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परिजनों के व्यवहार से आहत बुजुर्ग, वृद्धाश्रम में रहने, जमीन-जायदाद सरकार को देने का लिया फैसला

Tue, 03 Aug 2021 12:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 03 Aug 2021 12:54 AM IST
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Elders hurt by the behavior of relatives, decided to stay in old age home, give land and property to the government
अस्पताल में भर्ती महावीर नंबरदार। - फोटो : Sonipat
हर किसी के जीवन में कई ऐसे अहम मोड़ आते हैं, जब बड़े फैसले लेने पड़ते हैं, लेकिन भैंसवाल कलां के एक बुजुर्ग ने ऐसा फैसला लिया है, जोकि सभी को हैरान कर सकता है। इस व्यक्ति ने अपने हिस्से की प्रॉपर्टी को सरकार को देने का फैसला किया है। साथ ही वह खुद अपनी बाकी की जिंदगी वृद्धाश्रम में जीवन व्यतीत करना चाहता है। जिस परिवार के लिए उसने जीवनभर कमाई की, उन्हीं के व्यवहार से आहत होकर उसने यह फैसला लिया है।
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बोला- जब परिवार वाले ही साथ नहीं हैं तो जमीन-जायदाद का क्या करूंगा
हाल ही में दो ऑपरेशन करवाकर बहालगढ़ रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती दर्द से कराहते भैंसवाल कलां के नंबरदार महावीर ने बताया कि अब उसके परिवार ने उसका साथ छोड़ दिया है। कई दिनों से अस्पताल में अकेला हूं और परिवार वाला कोई संभालने वाला नहीं है। न पत्नी, न बच्चे कोई भी उसे देखने तक नहीं आया। महावीर के अनुसार जब साथ वाले बेड पर भर्ती मरीज के तीमारदारों ने उसके बेटे को फोन किया तो उसने जवाब दिया कि जब मौत हो जाएगी तो उठाकर ले जाएंगे। इन्हीं चीजों से आहत महावीर ने अब अपने हिस्से की जमीन को सरकार के नाम करने का फैसला किया है। महावीर के अनुसार परिवार वालों के लिए कमाई की, उन्हें आज घर चलाने लायक बनाया। जब वो ही साथ नहीं हैं तो जमीन-जायदाद का क्या करूंगा।
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सेना की नौकरी छोड़कर आना पड़ा था घर
महावीर ने बताया कि वह सेना में भर्ती हुआ था, लेकिन पिता गंभीर रूप से घायल हुए तो उनकी सेवा के लिए नौकरी छोड़कर घर आना पड़ा। इस बीच उनके भाई की मौत हो गई। उसके परिवार को संभालने की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर आ गई। भाई व उनका एक-एक लड़का है, जिन्हें उन्होंने सेना में भर्ती करवाया। वे अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके भाई का बेटा खरखौदा में रहता है, जबकि उनका बेटा हरियाणा पुलिस में है। उन्होंने बताया कि वह कई माह से बहालगढ़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती है, लेकिन उनके परिवार के किसी सदस्य ने उनका हालचाल नहीं जाना, जबकि उनकी रीढ़ और घुटने का ऑपरेशन हो चुका है। महावीर ने बताया कि उनकी पत्नी भी उनका साथ नहीं दे रही। ऐसे में वह अब अकेले ही रह गए हैं।
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