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Sonipat News: द्रोणाचार्य अवार्डी संदीप सांगवान का हुआ स्वागत
Mon, 20 Jan 2025 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 20 Jan 2025 01:21 AM IST
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फोटो 16- सोनीपत के गांव कुमासपुर स्थित एल्डिको काउंटी में समारोह के दौरान फूल माला पहनाकर प्रश
सोनीपत। द्रोणाचार्य पुरस्कार लेकर लौटे हॉकी प्रशिक्षक संदीप सांगवान का सोनीपत पहुंचने पर खेल प्रेमियों ने जोरदार स्वागत किया। संदीप सांगवान को हॉकी में उत्कृष्ट योगदान की बदौलत 17 जनवरी को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने द्रोणाचार्य अवॉर्ड देकर सम्मानित किया था। संदीप सांगवान ने वर्ष 2006 में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया था। संदीप सांगवान का फूल व रुपयों की माला पहनाकर स्वागत किया गया।
मूलरूप से गोहाना के गांव नूरनखेड़ा हाल एल्डिको काउंटी सोनीपत निवासी प्रशिक्षक संदीप सांगवान ने 19 वर्षों में देश को करीब 500 उत्कृष्ट खिलाड़ी दिए हैं। संदीप सांगवान को सनरूफ कार में बैठाकर स्वागत जुलूस निकाला गया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान उन्हें ढोल-नगाड़ों के साथ गेट नंबर-एक से क्लब हाउस तक ले जाया गया। संदीप सांगवान ने कहा कि द्रोणाचार्य पुरस्कार किसी भी प्रशिक्षक के लिए गर्व का पल है। पुरस्कार मिलने के बाद बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि द्रोणाचार्य पुरस्कार के बाद उनकी खेल व खिलाड़ियों के प्रति जिम्मेदारी ओर ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि प्रशिक्षक के कार्य को जब पहचान कर सम्मानित किया जाता है तो उससे एक अलग ऊर्जा व जोश मिलता है। उन्होंने कहा कि वह दोबारा भारतीय टीम के साथ जुड़कर खिलाड़ियों को तराशना चाहते हैं।
नहीं सोचा था कि मिलेगा द्रोणाचार्य जैसा बड़ा सम्मान
संदीप सांगवान ने कहा कि जब बतौर प्रशिक्षक सफर शुरू किया था तो कभी सोचा भी नहीं था कि द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का कार्य आसान नहीं है। पत्नी पूनम राणा व बेटी जीनल और पूर्वी ने कहा कि पुरस्कार उनके त्याग व परिश्रम का फल है। समारोह में भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान एवं द्रोणाचार्य अवार्डी प्रीतम सिवाच, कृपाल सिंह, सुरेंद्र नरवाल, सतेंद्र राठी, सूबे सिंह, जितेंद्र दहिया, सतीश गुप्ता, कंवल सिंह, हरीश दहिया व विनय मलिक मौजूद रहे।
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मूलरूप से गोहाना के गांव नूरनखेड़ा हाल एल्डिको काउंटी सोनीपत निवासी प्रशिक्षक संदीप सांगवान ने 19 वर्षों में देश को करीब 500 उत्कृष्ट खिलाड़ी दिए हैं। संदीप सांगवान को सनरूफ कार में बैठाकर स्वागत जुलूस निकाला गया। स्वागत कार्यक्रम के दौरान उन्हें ढोल-नगाड़ों के साथ गेट नंबर-एक से क्लब हाउस तक ले जाया गया। संदीप सांगवान ने कहा कि द्रोणाचार्य पुरस्कार किसी भी प्रशिक्षक के लिए गर्व का पल है। पुरस्कार मिलने के बाद बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने कहा कि द्रोणाचार्य पुरस्कार के बाद उनकी खेल व खिलाड़ियों के प्रति जिम्मेदारी ओर ज्यादा बढ़ गई है। उन्होंने सरकार का आभार जताते हुए कहा कि प्रशिक्षक के कार्य को जब पहचान कर सम्मानित किया जाता है तो उससे एक अलग ऊर्जा व जोश मिलता है। उन्होंने कहा कि वह दोबारा भारतीय टीम के साथ जुड़कर खिलाड़ियों को तराशना चाहते हैं।
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नहीं सोचा था कि मिलेगा द्रोणाचार्य जैसा बड़ा सम्मान
संदीप सांगवान ने कहा कि जब बतौर प्रशिक्षक सफर शुरू किया था तो कभी सोचा भी नहीं था कि द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का कार्य आसान नहीं है। पत्नी पूनम राणा व बेटी जीनल और पूर्वी ने कहा कि पुरस्कार उनके त्याग व परिश्रम का फल है। समारोह में भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान एवं द्रोणाचार्य अवार्डी प्रीतम सिवाच, कृपाल सिंह, सुरेंद्र नरवाल, सतेंद्र राठी, सूबे सिंह, जितेंद्र दहिया, सतीश गुप्ता, कंवल सिंह, हरीश दहिया व विनय मलिक मौजूद रहे।
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