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मौसम बदलने से बुखार, खांसी और जुकाम के मरीज बढ़े, 200 से ज्यादा मरीज अस्पताल पहुंच रहे

Tue, 08 Nov 2022 12:39 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 08 Nov 2022 12:39 AM IST
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Fever, cough and cold patients increased due to change in weather, more than 200 patients are reaching the hospital
नागरिक अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंचे मरीज की रिपोर्ट चेक करते फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र राणा? - फोटो : Sonipat
मौसम में आए बदलाव के कारण बीमारियां बढनी शुरू हो गई हैं। खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। अस्पताल में रोजाना खांसी, जुकाम व बुखार के 200 से ज्यादा मरीज पहुंच रहे है। वहीं स्मॉग के कारण अस्थमा के मरीजों की भी मुसीबत बढ़ी है। 40 वर्ष से ज्यादा उम्र के 20 मरीज अस्पताल में उपचाराधीन है। चिकित्सक भी इस मौसम में लोगों को स्वास्थ्य का विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे है। स्मॉग से बचने के लिए लोगों को मास्क का इस्तेमाल करने के लिए जागरूक कर रहे है।
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वर्तमान में मौसम परिवर्तन के चलते लोग बुखार, खांसी, जुकाम आदि बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल में सामान्य दिनों में लगभग 800 मरीज आते थे। अब यह संख्या बढक़र 1500 तक पहुंच गई है। यहां पर पर्ची काउंटर, दवा कक्ष व डॉक्टरों के कक्षों के बाहर सुबह से ही मरीजों की लंबी कतार लग रही है। अस्पताल में पहुंचने वाले मरीज बुखार, सर्दी-जुकाम व खांसी से पीड़ित ज्यादा हैं। वहीं स्मॉग की वजह से अस्थमा की मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। मौसम में हर रोज बदलाव हो रहा है, रात के समय तापमान ज्यादा गिर रहा है तो दिन में गर्मी हो रही है, इसलिए लोग लापरवाही नहीं बरतें। जो लोग लापरवाही बरत रहे हैं, वही सर्दी, जुकाम, बुखार व खांसी के शिकार हो रहे हैं। वैसे तो सामान्य बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। वहीं प्रयोगशाला में रोजाना 150 मरीजों की रक्त जांच कराई जा रही है।
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स्मॉग से बढ़े अस्थमा के मरीज
हवा के दबाव के कारण धुआं व धूल स्मॉग का रूप ले रहे हैं। सुबह शाम पडने वाली स्मॉग स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल रही है। दमा रोगियों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। अस्थमा के रोगी भी एकाएक दोगुना हो गए है। अस्पताल में दमा और छाती रोगियों की ओपीडी 100 से अधिक हो रही है। यह ओपीडी पहले 25-30 थी। अस्पताल के मेडिकल वार्ड में अस्थमा के रोगी भी भर्ती किए जा रहे है। वर्तमान में वार्ड 40 वर्ष से ज्यादा उम्र के 20 मरीज उपचाराधीन है। ऐसे में मरीजों को धूल से बचने के लिए मुंह पर रुमाल या मास्क पहनना चाहिए। ऐसे में केवल जरूरी होने पर ही घर से निकलें। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बढ़ने से सामान्य व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है जो सही नहीं है।
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मौसम में हुए बदलाव की वजह से अस्पताल में खांसी, जुकाम व बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। साथ ही स्मॉग की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। अस्पताल में अस्थमा की मरीजों की संख्या में दोगुनी हो गई है। मेडिकल वार्ड में अस्थमा के 20 मरीज भर्ती है। ओपीडी में आने वाले मरीज का सही उपचार किया जा रहा है।इ
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन

  नागरिक अस्पताल में उपचार कराने के इंतजार में बैठे मरीज। संवाद

नागरिक अस्पताल में उपचार कराने के इंतजार में बैठे मरीज। संवाद- फोटो : Sonipat

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