{"_id":"575860b84f1c1be8389c5302","slug":"fouth-day-protest-in-gandhi-rules-follow-sonipat-harayana","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौथे दिन गांधीवादी रास्ते पर धरना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौथे दिन गांधीवादी रास्ते पर धरना
sonipat
Updated Wed, 08 Jun 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
चौथे दिन गांधीवादी रास्ते पर धरना
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जाट न्याय धरने के चौथे दिन समाज के लोगों की संख्या जहां बढ़ी हुई दिखाई दी वहीं पहली बार धरनास्थल पर महिलाओं की संख्या दहाई के आंकड़ों को छूती दिखी। इसी को देखते हुए धरनास्थल पर ही तंदूर लगाकर हलवाई भी बैठाया गया। उधर, सरकार से अपनी बात मनवाने के लिए बुधवार से दो लोगों ने गांधीवादी तरीका अपनाते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी।
बुधवार को ही निर्णय लिया गया कि अब धरनास्थल पर रात के समय ग्रामीण गांव के हिसाब से बैठेंगे। बुधवार रात को गंगाणा गांव के ग्रामीण धरनास्थल पर रुकेंगे। दूसरी ओर धरने में समुदाय के लोगों की बढ़ती संख्या को देखकर प्रशासन भी सतर्क हो गया। सुभाष चौक, गीता भवन चौक, मामा-भांजा चौक, देवीलाल चौक, छोटूराम चौक सरीखे प्रमुख चौक-चौराहों पर अर्धसैनिक बलों की ड्यूटी लगा दी गई है। जीटी रोड, नहर और रेलवे ट्रैक पर भी पहले के मुकाबले अर्द्धसैनिक बल ज्यादा संख्या में दिखाई दिए। हालांकि धरनास्थल के आसपास सुरक्षा बलों की ड्यूटी मंगलवार की ही तरह थी।
मांगें मानने तक जारी रहेगी भूख हड़ताल
धरनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों में से ठेकेदार भीम सिंह और जयसिंह शामड़ी बुधवार से अनिश्चितकाल के लिए भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। दोनों ने बताया कि जब तक आरक्षण को लेकर समिति की मांगें सरकार मान नहीं लेती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। भीम सिंह और जयसिंह ने बताया कि भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला समिति के पदाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद ही लिया गया है।
विज्ञापन
अफवाह के चलते बनी रही जाम की स्थिति
बुधवार को सुबह के समय गांव पीपलीखेड़ा के पास जीटी रोड पर एक ट्रक हादसे का शिकार हो गया था। जिसके चलते जीटी रोड पर जाम लग गया था। इसके बाद अफवाह बन गई कि आरक्षण को लेकर जीटी रोड पर जाम लगा दिया गया है। इसीलिए दिल्ली की ओर जाने वाले अधिकतर वाहन चालक शहर में से वाहन निकालने लगे। अचानक से वाहनों की संख्या बढ़ गई, जिसके चलते जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही। शहर में जाम से डीआईजी एवं एसपी एचएस दून भी फंस गए थे। इसके बाद डीएसपी मुकेश जाखड़ और आर्यन चौधरी की ड्यूटी शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने के लिए लगाई गई। इसके बाद कुछ ही देर में वाहन चालक दूसरे मार्गों से गुजरने लगे। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन चालकों को मामले की जानकारी दी।
भाईचारा सबसे पहले, माहौल न बिगड़ने दें
हमारी किसी भी जाति के साथ दुश्मनी या रंजिश नहीं है। हम तो वैसे भी शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। हम सिर्फ अपना हक मांग रहे हैं, किसी से कोई दिक्कत नहीं है।
-रोहतास बेनीवाल, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन।
जिन तीन जातियों का नाम हम लेते हैं, उनके साथ भी हमारा भाईचारा है। हम उनका उदाहरण देते हुए अपने आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इसे अन्यथा नहीं लेना चाहिए।
-राजसिंह मलिक डबरपुर।
मेरी सभी भाइयों से अपील है कि किसी भी जाति विशेष के प्रति वैरभाव मत रखें। सभी अपने भाई हैं। किसी भी तरह से जातिवाद का जहर समाज में नहीं घुलना चाहिए।
-सतवीर सिंह मलिक, जिलाध्यक्ष जाट विकास सभा।
बुधवार को ही निर्णय लिया गया कि अब धरनास्थल पर रात के समय ग्रामीण गांव के हिसाब से बैठेंगे। बुधवार रात को गंगाणा गांव के ग्रामीण धरनास्थल पर रुकेंगे। दूसरी ओर धरने में समुदाय के लोगों की बढ़ती संख्या को देखकर प्रशासन भी सतर्क हो गया। सुभाष चौक, गीता भवन चौक, मामा-भांजा चौक, देवीलाल चौक, छोटूराम चौक सरीखे प्रमुख चौक-चौराहों पर अर्धसैनिक बलों की ड्यूटी लगा दी गई है। जीटी रोड, नहर और रेलवे ट्रैक पर भी पहले के मुकाबले अर्द्धसैनिक बल ज्यादा संख्या में दिखाई दिए। हालांकि धरनास्थल के आसपास सुरक्षा बलों की ड्यूटी मंगलवार की ही तरह थी।
विज्ञापन
मांगें मानने तक जारी रहेगी भूख हड़ताल
धरनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों में से ठेकेदार भीम सिंह और जयसिंह शामड़ी बुधवार से अनिश्चितकाल के लिए भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। दोनों ने बताया कि जब तक आरक्षण को लेकर समिति की मांगें सरकार मान नहीं लेती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। भीम सिंह और जयसिंह ने बताया कि भूख हड़ताल पर बैठने का फैसला समिति के पदाधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद ही लिया गया है।
विज्ञापन
अफवाह के चलते बनी रही जाम की स्थिति
बुधवार को सुबह के समय गांव पीपलीखेड़ा के पास जीटी रोड पर एक ट्रक हादसे का शिकार हो गया था। जिसके चलते जीटी रोड पर जाम लग गया था। इसके बाद अफवाह बन गई कि आरक्षण को लेकर जीटी रोड पर जाम लगा दिया गया है। इसीलिए दिल्ली की ओर जाने वाले अधिकतर वाहन चालक शहर में से वाहन निकालने लगे। अचानक से वाहनों की संख्या बढ़ गई, जिसके चलते जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही। शहर में जाम से डीआईजी एवं एसपी एचएस दून भी फंस गए थे। इसके बाद डीएसपी मुकेश जाखड़ और आर्यन चौधरी की ड्यूटी शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू करने के लिए लगाई गई। इसके बाद कुछ ही देर में वाहन चालक दूसरे मार्गों से गुजरने लगे। बाद में मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन चालकों को मामले की जानकारी दी।
भाईचारा सबसे पहले, माहौल न बिगड़ने दें
हमारी किसी भी जाति के साथ दुश्मनी या रंजिश नहीं है। हम तो वैसे भी शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं। हम सिर्फ अपना हक मांग रहे हैं, किसी से कोई दिक्कत नहीं है।
-रोहतास बेनीवाल, जिलाध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन।
जिन तीन जातियों का नाम हम लेते हैं, उनके साथ भी हमारा भाईचारा है। हम उनका उदाहरण देते हुए अपने आरक्षण की मांग कर रहे हैं। इसे अन्यथा नहीं लेना चाहिए।
-राजसिंह मलिक डबरपुर।
मेरी सभी भाइयों से अपील है कि किसी भी जाति विशेष के प्रति वैरभाव मत रखें। सभी अपने भाई हैं। किसी भी तरह से जातिवाद का जहर समाज में नहीं घुलना चाहिए।
-सतवीर सिंह मलिक, जिलाध्यक्ष जाट विकास सभा।