर हत्या व शस्त्र अधिनियम में 1.10 लाख व यशवीर पर हत्या के मामले में एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि में से डेढ़ लाख रुपये मृतक के परिजन को देने होंगे।

तीन बहनों का इकलौता भाई था रविकांत

बहनोई के हाथों मारे गए रविकांत तीन बहनों के इकलौते भाई थे। शादी के बाद जीजा जब उनकी बहन को तंग करने लगा तो परिवार ने तलाक के लिए मुकदमा दायर कर दिया था। पिता का पहले ही देहांत हो चुका था। ऐसे में रविकांत ही बहन की मदद करता था। इसी रंजिश में दोषी ने रविकांत की जान ले ली थी।
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