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Sonipat News: प्रॉपर्टी सर्वे में खामी, भुगत रहे क्षेत्रवासी

Mon, 12 Jun 2023 12:58 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 12 Jun 2023 12:58 AM IST
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Flaw in property survey, area residents are suffering
संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। प्रॉपर्टी आईडी को लेकर किया गया सर्वे खामियों से भरा हुआ है। सर्वे में लोगों के नाम, पता और प्लॉट के साइज तक बदल दिए गए हैं या फिर गलत दर्ज किए गए हैं। बड़ी संख्या में खामियां मिलने के चलते याशी कंसल्टेंसी कंपनी पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इन्हीं खामियों को दुरुस्त करने के लिए नगर निगम की ओर से लगातार दूसरे दिन रविवार को सात जगहों पर शिविर लगाए गए।
यहां असेस्मेंट नोटिसों में खामियों को दूर कराने के लिए काफी संख्या में प्रॉपर्टी मालिक आपत्ति (ऑब्जेक्शन) लगवाने पहुंचे थे। रविवार को लगे शिविरों में 240 शिकायतें पहुंचीं, इनमें 190 के समाधान का प्रशासन ने दावा किया है, जबकि 50 शिकायतें पेंडिंग रखी गईं।
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नगर निगम क्षेत्र में प्रॉपर्टी सर्वे वर्ष 2018 में मुख्यालय स्तर पर याशी कंसल्टेंसी एजेंसी से कराया था। अब एक मई से एजेंसी की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित रि-असेसमेंट यानि पुनर्मूल्यांकन नोटिस कम बिल प्राॅपर्टी मालिकों को दिए गए तो अधिकांश ने खामियां बताकर निगम कार्यालय में जाकर शिकायत की। इसको लेकर निगम ने वार्डों में शिविर भी लगाए, लेकिन शिकायतों का निवारण नहीं हुआ। अधिकारियों की ओर से पिछले माह लगाए गए शिविर के दौरान 23000 प्रॉपर्टी से संबंधित खामियों को दुरुस्त करने का दावा किया जा रहा है। उनमें से अब भी 2000 से ज्यादा खामियां लंबित है। काफी प्रयास करने के बावजूद समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पाया है।
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बोेले उपभोक्ता

कुछ समय पहले एक मकान ख्ररीदा थी। मैंने उस मकान की रजिस्ट्री अपनी पत्नी के नाम कराई थी। रजिस्ट्री की कॉपी नगर निगम में जमा कराने के बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स के बिल मकान विक्रेता के नाम भेजा गया है, जिससे परेशानी ज्यादा हो रही है।
- पं. अमित शौनक, हलवाई हट्टा

शहर में कराए गए सर्वे के दौरान काफी गड़बड़ी हुई है। मेरा घर माता आशा के नाम पर है। सर्वे के दौरान निगम कार्यालय में सभी दस्तावेज जमा कराए गए थे। उसके बाद भी प्रभात के नाम पर उनको प्रॉपर्टी बिल मिला है। नगर निगम की ओर से बरती जा रही लापरवाही का खामियाजा आमजन को उठाना पड़ रहा है।
-विकास कुमार, हलवाई हट्टा

मैंने 10-10 गज में दो दुकानें बना रखी हैं। उसके बाद भी नगर निगम की ओर से 58-58 गज की दुकानों का प्रॉपर्टी कर का बिल बनाकर भेज दिया गया। दुकान का साइज किस तरह बदला गया। इस बारे में निगम अधिकारियों को पहले भी अवगत कराया, लेकिन उनसे अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है।
- श्रीभगवान मलिक, लाल दरवाजा

मेरे बेटे नितिन कुमार के नाम 216 गज की प्रॉपर्टी है। उसके बावजूद प्रॉपर्टी टैक्स के बिल के साथ 53000 रुपये विकास शुल्क जोड़कर भेजा गया है। वह उस विकास शुल्क को पहले ही जमा करा चुके हैं, उसके बावजूद दोबारा विकास शुल्क के साथ बिल भेजना गलत है।
प्रेमचंद, जीवन विहार

मुरथल रोड के साथ वाणिज्यिक भवन का निर्माण करने के लिए 1067 गज का प्लॉट ले रखा है। नगर निगम की ओर से सर्वे में अनदेखी करते हुए उस प्लॉट पर अलग-अलग नाम से चार प्रॉपर्टी आईडी बना दी गई। एक साथ उस प्लाॅट के चार बिल मिलने से ज्यादा परेशानी हो रही है। उस बिल को ठीक कराने के लिए वह शिविर में पहुंचे हैं।

- रोहित निवासी मुरथल रोड

प्रॉपर्टी सर्वे में खामियों को लेकर शिकायतें प्रशासन के पास पहुंच रही हैं। सभी जनसमस्याओं का निपटान किया जा रहा है। दो दिन तक निगम क्षेत्र में सात जगहों पर शिविर लगाए गए। जिनमें सैकड़ों लोगों ने आकर आपत्तियां एनडीसी पोर्टल पर दर्ज कराई।
- राजेंद्र चुघ, क्षेत्रीय कर अधिकारी, नगर निगम
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