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कुंडली-सिंघु बॉर्डर : खुलेगा या सील रहेगा, किसानों संग बैठक के बाद आएगा फैसला
Sat, 17 Feb 2024 11:11 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 17 Feb 2024 11:11 PM IST
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सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर लगाए बैरिकेड के पास से आवागमन करते राहगीर। संवाद
राई(सोनीपत)। किसानों के दिल्ली कूच के आह्वान के बाद पांच दिन से बंद कुंडली-सिंघु बॉर्डर के खुलने या बंद रहने का फैसला रविवार को किसानों संग बैठक में निकल सकेगा। किसानों की बैठक पर देश के अन्य लोगों के साथ ही कुंडली व आसपास के लोगों की नजर टिक गई है। परेशान उद्योगपतियों, व्यापारियों, दुकानदारों व आम लोगों को बैठक में अच्छा नतीजा निकलने की उम्मीद है।
किसानों और सुरक्षाबलों के बीच अंबाला के शंभू बॉर्डर पर हुए टकराव के बाद 13 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने कुंडली-सिंघु को बंद कर दिया था। करीब 600 मीटर मार्ग को बैरिकेड, पत्थर व अन्य सामान भरकर गोदाम बना रखा है। इसके कारण दोनों तरफ के लोगों के सामने गंभीर समस्या बनी हुई है। बॉर्डर बंद होने का सबसे बड़ा प्रभाव कुंडली क्षेत्र के 1800 उद्योगों पर है। कच्चा माल पहुंचने में मुश्किल आ रही है। इसके कारण फैक्टरियों पर तालाबंदी की नौबत आ गई है। हालांकि लिंक मार्गों पर कुछ राहत मिली है, लेकिन यह राहत नाकाफी है। छोटे दुकानदार व प्रतिष्ठानों के संचालकों की हालत खराब है।
बॉर्डर पर भटककर जाना पड़ रहा
कुंडली बॉर्डर पर हालात सामान्य नहीं हैं। लोग पैदल चलकर भी मार्ग को मुश्किल से पार कर पा रहे हैंं। दिल्ली से हरियाणा या हरियाणा से दिल्ली जाने वाले वाहन चालक कुछ मिनट का सफर घंटों में तय कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं घर से निकले लोग आवाजाही बाधित होने से सड़कों पर परेशान दिखाई देने लगे हैं। घर से बाहर निकले लोग भी बड़ी मुश्किल से गंतव्य तक जा पा रहे हैं। घर लौटने के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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सुरक्षा बल के जवान दिनभर रहे सतर्क
शंभू बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प और आंसू गैस छोड़े जाने के बाद कुंडली-सिंघु बॉर्डर को सील किया था। बॉर्डर को सील करने का फैसला सुरक्षा सतर्कता को ध्यान में रखते हुए हुए उठाया था। आशंका थी कि शंभू बॉर्डर स्थिति बेकाबू होने पर पंजाब के किसान अंबाला, पानीपत, सोनीपत के रास्ते सीधे सिंघु बॉर्डर तक पहुंच सकते हैं। इस बात के मद्देनजर दिल्ली व सोनीपत पुलिस और सुरक्षा बलों ने भी कमर कस ली थी और लगातार सतर्क रहकर निगाह रख रहे हैं।
आंदोलन आगे बढ़ा तो परीक्षा में आ सकता है खलल
किसानों का आंदोलन आगे बढ़ा तो सीबीएसई की परीक्षाओं पर भी असर पड़ सकता है। कुंडली व आसपास के स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना विद्यार्थियों के लिए मुसीबत बन जाएगा।
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किसानों और सुरक्षाबलों के बीच अंबाला के शंभू बॉर्डर पर हुए टकराव के बाद 13 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने कुंडली-सिंघु को बंद कर दिया था। करीब 600 मीटर मार्ग को बैरिकेड, पत्थर व अन्य सामान भरकर गोदाम बना रखा है। इसके कारण दोनों तरफ के लोगों के सामने गंभीर समस्या बनी हुई है। बॉर्डर बंद होने का सबसे बड़ा प्रभाव कुंडली क्षेत्र के 1800 उद्योगों पर है। कच्चा माल पहुंचने में मुश्किल आ रही है। इसके कारण फैक्टरियों पर तालाबंदी की नौबत आ गई है। हालांकि लिंक मार्गों पर कुछ राहत मिली है, लेकिन यह राहत नाकाफी है। छोटे दुकानदार व प्रतिष्ठानों के संचालकों की हालत खराब है।
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बॉर्डर पर भटककर जाना पड़ रहा
कुंडली बॉर्डर पर हालात सामान्य नहीं हैं। लोग पैदल चलकर भी मार्ग को मुश्किल से पार कर पा रहे हैंं। दिल्ली से हरियाणा या हरियाणा से दिल्ली जाने वाले वाहन चालक कुछ मिनट का सफर घंटों में तय कर पा रहे हैं। इतना ही नहीं घर से निकले लोग आवाजाही बाधित होने से सड़कों पर परेशान दिखाई देने लगे हैं। घर से बाहर निकले लोग भी बड़ी मुश्किल से गंतव्य तक जा पा रहे हैं। घर लौटने के लिए भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
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सुरक्षा बल के जवान दिनभर रहे सतर्क
शंभू बॉर्डर पर किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प और आंसू गैस छोड़े जाने के बाद कुंडली-सिंघु बॉर्डर को सील किया था। बॉर्डर को सील करने का फैसला सुरक्षा सतर्कता को ध्यान में रखते हुए हुए उठाया था। आशंका थी कि शंभू बॉर्डर स्थिति बेकाबू होने पर पंजाब के किसान अंबाला, पानीपत, सोनीपत के रास्ते सीधे सिंघु बॉर्डर तक पहुंच सकते हैं। इस बात के मद्देनजर दिल्ली व सोनीपत पुलिस और सुरक्षा बलों ने भी कमर कस ली थी और लगातार सतर्क रहकर निगाह रख रहे हैं।
आंदोलन आगे बढ़ा तो परीक्षा में आ सकता है खलल
किसानों का आंदोलन आगे बढ़ा तो सीबीएसई की परीक्षाओं पर भी असर पड़ सकता है। कुंडली व आसपास के स्कूलों में बने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना विद्यार्थियों के लिए मुसीबत बन जाएगा।