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बीपीएस राजकीय मेडिकल कॉलेज में जल्द शुरू होंगे आठ डिप्लोमा कोर्स
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गोहाना। बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के सभी आठों विभागों में जल्द ही डिप्लोमा कोर्स शुरू होंगे। इसके लिए एनबीई (राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड) ने काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। एनबीई से काउंसिलिंग पास करने वाले एमबीबीएस चिकित्सकों को ही महिला मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिलेगा। यह प्रक्रिया पूरी होने से न केवल महिला मेडिकल कॉलेज के स्टाफ में बढ़ोतरी होगी, बल्कि मरीजों को भी अधिक चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।
बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का अस्पताल भी स्थापित है। यहां मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आठ विभाग संचालित हैं। इनमें स्त्री रोग, पारिवारिक चिकित्सक (फैमिली मेडिसिन), नाक-कान-गला, आंख, रेडियोलॉजी, एनस्थीसिया व बच्चों का विभाग स्थापित हैं। इसके अलावा महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस समेत अन्य कोर्स भी होते हैं। इसके बावजूद अब तक यहां डिप्लोमा कोर्स की सुविधा नहीं थी।
डिप्लोमा कोर्स एमबीबीएस के बाद होता है, जो दो वर्षीय है। महिला मेडिकल कॉलेज में इसकी सुविधा न होने पर चिकित्सकों को डिप्लोमा कोर्स करने के लिए पीजीआई या अन्य दूरदराज स्थित अस्पतालों में जाना पड़ रहा था। इससे उन्हें परेशानी भी उठानी पड़ती थी। गत दिनों महिला मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने यहीं स्थापित आठों विभागों ने डिप्लोमा कोर्स चालू करने की कवायद शुरू की थी। इसके लिए आठों विभागों में 23 सीटों पर एनबीई को आवेदन किया तो महिला मेडिकल कॉलेज को इसकी कुछ ही दिन बाद मंजूरी मिल गई। अब इनके शुरू करने के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
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इन विभागों को मिली हैं इतनी सीटें
एनबीई ने महिला मेडिकल कॉलेज प्रशासन को स्त्री एवं प्रसूति विभाग, बाल रोग विभाग व निश्चेतन विभाग को चार-चार सीटें प्रदान की हैं। इसके अलावा फैमिली मेडिसिन को तीन, आंख, नाक-कान-गला, सांस-दमा रोग विभाग व रेडियोलॉजी विभाग को दो सीटों की अनुमति दी है। अब महिला मेडिकल कॉलेज में डिप्लोमा कोर्स शुरू होने से एमबीबीएस चिकित्सकों को काफी राहत मिली है। इसके अलावा मरीजों को भी फायदा होगा।
वर्जन
एनबीई ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को आठ विभागों में 23 सीटों पर दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स करने की अनुमति दी हुई है। अब इन सीटों पर दाखिले के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। काउंसलिंग में जो पास होकर चिकित्सक यहां पहुंचेंगे, उन्हें यहां दाखिला दिया जाएगा। इससे चिकित्सकों के साथ ही आम जनता को काफी लाभ मिलेगा।
- डॉ. राजीव महेंद्रु, निदेशक, बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां
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बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में 500 बेड का अस्पताल भी स्थापित है। यहां मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आठ विभाग संचालित हैं। इनमें स्त्री रोग, पारिवारिक चिकित्सक (फैमिली मेडिसिन), नाक-कान-गला, आंख, रेडियोलॉजी, एनस्थीसिया व बच्चों का विभाग स्थापित हैं। इसके अलावा महिला मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस समेत अन्य कोर्स भी होते हैं। इसके बावजूद अब तक यहां डिप्लोमा कोर्स की सुविधा नहीं थी।
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डिप्लोमा कोर्स एमबीबीएस के बाद होता है, जो दो वर्षीय है। महिला मेडिकल कॉलेज में इसकी सुविधा न होने पर चिकित्सकों को डिप्लोमा कोर्स करने के लिए पीजीआई या अन्य दूरदराज स्थित अस्पतालों में जाना पड़ रहा था। इससे उन्हें परेशानी भी उठानी पड़ती थी। गत दिनों महिला मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने यहीं स्थापित आठों विभागों ने डिप्लोमा कोर्स चालू करने की कवायद शुरू की थी। इसके लिए आठों विभागों में 23 सीटों पर एनबीई को आवेदन किया तो महिला मेडिकल कॉलेज को इसकी कुछ ही दिन बाद मंजूरी मिल गई। अब इनके शुरू करने के लिए काउंसिलिंग प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
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इन विभागों को मिली हैं इतनी सीटें
एनबीई ने महिला मेडिकल कॉलेज प्रशासन को स्त्री एवं प्रसूति विभाग, बाल रोग विभाग व निश्चेतन विभाग को चार-चार सीटें प्रदान की हैं। इसके अलावा फैमिली मेडिसिन को तीन, आंख, नाक-कान-गला, सांस-दमा रोग विभाग व रेडियोलॉजी विभाग को दो सीटों की अनुमति दी है। अब महिला मेडिकल कॉलेज में डिप्लोमा कोर्स शुरू होने से एमबीबीएस चिकित्सकों को काफी राहत मिली है। इसके अलावा मरीजों को भी फायदा होगा।
वर्जन
एनबीई ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को आठ विभागों में 23 सीटों पर दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स करने की अनुमति दी हुई है। अब इन सीटों पर दाखिले के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। काउंसलिंग में जो पास होकर चिकित्सक यहां पहुंचेंगे, उन्हें यहां दाखिला दिया जाएगा। इससे चिकित्सकों के साथ ही आम जनता को काफी लाभ मिलेगा।
- डॉ. राजीव महेंद्रु, निदेशक, बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां