फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   farmers protest, foreiners support

विदेश से आए परिजन भी कुंडली धरना पर बैठे किसानों के पास पहुंच रहे

Mon, 11 Jan 2021 11:38 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 11 Jan 2021 11:38 PM IST
विज्ञापन
farmers protest, foreiners support
विदेश से आने के बाद कुंडली बॉर्डर स्थित धरना स्थल पर पहुंची युवतियां। - फोटो : Sonipat
सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानूनों को रद्द करवाने की मांग को धरना दे रहे किसानों को लगातार समर्थन मिल रहा है। विदेशों में रह रहे किसानों के रिश्तेदार भी अब पंजाब आने के बाद कुंडली बॉर्डर धरने पर उनसे मिलने पहुंचने लगे हैं। सोमवार को कनाडा से आई युवतियां अपने परिजनों से मिलने पहुंची। इसके साथ ही बॉर्डर पर सिखों के साहित्य की पुस्तक भी निशुल्क वितरित की जा रही है।
विज्ञापन

कनाड़ा से पहुंची युवती जसलीन कौर ने बताया कि उनके परिजन यहां लगातार बारिश व ठंड के बीच डटे हुए हैं। उन्हें अपने परिजनों की चिंता हो रही थी। जिसके चलते वह यहां पहुंच गए। विदेशों से यहां पहुंचे किसानों के परिजनों न केवल किसानों को कई जरूरी सामान उपलब्ध करवाए बल्कि लंगर में सेवा भी की। कई विदेशियों ने अब यहीं अपने परिजनों के साथ डटे रहने का निर्णय लिया है। उधर, किसानों को जागरूक व प्रोत्साहित करने के लिए अलग-अलग तरीके धरनास्थल पर अपनाए जा रहे हैं। सिखों पर मुगलों के अत्याचार व सिखों द्वारा मुगलों को नाकों चने चबवाने की घटनाओं को दर्शाती प्रदर्शनी यहां लगाई गई हैं। विशाल प्रतिमाओं व घटनाक्रमों को दर्शाते प्रतीकों के जरिए किसानों को जागरूक किया गया और सिखों की बहादुरी के इतिहास के बारे में जानकारी दी गई।
विज्ञापन

अलग-अलग कलाकृतियां बना रही टीम
पंजाब से कला विशेषज्ञों की पूरी टीम कुंडली बॉर्डर धरने पर आई है। कलाकारों में शामिल चरणजीत सिंह ने बताया कि उनकी टीम के सभी सदस्य धरनास्थल की अलग-अलग साइटों पर कई तरह की कलाकृतियां बना रहे हैं। उनका उद्देश्य सिखों के महान शहीदों व बहादुरों की बहादुरी के बारे में सिख युवाओं को जानकारी देना है। उनकी टीम के सभी सदस्य किसानों के समर्थन में ये सुविधाएं निशुल्क दे रहे हैं। जिससे उनमें हौसला बढ़ाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

धरने पर अस्पताल में पहुंच रहे मरीज
धरनास्थल पर आठ बेड का अस्पताल शुरू होने के बाद से धरने पर बीमार होने वाले ज्यादातर मरीजों की ईलाज वहीं पर किया जा रहा है। इसके बाद से बाहर के अस्पतालों में पहुंचने वाले किसानों की संख्या कम हो गई है। 3 दिनों में रोजाना दर्जनभर किसानों को ही गंभीर रूप से बीमार होने के कारण बाहर के अस्पतालों में दाखिल करवाया गया है, जबकि मामूली बीमारी या चोट का ईलाज मौके पर ही किया जा रहा है। किसानों को बेहतर उपचार देने के लिए अस्पताल चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed