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पिता दुकान करके चला रहे परिवार, बेटे का 134 ए में पढ़कर प्रदेश में दूसरा स्थान
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Fri, 19 May 2017 12:46 AM IST
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परिवार की आर्थिक हालत खराब होने के बाद भी अपनी मेहनत के दम पर किस तरह अव्वल बना जा सकता है यह एसएम हिंदू स्कूल में पढ़ने वाले हैप्पी डागर ने साबित करके दिखाया है। हैप्पी के पिता राजबीर सिंह हार्डवेयर की दुकान चलाकर किसी तरह परिवार का गुजारा करते हैं और हैप्पी का एडमिशन भी 134 ए के तहत हुआ था। उसने अब हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में साइंस स्ट्रीम में 489 अंक लेकर प्रदेश में दूसरे नंबर पर जगह बनाई है तो इन अंकों के साथ वह ऑल ओवर प्रदेश में तीसरे नंबर पर रहा है। स्कूल के छात्र की इस उपलब्धि पर प्रिंसिपल विपिन शर्मा के साथ ही पूरा स्टाफ काफी उत्साहित है।
आठ घंटे स्कूल और इतने ही घंटे घर पर पढ़ाई
छात्र हैप्पी डागर ने बताया कि वह दिन में आठ घंटे स्कूल में पढ़ता था तो घर भी इतने घंटे ही पढ़ाई करता था। पिता राजबीर व मां अनीता उसे पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते रहे। वह पढ़ाई को कभी प्रेशर नहीं मानता और हमेशा रिलेक्स होकर पढ़ाई करता था। हैप्पी ने बताया कि देश में डाक्टरों की काफी कमी है और लोग लगातार बीमारियों की चपेट में आ रहे है। इससे उनको बेहतर उपचार नहीं मिल पाता है। वह डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहता है। हैप्पी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उसने एसएम हिंदू स्कूल में कक्षा 6 में एडमिशन लिया था और उस समय से लगातार अपनी क्लास में टॉपर रहा है। वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल विपिन शर्मा ने बताया कि हैप्पी उनके स्कूल का सबसे होनहार बच्चा है।
एमपीएचडब्ल्यू की बेटी कुसुम बनी आर्ट स्ट्रीम की टॉपर
गन्नौर। पुरखास गांव की कुसुम ने 12वीं कक्षा की परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रदेश भर में आर्ट स्ट्रीम में प्रथम स्थान प्राप्त करके गांव के साथ ही जिले का नाम रोशन किया है। पुरखास में जब गांव की बेटी के टॉपर बनने का पता चला तो वहां खुशी का माहौल छा गया और लोग उसके घर बधाई देने के लिए पहुंचने लगे। संत विवेकानंद स्कूल में पढ़ने वाली कुसुम ने 483 अंक लेकर यह उपलब्धि हासिल की। कुसुम अपनी कामयाबी का बड़ा श्रेय स्कूल स्टाफ के साथ ही अपने परिजनों को देती है। कुसुम ने बताया कि उसके पिता बिजेंद्र राठी स्वास्थ्य विभाग पानीपत में बतौर एमपीएचडब्ल्यू काम कर रहे हैं, जबकि उसकी मां गृहणी हैं। यह दोनों ही उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित करते रहते है और उसका ही नतीजा है कि वह लगभग 15 घंटे पढ़ाई करती थी और आज टॉपर बन गई है। कुसुम का सपना है कि वह आईएएस बनकर देश की सेवा करे।
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पिता इतिहास के प्रवक्ता, बेटे ने साइंस में प्रदेश में दूसरा नंबर पाया
गोहाना। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में साइंस स्ट्रीम में प्रदेश में दूसरे नंबर पर आने वाले छात्र विनीत की कहानी कुछ अलग है। विनीत के पिता राजेंद्र सिंह जागसी गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में इतिहास के प्रवक्ता हैं, लेकिन बेटे विनीत ने साइंस को चुना और उसमें प्रदेश में दूसरे नंबर पर आया। विनीत का परिवार मूलरूप से जींद जिले के गांव सरफाबाद का रहने वाला है, लेकिन वह काफी समय पहले गोहाना में आकर रहने लगे थे। विनीत बुटाना के सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने लगा और उसने अपनी मेहनत के दम पर 489 अंक प्राप्त किए। विनीत ने बताया कि वह स्कूल जाने से पहले सुबह 5-6 बजे से तो रात में 11 बजे तक पढ़ाई करता था। वह स्कूल से आने के बाद एक घंटा क्रिकेट भी खेलता था, जिससे पढ़ाई का मानसिक दबाव न रहे। उसने कभी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और अब वह सिविल सेवा में जाना चाहता है, जिससे लोगों की सेवा कर सके। विनीत को यह भी टीस है कि वह टॉपर नहीं बना, क्योंकि उसे विश्वास था कि वह टॉपर बनेगा।
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आठ घंटे स्कूल और इतने ही घंटे घर पर पढ़ाई
छात्र हैप्पी डागर ने बताया कि वह दिन में आठ घंटे स्कूल में पढ़ता था तो घर भी इतने घंटे ही पढ़ाई करता था। पिता राजबीर व मां अनीता उसे पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करते रहे। वह पढ़ाई को कभी प्रेशर नहीं मानता और हमेशा रिलेक्स होकर पढ़ाई करता था। हैप्पी ने बताया कि देश में डाक्टरों की काफी कमी है और लोग लगातार बीमारियों की चपेट में आ रहे है। इससे उनको बेहतर उपचार नहीं मिल पाता है। वह डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहता है। हैप्पी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उसने एसएम हिंदू स्कूल में कक्षा 6 में एडमिशन लिया था और उस समय से लगातार अपनी क्लास में टॉपर रहा है। वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल विपिन शर्मा ने बताया कि हैप्पी उनके स्कूल का सबसे होनहार बच्चा है।
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एमपीएचडब्ल्यू की बेटी कुसुम बनी आर्ट स्ट्रीम की टॉपर
गन्नौर। पुरखास गांव की कुसुम ने 12वीं कक्षा की परीक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रदेश भर में आर्ट स्ट्रीम में प्रथम स्थान प्राप्त करके गांव के साथ ही जिले का नाम रोशन किया है। पुरखास में जब गांव की बेटी के टॉपर बनने का पता चला तो वहां खुशी का माहौल छा गया और लोग उसके घर बधाई देने के लिए पहुंचने लगे। संत विवेकानंद स्कूल में पढ़ने वाली कुसुम ने 483 अंक लेकर यह उपलब्धि हासिल की। कुसुम अपनी कामयाबी का बड़ा श्रेय स्कूल स्टाफ के साथ ही अपने परिजनों को देती है। कुसुम ने बताया कि उसके पिता बिजेंद्र राठी स्वास्थ्य विभाग पानीपत में बतौर एमपीएचडब्ल्यू काम कर रहे हैं, जबकि उसकी मां गृहणी हैं। यह दोनों ही उसे पढ़ाई के लिए प्रेरित करते रहते है और उसका ही नतीजा है कि वह लगभग 15 घंटे पढ़ाई करती थी और आज टॉपर बन गई है। कुसुम का सपना है कि वह आईएएस बनकर देश की सेवा करे।
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पिता इतिहास के प्रवक्ता, बेटे ने साइंस में प्रदेश में दूसरा नंबर पाया
गोहाना। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में साइंस स्ट्रीम में प्रदेश में दूसरे नंबर पर आने वाले छात्र विनीत की कहानी कुछ अलग है। विनीत के पिता राजेंद्र सिंह जागसी गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में इतिहास के प्रवक्ता हैं, लेकिन बेटे विनीत ने साइंस को चुना और उसमें प्रदेश में दूसरे नंबर पर आया। विनीत का परिवार मूलरूप से जींद जिले के गांव सरफाबाद का रहने वाला है, लेकिन वह काफी समय पहले गोहाना में आकर रहने लगे थे। विनीत बुटाना के सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ने लगा और उसने अपनी मेहनत के दम पर 489 अंक प्राप्त किए। विनीत ने बताया कि वह स्कूल जाने से पहले सुबह 5-6 बजे से तो रात में 11 बजे तक पढ़ाई करता था। वह स्कूल से आने के बाद एक घंटा क्रिकेट भी खेलता था, जिससे पढ़ाई का मानसिक दबाव न रहे। उसने कभी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और अब वह सिविल सेवा में जाना चाहता है, जिससे लोगों की सेवा कर सके। विनीत को यह भी टीस है कि वह टॉपर नहीं बना, क्योंकि उसे विश्वास था कि वह टॉपर बनेगा।