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Sonipat News: ईसी की नियुक्तियों को हाईकोर्ट में चुनौती, राज्यपाल लेंगे अंतिम फैसला
Sun, 06 Apr 2025 12:03 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 06 Apr 2025 12:03 AM IST
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सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मुरथल की कार्यकारी परिषद (ईसी) में की गई नियुक्तियों को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई है। याचिकाकर्ता डॉ. रमेश कुमार और अन्य ने आरोप लगाया कि नियुक्तियां विश्वविद्यालय एक्ट का उल्लंघन कर की गई हैं।
याचिकाकर्ताओं के अनुसार ईसी में विश्वविद्यालय एक्ट के अनुसार तीन डीन और दो सीनियर फैकल्टी सदस्य होने चाहिए, लेकिन न तो डीन का सही रोटेशन हुआ और न ही योग्य प्रोफेसरों का चयन किया गया। कुछ सीनियर प्रोफेसरों की जगह जूनियर प्रोफेसरों को नामित कर दिया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय के वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता पहले ही 3 मार्च को इस संबंध में विश्वविद्यालय को शिकायत दे चुके हैं, जिसे सात दिनों के भीतर कुलाधिपति (राज्यपाल) को भेजा जाएगा। एक्ट की धारा 31 के तहत कुलाधिपति का निर्णय अंतिम माना जाएगा। कोर्ट ने भी इस प्रक्रिया पर सहमति जताई है।
वहीं विश्वविद्यालय की टीचिंग यूनियन के प्रधान प्रो. अजय डबास और कर्मचारी यूनियन के प्रधान आनंद राणा ने बताया कि वह जल्द राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। उनकी मांग है कि परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय रद्द किए जाएं और नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच हो। उनका आरोप है कि परिषद की बैठक में कुछ फैकल्टी सदस्यों को डिमोट किया गया और कई योग्य प्रोफेसरों को उच्च शैक्षणिक ग्रेड से वंचित किया गया।
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याचिकाकर्ताओं के अनुसार ईसी में विश्वविद्यालय एक्ट के अनुसार तीन डीन और दो सीनियर फैकल्टी सदस्य होने चाहिए, लेकिन न तो डीन का सही रोटेशन हुआ और न ही योग्य प्रोफेसरों का चयन किया गया। कुछ सीनियर प्रोफेसरों की जगह जूनियर प्रोफेसरों को नामित कर दिया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान विश्वविद्यालय के वकील ने बताया कि याचिकाकर्ता पहले ही 3 मार्च को इस संबंध में विश्वविद्यालय को शिकायत दे चुके हैं, जिसे सात दिनों के भीतर कुलाधिपति (राज्यपाल) को भेजा जाएगा। एक्ट की धारा 31 के तहत कुलाधिपति का निर्णय अंतिम माना जाएगा। कोर्ट ने भी इस प्रक्रिया पर सहमति जताई है।
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वहीं विश्वविद्यालय की टीचिंग यूनियन के प्रधान प्रो. अजय डबास और कर्मचारी यूनियन के प्रधान आनंद राणा ने बताया कि वह जल्द राज्यपाल से मुलाकात करेंगे। उनकी मांग है कि परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय रद्द किए जाएं और नियुक्तियों की निष्पक्ष जांच हो। उनका आरोप है कि परिषद की बैठक में कुछ फैकल्टी सदस्यों को डिमोट किया गया और कई योग्य प्रोफेसरों को उच्च शैक्षणिक ग्रेड से वंचित किया गया।
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