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Sonipat News: बारिश के मौसम में बढ़ रही बीमारी
Thu, 07 Aug 2025 02:13 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 07 Aug 2025 02:13 AM IST
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फोटो 09: सोनीपत के नागरिक अस्पताल में ओपीडी में चिकित्सक कक्ष के बाहर बेंच पर बैठे मरीज। संवाद
सोनीपत। बारिश की वजह से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। वहीं, मौसम में बदलाव के चलते संक्रामक बीमारियां भी बढ़ रही हैं। बच्चों के लिए बीमारियों का खतरा भी बढ़ा है। जिले में वायरल फीवर, मलेरिया और डेंगू के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। जिला नागरिक अस्पताल अस्पताल से लेकर निजी क्लीनिक तक मरीजों की भीड़ लग रही है।
प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में बच्चे बुखार, सिरदर्द, उल्टी और बदन दर्द की शिकायत के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मामलों में वायरल संक्रमण मिल रहा है। इन दिनों बच्चों को वायरल बुखार, खांसी, जुकाम, पाव में दर्द, गले में खराश व दर्द बने रहना, तेज सिर दर्द बनना, चक्कर आना, उल्टी लगना, आंखें लाल रहना आदि कई तरह के लक्षण दिखाई दे रहें है। ओपीडी में मरीजों की संख्या 150 से 200 तक पहुंच गई है। दूसरी ओर, निजी अस्पतालों में भी लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
इन बीमारियों का बढ़ा खतरा
बदलते मौसम में छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण होता है। छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, निमोनिया और डायरिया के मरीज सामान्य अस्पताल में पहुंच रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। बारिश के सीजन को देखते हुए डेंगू व मलेरिया के मामले भी मिल रहे हैं।
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अब तक जिले में डेंगू के 11 और मलेरिया के आठ केस मिल चुके हैं। प्रभावित इलाकों में फॉगिंग और दवा छिड़काव का कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव और गंदगी फैली हुई है, जिससे मच्छरों का प्रकोप और अधिक बढ़ गया है। इस मौसम में बच्चों को कई तरह की बीमारियां होने का खतरा रहता है।
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल सैनी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वह बच्चों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, उन्हें बारिश के पानी से दूर रखें और किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
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प्रतिदिन दर्जनों की संख्या में बच्चे बुखार, सिरदर्द, उल्टी और बदन दर्द की शिकायत के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इनमें अधिकांश मामलों में वायरल संक्रमण मिल रहा है। इन दिनों बच्चों को वायरल बुखार, खांसी, जुकाम, पाव में दर्द, गले में खराश व दर्द बने रहना, तेज सिर दर्द बनना, चक्कर आना, उल्टी लगना, आंखें लाल रहना आदि कई तरह के लक्षण दिखाई दे रहें है। ओपीडी में मरीजों की संख्या 150 से 200 तक पहुंच गई है। दूसरी ओर, निजी अस्पतालों में भी लोग उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
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इन बीमारियों का बढ़ा खतरा
बदलते मौसम में छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण होता है। छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम, बुखार, खांसी, निमोनिया और डायरिया के मरीज सामान्य अस्पताल में पहुंच रहे हैं। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। बारिश के सीजन को देखते हुए डेंगू व मलेरिया के मामले भी मिल रहे हैं।
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अब तक जिले में डेंगू के 11 और मलेरिया के आठ केस मिल चुके हैं। प्रभावित इलाकों में फॉगिंग और दवा छिड़काव का कार्य शुरू कर दिया है। हालांकि, बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव और गंदगी फैली हुई है, जिससे मच्छरों का प्रकोप और अधिक बढ़ गया है। इस मौसम में बच्चों को कई तरह की बीमारियां होने का खतरा रहता है।
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विशाल सैनी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वह बच्चों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, उन्हें बारिश के पानी से दूर रखें और किसी भी लक्षण के दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।