गांव सिलाना में बिजली मीटर घरों से बाहर निकालने गई टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया और गांव से लौटा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की तरफ से जब तक कृषि कानून वापस नहीं किए जाएंगे, तब तक किसान म्हारा गांव-जगमग गांव योजना को गांव में लागू नहीं होने देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वह भारत बंद के दिन ही यह फैसला ले चुके थे और अब इसे लागू किया जा रहा है।
बिजली निगम की ओर से एक टीम जेई विनोद के नेतृत्व में गांव सिलाना में बिजली मीटरों को घरों से बाहर करने के लिए पहुंची थी। इससे पहले गांव में खंभे बदलने के साथ ही नए तार बिछाने का काम पूरा हो चुका है। ग्रामीणों ने इस योजना को गांव में लागू होने देने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि कृषि कानूनों के वापस होने तक म्हारा गांव-जगमग गांव योजना को गांव में लागू नहीं होने दिया जाएगा। इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि उनकी लड़ाई सरकार से है, वह सरकार के समक्ष अपनी मांग को 10 महीने से रख रहे हैं। उन्होंने फैसला ले लिया है कि म्हारा गांव-जगमग गांव योजना को अपने गांवों में तभी लागू होने दिया जाएगा, जब सरकार द्वारा उन पर थोपे गए तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया जाएगा।