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Sonipat News: पराली जलाने पर पांच हजार जुर्माना और मुकदमा
Mon, 10 Nov 2025 02:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 10 Nov 2025 02:01 AM IST
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फोटो 32- सोनीपत के गांव रिंढाणा के खेत में किसान की ओर से जलाई गई पराली। स्रोत: कृषि विभाग
सोनीपत। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने हरियाणा अंतरिक्ष उपयोग केंद्र (हरसेक) ड्रोन से मिली लोकेशन के आधार पर रिंढाणा गांव के एक किसान के खिलाफ कार्रवाई की है। विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर पराली जलाने के चलते किसान पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया है।
हरसेक ड्रोन की निगरानी अब पराली जलाने वाले किसानों पर नकेल कस रही है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की सुपरवाइजर मनीषा ने बताया कि रिंढाणा के किसान के खेत में पराली जलाने की जानकारी मिली थी। आरोपी किसान अब दो वर्ष तक अपनी किसी भी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नहीं बेच सकेगा।
पराली जलाने पर सरकार की नीति पूरी तरह सख्त है। ऐसे किसानों पर जुर्माना लगाने के साथ मुकदमा दर्ज कराया जाता है। उसकी फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जाती। मनीषा ने कहा कि विभाग किसानों को पराली प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि पर्यावरण प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
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उन्होंने किसानों से अपील की कि वह आधुनिक कृषि उपकरणों की सहायता से पराली का निस्तारण करें और किसी भी स्थिति में उसे आग न लगाएं।
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हरसेक ड्रोन की निगरानी अब पराली जलाने वाले किसानों पर नकेल कस रही है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की सुपरवाइजर मनीषा ने बताया कि रिंढाणा के किसान के खेत में पराली जलाने की जानकारी मिली थी। आरोपी किसान अब दो वर्ष तक अपनी किसी भी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर नहीं बेच सकेगा।
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पराली जलाने पर सरकार की नीति पूरी तरह सख्त है। ऐसे किसानों पर जुर्माना लगाने के साथ मुकदमा दर्ज कराया जाता है। उसकी फसल एमएसपी पर नहीं खरीदी जाती। मनीषा ने कहा कि विभाग किसानों को पराली प्रबंधन के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, ताकि पर्यावरण प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।
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उन्होंने किसानों से अपील की कि वह आधुनिक कृषि उपकरणों की सहायता से पराली का निस्तारण करें और किसी भी स्थिति में उसे आग न लगाएं।