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Sonipat News: इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग को एनबीए से तीन वर्ष के लिए मिली मान्यता
Tue, 28 Nov 2023 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 28 Nov 2023 12:28 AM IST
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फोटो 29- प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, डीसीसीआरयूएसटी, मुरथल।
सोनीपत में दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी), मुरथल से इंजीनियरिंग करने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) ने विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम को तीन वर्ष के लिए मान्यता प्रदान कर दी है। एनबीए से मान्यता मिलने पर अमेरिका व इंग्लैंड सहित विभिन्न देशों के पाठ्यक्रमों के समकक्ष समानता मिलेगी। कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने गुणवत्ता की तरफ कदम बढ़ाने प्रारंभ कर दिए हैं।
कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के लिए एनबीए की मान्यता अहम रोल अदा करती है। विदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एनबीए से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम करने वाले को प्राथमिकता दी जाती है। एनबीए वाले पाठ्यक्रम को विदेश में गुणवत्तापरक माना जाता है। दोनों पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए अब विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने में आसानी होगी। एनबीए से मान्यता वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ताइवान, हांगकांग, आयरलैंड, जापान व इंग्लैंड शामिल हैं। प्लेसमेंट कंपनियां एनबीए से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की प्लेसमेंट को प्राथमिकता प्रदान करती हैं। एनबीए से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों में सरकार से आर्थिक सहायता मिलने में आसानी होती है।
निर्धारित योग्यता पूर्ण करने पर ही मिलती है मान्यता
कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) एक स्वायत्त संस्थान है। यह तकनीकी संस्थानों व पाठ्यक्रमों का मूल्यांकन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् की तरफ से अनुशंसित मानक व मानदंडों के अनुरूप करता है। एनबीए की मान्यता के लिए शिक्षण संस्थान के विभिन्न पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण किया जाता है। निर्धारित योग्यता पूर्ण करने पर ही किसी भी शिक्षण संस्थान के पाठ्यक्रम को एनबीए से मान्यता मिलती है। एनबीए विशेषज्ञ टीम ने विश्वविद्यालय का मूल्यांकन विभिन्न मानदंडों पर किया। लैब, कार्यशाला, पुस्तकालय व अन्य विद्यार्थी से संबंधित सुविधाओं का जायजा लेने के बाद ही मान्यता प्रदान की है।
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सितंबर में किया था निरीक्षण
कुलपति प्राे. श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने एनबीए की मान्यता के लिए आवेदन किया था। एनबीए की टीम ने 29 व 30 सितंबर को विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग का बारीकी से निरीक्षण किया था। निर्धारित मापदंडों पर खरा उतरने पर ही मान्यता प्रदान की है।
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कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम के लिए एनबीए की मान्यता अहम रोल अदा करती है। विदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एनबीए से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम करने वाले को प्राथमिकता दी जाती है। एनबीए वाले पाठ्यक्रम को विदेश में गुणवत्तापरक माना जाता है। दोनों पाठ्यक्रमों में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों के लिए अब विदेश में उच्च शिक्षा ग्रहण करने में आसानी होगी। एनबीए से मान्यता वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ताइवान, हांगकांग, आयरलैंड, जापान व इंग्लैंड शामिल हैं। प्लेसमेंट कंपनियां एनबीए से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की प्लेसमेंट को प्राथमिकता प्रदान करती हैं। एनबीए से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रमों में सरकार से आर्थिक सहायता मिलने में आसानी होती है।
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निर्धारित योग्यता पूर्ण करने पर ही मिलती है मान्यता
कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) एक स्वायत्त संस्थान है। यह तकनीकी संस्थानों व पाठ्यक्रमों का मूल्यांकन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् की तरफ से अनुशंसित मानक व मानदंडों के अनुरूप करता है। एनबीए की मान्यता के लिए शिक्षण संस्थान के विभिन्न पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण किया जाता है। निर्धारित योग्यता पूर्ण करने पर ही किसी भी शिक्षण संस्थान के पाठ्यक्रम को एनबीए से मान्यता मिलती है। एनबीए विशेषज्ञ टीम ने विश्वविद्यालय का मूल्यांकन विभिन्न मानदंडों पर किया। लैब, कार्यशाला, पुस्तकालय व अन्य विद्यार्थी से संबंधित सुविधाओं का जायजा लेने के बाद ही मान्यता प्रदान की है।
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सितंबर में किया था निरीक्षण
कुलपति प्राे. श्रीप्रकाश सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने एनबीए की मान्यता के लिए आवेदन किया था। एनबीए की टीम ने 29 व 30 सितंबर को विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन व इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग का बारीकी से निरीक्षण किया था। निर्धारित मापदंडों पर खरा उतरने पर ही मान्यता प्रदान की है।