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Sonipat News: किसानों ने पाइपलाइन दबाने का रुकवाया काम, पुलिस ने हिरासत में लिया
Thu, 07 Nov 2024 02:27 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 07 Nov 2024 02:27 AM IST
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फोटो 30- सोनीपत के गोहाना के गांव कोहला में बैठक करते किसान। संवाद
गोहाना (सोनीपत)। गांव कोहला में किसानों ने बुधवार को पंचायत कर पाइपलाइन दबाने के काम को रुकवाने का निर्णय लिया और पोकलेन मशीन के सामने अड़ गए। कुछ किसान मशीन पर ही चढ़ गए। ऐसे में पुलिस प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए किसानों को मशीन के सामने से हटाया और करीब 42 किसानों को हिरासत में लेकर दोबारा काम शुरू करवाया। प्रशासन ने कुछ घंटे तक किसानों को हिरासत में रखा, इसके बाद छोड़ दिया।
गांव कोहला में बुधवार को किसानों ने अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर बलबीर, किसान कामगार अधिकार मोर्चा के संयोजक सतेंद्र लोहचब, भारतीय किसान यूनियन के युवा के प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद के नेतृत्व में पंचायत की, जिसमें किसान नेताओं ने कहा कि सरकार व प्रशासन किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा और जबरदस्ती काम शुरू करवाया जा रहा है। पंचायत में किसानों ने काम को रुकवाने का निर्णय लिया। किसान दोपहर बाद करीब 3 बजे एकत्रित होकर पोकलेन मशीन के सामने पहुंचे और काम रुकवा दिया। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए किसानों को मशीन के सामने से हटाकर हिरासत में लेना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने 26 महिलाओं व 16 पुरुषों को हिरासत में लिया और बरोदा थाने लेकर गए। कुछ घंटे बाद किसानों को छोड़ दिया गया।
यह है मामला
गुजरात से पानीपत रिफाइनरी में तेल की आपूर्ति पहुंचाने के लिए तेल कंपनी की तरफ से क्षेत्र के विभिन्न गांवों के खेतों से पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। काफी गांवों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। गांव कोहला में कई गांवों के किसान पाइपलाइन बिछाने पर मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा देने की मांग को लेकर 3 अगस्त से धरना दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को किसानों को हटवाकर तेल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू करवा दिया था। किसानों ने इसका विरोध जताया था। इस पर 24 किसानों को हिरासत में लेने के कुछ घंटे बाद छोड़ दिया था। बुधवार को किसान नेताओं ने गांव कोहला में पंचायत बुलाकर फिर काम रुकवा दिया, जिसके बाद किसानों को हिरासत में लिया गया है। एक सप्ताह पहले भी पुलिस प्रशासन गांव कोहला पहुंचा था, लेकिन किसानों ने प्रशासन से समय मांगा था।
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किसानों ने आज फिर बुलाई पंचायत
अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर बलबीर ने कहा कि किसानों की मांग जायज है, लेकिन सरकार प्रशासन व पुलिस की आड़ लेकर उनको दबा रही है। बातचीत का रास्ता न अपनाकर किसानों को डराने की कोशिश की जा रही है। वीरवार सुबह 10 बजे दोबारा गांव कोहला में पंचायत होगी, जिसमें आगामी निर्णय लिया जाएगा।
तेल कंपनी का गांव कोहला में पाइपलाइन दबाने का काम चल रहा है। किसान काम रुकवाने के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने 42 किसानों को कुछ घंटों के लिए हिरासत में लिया था। सभी को छोड़ दिया गया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है।
- ऋषिकांत, एसीपी, गोहाना
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गांव कोहला में बुधवार को किसानों ने अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर बलबीर, किसान कामगार अधिकार मोर्चा के संयोजक सतेंद्र लोहचब, भारतीय किसान यूनियन के युवा के प्रदेश अध्यक्ष रवि आजाद के नेतृत्व में पंचायत की, जिसमें किसान नेताओं ने कहा कि सरकार व प्रशासन किसानों की मांगों को गंभीरता से नहीं ले रहा और जबरदस्ती काम शुरू करवाया जा रहा है। पंचायत में किसानों ने काम को रुकवाने का निर्णय लिया। किसान दोपहर बाद करीब 3 बजे एकत्रित होकर पोकलेन मशीन के सामने पहुंचे और काम रुकवा दिया। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए किसानों को मशीन के सामने से हटाकर हिरासत में लेना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस ने 26 महिलाओं व 16 पुरुषों को हिरासत में लिया और बरोदा थाने लेकर गए। कुछ घंटे बाद किसानों को छोड़ दिया गया।
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यह है मामला
गुजरात से पानीपत रिफाइनरी में तेल की आपूर्ति पहुंचाने के लिए तेल कंपनी की तरफ से क्षेत्र के विभिन्न गांवों के खेतों से पाइपलाइन बिछाने का काम किया जा रहा है। काफी गांवों में पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। गांव कोहला में कई गांवों के किसान पाइपलाइन बिछाने पर मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा देने की मांग को लेकर 3 अगस्त से धरना दे रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने मंगलवार को किसानों को हटवाकर तेल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू करवा दिया था। किसानों ने इसका विरोध जताया था। इस पर 24 किसानों को हिरासत में लेने के कुछ घंटे बाद छोड़ दिया था। बुधवार को किसान नेताओं ने गांव कोहला में पंचायत बुलाकर फिर काम रुकवा दिया, जिसके बाद किसानों को हिरासत में लिया गया है। एक सप्ताह पहले भी पुलिस प्रशासन गांव कोहला पहुंचा था, लेकिन किसानों ने प्रशासन से समय मांगा था।
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किसानों ने आज फिर बुलाई पंचायत
अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष मास्टर बलबीर ने कहा कि किसानों की मांग जायज है, लेकिन सरकार प्रशासन व पुलिस की आड़ लेकर उनको दबा रही है। बातचीत का रास्ता न अपनाकर किसानों को डराने की कोशिश की जा रही है। वीरवार सुबह 10 बजे दोबारा गांव कोहला में पंचायत होगी, जिसमें आगामी निर्णय लिया जाएगा।
तेल कंपनी का गांव कोहला में पाइपलाइन दबाने का काम चल रहा है। किसान काम रुकवाने के लिए पहुंचे थे। पुलिस ने 42 किसानों को कुछ घंटों के लिए हिरासत में लिया था। सभी को छोड़ दिया गया है। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है।
- ऋषिकांत, एसीपी, गोहाना

फोटो 30- सोनीपत के गोहाना के गांव कोहला में बैठक करते किसान। संवाद

फोटो 30- सोनीपत के गोहाना के गांव कोहला में बैठक करते किसान। संवाद