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गरीब बच्चों के दाखिले को बीईओ कार्यालय में बनेगी हेल्पडेस्क
Sonipat
Updated Thu, 21 Jul 2016 12:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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नियम 134-ए के तहत दाखिलों को लेकर अब अभिभावकों को इधर-उधर धक्के खाने की जरूरत नहीं है। अब हर बीईओ कार्यालय में हेल्प डेस्क बनाई जाएगी। जिसमें निजी स्कूल संचालकों तथा बीईओ कार्यालय के अधिकारी बैठेंगे। जिस किसी बच्चे का नियम के तहत दाखिला लेने से स्कूल संचालक मना करते हैं, उसकी शिकायत हेल्प डेस्क पर की जा सकेगी। हेल्प डेस्क सुबह 9.30 बजे से 12.30 बजे तक शिकायत लेगा।
उसके बाद संबंधित स्कूल में दाखिला कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा तथा शाम को 4.30 से 5.00 के बीच में रिपोर्ट एडीसी कार्यालय में जमा करानी होगी। यह हेल्प डेस्क एक-दो दिनों के ही अंदर प्रभावी हो जाएगी। इसके निर्देश एडीसी शिवप्रसाद शर्मा ने बुधवार को अपने कार्यालय में चल रही जिले के सभी बीईओ और डीईओ की बैठक में दिए। इस दौरान नियम के तहत 2438 उत्तीर्ण बच्चों में से केवल 717 के दाखिलों की सूची देखकर भी एडीसी भड़क गए थे। इसको लेकर एडीसी ने सभी बीईओ को तुरंत इस मामले में प्राथमिकता से काम करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान हरियाणा अभिभावक मंच के सचिव राजीव वर्मा के नेतृत्व में अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।
यह भी दिए निर्देश
एडीसी ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि जो बच्चे टेस्ट में पास हो चुके हैं और उसी स्कूल मेें पढ़ रहे हैं, ऐसे बच्चों से स्कूल संचालक न तो दाखिला फीस ले सकता है न ही ट्यूशन फीस लेगा। अगर किसी के पास स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट नहीं है तो भी दो-तीन दिन का समय देकर दाखिले दिए जाएं। अगर किसी बच्चे का बोर्ड (सीबीएसई, एचबीएसई) बदल जाता है तो उसका बोर्ड वापस बदलवाने के इच्छुक अभिभावक कागजात डीईओ कार्यालय में जमा कराएं। डीईओ कार्यालय से ही कोई कर्मचारी चंडीगढ़ जाकर कार्रवाई कराएगा। दाखिले के लिए इनकम सर्टिफिकेट को ही ईडब्ल्यूएस का सर्टिफिकेट समझा जाए। एडीसी ने कहा कि दाखिले सिर्फ एसएलसी, जन्म प्रमाण पत्र, डोमिसाइल और ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट के आधार पर दिए जाएं।
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ये है दाखिलों की स्थिति
ब्लॉक उत्तीर्ण दाखिले दिए
राई 92 23
मुंडलाना 67 14
सोनीपत 1123 329
कथूरा 43 43
गोहाना 309 125
खरखौदा 111 84
गन्नौर 123 99
कुल 2438 717
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उसके बाद संबंधित स्कूल में दाखिला कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करेगा तथा शाम को 4.30 से 5.00 के बीच में रिपोर्ट एडीसी कार्यालय में जमा करानी होगी। यह हेल्प डेस्क एक-दो दिनों के ही अंदर प्रभावी हो जाएगी। इसके निर्देश एडीसी शिवप्रसाद शर्मा ने बुधवार को अपने कार्यालय में चल रही जिले के सभी बीईओ और डीईओ की बैठक में दिए। इस दौरान नियम के तहत 2438 उत्तीर्ण बच्चों में से केवल 717 के दाखिलों की सूची देखकर भी एडीसी भड़क गए थे। इसको लेकर एडीसी ने सभी बीईओ को तुरंत इस मामले में प्राथमिकता से काम करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान हरियाणा अभिभावक मंच के सचिव राजीव वर्मा के नेतृत्व में अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।
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यह भी दिए निर्देश
एडीसी ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि जो बच्चे टेस्ट में पास हो चुके हैं और उसी स्कूल मेें पढ़ रहे हैं, ऐसे बच्चों से स्कूल संचालक न तो दाखिला फीस ले सकता है न ही ट्यूशन फीस लेगा। अगर किसी के पास स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट नहीं है तो भी दो-तीन दिन का समय देकर दाखिले दिए जाएं। अगर किसी बच्चे का बोर्ड (सीबीएसई, एचबीएसई) बदल जाता है तो उसका बोर्ड वापस बदलवाने के इच्छुक अभिभावक कागजात डीईओ कार्यालय में जमा कराएं। डीईओ कार्यालय से ही कोई कर्मचारी चंडीगढ़ जाकर कार्रवाई कराएगा। दाखिले के लिए इनकम सर्टिफिकेट को ही ईडब्ल्यूएस का सर्टिफिकेट समझा जाए। एडीसी ने कहा कि दाखिले सिर्फ एसएलसी, जन्म प्रमाण पत्र, डोमिसाइल और ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट के आधार पर दिए जाएं।
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ये है दाखिलों की स्थिति
ब्लॉक उत्तीर्ण दाखिले दिए
राई 92 23
मुंडलाना 67 14
सोनीपत 1123 329
कथूरा 43 43
गोहाना 309 125
खरखौदा 111 84
गन्नौर 123 99
कुल 2438 717