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सरपंच से विधायक की कुर्सी तक पहुंचे जयपाल आर्य

Sun, 06 Nov 2022 01:06 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 06 Nov 2022 01:06 AM IST
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Jaipal Arya rose from sarpanch to MLA's chair
पंचायत चुनाव सियासत की पहली सीढ़ी मानी जाती है। सूर्य कवि पंडित लख्मी चंद के गांव जांटी कलां के रहने वाले पूर्व विधायक जयपाल आर्य ने अपना सियासी सफर गांव में सरपंच पद से ही शुरू किया था। उसके बाद वह वर्ष 1991 में तत्कालीन समाजवादी जनता पार्टी की तरफ से ताऊ देवीलाल के मार्गदर्शन राई विधानसभा क्षेत्र से विधायक बने थे। सरपंच रहते उन्होंने गांव की कच्ची गलियों को पक्का बनवाया था।
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गांव जांटी कलां सूर्य कवि पंडित लख्मी चंद के नाम से अपनी अलग पहचान रखता है। गांव जांटी कलां में पहली जनवरी, 1930 को जन्में जयपाल आर्य ने अपने सामाजिक कार्यों के बलबूते न केवल गांव का नाम रोशन किया बल्कि अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति के बलबूते विधायक की कुर्सी तक का सफर पूरा किया। जयपाल आर्य महज 27 साल की आयु में गांव के सरपंच बन गए थे। बताते है कि उनके समय पंच ज्यादातर बुजुर्ग थे। उसके बावजूद वह गांव की भलाई के लिए आगे बढ़कर काम करते थे। जयपाल आर्य 23 वर्ष तक गांव के सरपंच रहे। ग्रामीण बताते हैं कि उनके कार्यकाल में पहले संयुक्त पंजाब होता था। ऐसे में प्रदेश में ज्यादा विकास कार्य नहीं हो पाते थे। जयपाल आर्य ने गांव की कच्ची गलियों को पक्का कराने का बीड़ा उठाया और विकास कार्यों की शुरुआत कराई। इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री ताऊ देवीलाल की निगाह उन पर पड़ी। ताऊ देवीलाल ने वर्ष 1991 में उन्हें समाजवादी जनता पार्टी से राई विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़वाया था। जयपाल आर्य उनकी उम्मीदों पर खरे उतरे और राई विधानसभा से विधायक बन गए। विधायक बनने से पहले वह वर्ष 1989 में मार्केट कमेटी के चेयरमैन भी बने थे। उन्होंने वर्ष 1996 तक विधायक रहने के बाद राजनीति से किनारा कर लिया। उसके बाद वह सामाजिक कार्यों में व्यस्त रहने लगे। 24 अगस्त, 2014 को उनका देहांत हो गया था।
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पिता को दीपू के कहकर बुलाते थे ताऊ देवीलाल
पूर्व विधायक जयपाल आर्य के पुत्र सतीश बताते हैं कि उनके पिता ताऊ देवीलाल के काफी नजदीकी रहे। वह उनके पिता जयपाल को कभी नाम से नहीं बुलाते थे। वह उनके पिता को दादा दीपचंद के उर्फ दीपू के कहकर बुलाते थे। ताऊ देवीलाल के साथ ही उनके पिता जयपाल आर्य पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रताप सिंह कैरो और दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे साहब सिंह के भी काफी नजदीक रहे।
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गांव से जयपाल आर्य के परिवार के दो सदस्यों सहित छह मैदान में
गांव जांटी कलां में वर्तमान में 3912 मतदाता है। सरपंच पद के लिए इस बार पूर्व विधायक जयपाल आर्य के बेटे सतीश तुषीर व सतीश के भतीजे एवं पूर्व विधायक के पौत्र विशाल तुषीर भी चुनाव लड़ रहे है। इसके साथ ही गांव से रामनिवास तुषीर, सतीश तुषीर उर्फ मीतू, जसबीर तुषीर व देवेंद्र तुषीर उर्फ नीटू भी सरपंच पद के लिए मैदान में हैं।
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