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हरियाणा: बर्बाद फसल का मिलेगा बढ़ा हुआ मुआवजा, प्रभावित किसानों का 1 माह का बिजली बिल होगा माफ, सीएम ने की घोषणा

Sun, 07 Nov 2021 01:23 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, खरखौदा/सोनीपत(हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, खरखौदा/सोनीपत(हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 07 Nov 2021 01:23 AM IST
सार

शनिवार को सोनीपत के झरोठी गांव में मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल बीमा योजना के तहत दो एकड़ वाले किसान का पूरा व पांच एकड़ वाले का आधा प्रीमियम सरकार भरेगी।

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Haryana farmers will get increased compensation for crops
सोनीपत के गांव झरोठी में कार्यक्रम के दौरान सीएम मनोहर लाल को हल भेंट करते ग्रामीण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। यह मुआवजा फिलहाल मिल रहे 12 हजार रुपये प्रति एकड़ से कहीं ज्यादा होगा। कैबिनेट की अगली बैठक में इसकी घोषणा कर दी जाएगी। इसके साथ ही प्रभावित किसानों का एक माह का बिजली का बिल भी माफ किया जाएगा। 

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मुख्यमंत्री शनिवार को गांव सोनीपत के झरोठी में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। इससे पहले उन्होंने गोहाना, खरखौदा व गन्नौर क्षेत्र में बर्बाद हुई फसलों का हेलिकॉफ्टर से सर्वेक्षण किया। उन्होंने कहा कि वह किसान के बेटे है। पूरा हरियाणा उनके परिवार के समान है। प्रदेश में अंत्योदय की भावना से काम किया जा रहा है। कोरोना काल में प्रदेश सरकार की ओर से किसानों को 16 हजार करोड़ रुपये दिए गए। 2015 में जब बारिश के कारण फसल खराब हुई थी तब किसानों के खाते में डेढ माह में खराब फसलों का पैसा डाल दिया गया।
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पूर्व की सरकारों में किसानों को दो, चार व 10 रुपये तक के चेक भी दिए गए। जब सत्ता संभाली तो यह तय किया गया कि 500 रुपये से कम किसी भी किसान का चेक नहीं बनेगा। पूर्व की सरकारों में फसल खराबे के मुआवजे के प्रति एकड़ 5700 रुपये दिए जाते थे। बाद में 7500 किए गए। उनकी सरकार ने 12 हजार रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा किया और अब इससे भी ज्यादा किया जा रहा है। मुआवजा तीन स्लैब में दिया जाएगा। इसमें 75 से 100 फीसदी बर्बाद फसल के लिए अलग, 50 से 74 फीसदी के लिए अलग व 25 से 49 फीसदी के लिए अलग से मुआवजा होगा। 
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मुख्यमंत्री ने कहा कि दो एकड़ से कम जमीन में फसल उगाने वाले किसानों का प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का प्रीमियम सरकार भरेगी। साथ ही दो से पांच एकड तक की बुआई करने वाले किसानों की जमीन की फसल बीमा का आधा प्रीमियम भरा जाएगा। पांच एकड़ से अधिक बुआई करने वाले किसानों से उन्होंने अपील की कि वह अपना प्रीमियम स्वयं भरें वह इसमें सक्षम हैं। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2015 में लोगों की समस्याओं का स्थानीय स्तर पर ही निपटान करने के लिए सीएम विंडो की व्यवस्था की गई है। अब तक सीएम विंडो पर 9:30 बजे शिकायत आ चुकी है जिनमें से साढ़े आठ लाख समस्याओं का समाधान किया जा चुका है। शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए 137 छोटे और 40 वरिष्ठ माध्यमिक मॉडल संस्कृति स्कूल खोले गए हैं। यहीं कारण रहा कि सरकारी स्कूलों में पिछली बार की बदौलत ढाई लाख बच्चे अबकी बार बढ़े हैं। अध्यापकों पर पढाने के लिए विशेष बल दिया गया है।


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इसके लिए उन्हें विशेष प्रशिक्षण की भी व्यवस्था की गई है। वर्तमान की सरकार में नौकरियां मेरिट पर दी जा रही हैं। सीएम ने किसानों को शपथ दिलवाई कि वह अपने खेतों से पैसों के लिए मिट्टी नहीं उठवाएंगें। प्रदेश की एक लाख एकड़ ऐसी जमीन की मरम्मत की जाएगी जहां से मिट्टी उठवाई जा चुकी है और जहां पानी भरा रहता है। इसका आधा खर्च सरकार वहन करेगी। इससे पहले सीएम का कार्यक्रम में पहुंचने पर फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया। साथ ही हल देकर सम्मान किया गया। इस दौरान सांसद रमेश कौशिक, राई से विधायक मोहन लाल बडौली, गन्नौर से विधायक निर्मल चौधरी, पूर्व मंत्री कविता जैन मौजूद रहे।

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